बंगाल में तेज हुआ सियासी घमासान, बीजेपी में शामिल होने वाले सांसद के खिलाफ कोलकाता में प्रदर्शन

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 26, 2020   14:53
बंगाल में तेज हुआ सियासी घमासान, बीजेपी में शामिल होने वाले सांसद के खिलाफ कोलकाता में प्रदर्शन

भाजपा सांसद अर्जुन सिंह ने आरोप लगाया कि एक कार्यक्रम में भाग ले रहे कुछ तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनकी कार रोकी। वे उन्हें दफ्तर जाने से रोकने के लिए सड़क पर बैठ गए। उन्होंने मंडल की कार पर पत्थर भी चलाए।

कोलकाता। पिछले हफ्ते ही तृणमूल कांग्रेस से भाजपा में आए सांसद सुनील मंडल को शनिवार को उस वक्त पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा जब वह यहां भाजपा के एक कार्यालय जा रहे थे। पुलिस ने बताया कि घटना उस समय घटी जब मंडल हैस्टिंग्स में भाजपा के दफ्तर जा रहे थे। भाजपा सांसद अर्जुन सिंह ने आरोप लगाया कि एक कार्यक्रम में भाग ले रहे कुछ तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनकी कार रोकी। वे उन्हें दफ्तर जाने से रोकने के लिए सड़क पर बैठ गए। उन्होंने मंडल की कार पर पत्थर भी चलाए। 

इसे भी पढ़ें: टीएमसी ने लगाया भाजपा पर आरोप, पश्चिम बंगाल के किसानों को गुमराह कर रही है मोदी सरकार

उन्होंने कहा कि इसके बाद तृणमूल कार्यकर्ताओं और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली जिसके बाद मंडल को की कार वहां से निकल सकी। मंडल ने कहा, ‘‘इससे तृणमूल का असली रंग सामने आ गया। वे किसी भी लोकतांत्रिक नियम को नहीं मानते। जन प्रतिनिधि से क्या इस तरह का बर्ताव किया जाता है?’’ शुवेंदु अधिकारी और तृणमूल के पांच विधायकों के साथ मंडल 19 दिसंबर को भाजपा में शामिल हुए थे। तृणमूल ने इस घटना को दल-बदलुओं के खिलाफ लोगों का आक्रोश बताया। तृणमूल सांसद सौगत रॉय ने कहा, ‘‘यह दल-बदलुओं के खिलाफ लोगों का आक्रोश था और विरोध प्रदर्शन अकस्मात शुरू हुआ।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।