Prabhasakshi's Newsroom। बुरे कर्मों का बुरा अंजाम, राम रहीम को आजीवन कारावास।

Prabhasakshi's Newsroom। बुरे कर्मों का बुरा अंजाम, राम रहीम को आजीवन कारावास।

पंचकुला में सीबीआई की एक विशेष अदालत ने हत्या के एक मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह समेत 5 लोगों की सजा पर फैसला सुना दिया है। आपको बता दें कि अदालत ने राम रहीम समेत सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही राम रहीम पर 31 लाख रुपए और बाकी आरोपियों पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।

एक बार फिर से डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को सीबीआई की विशेष अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हालांकि राम रहीम पहले से ही सलाखों के पीछे हैं। वहीं बात उत्तर प्रदेश विधानसभा की करेंगे। नितिन अग्रवाल को उपाध्यक्ष चुन लिया गया है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें बधाई दी है और अंत में बात किसानों के रेल रोको अभियान की करेंगे। 

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राम रहीम को उम्रकैद

पंचकुला में सीबीआई की एक विशेष अदालत ने हत्या के एक मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह समेत 5 लोगों की सजा पर फैसला सुना दिया है। आपको बता दें कि अदालत ने राम रहीम समेत सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही राम रहीम पर 31 लाख रुपए और बाकी आरोपियों पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।

सीबीआई के वकील के अनुसार, राम रहीम सिंह ने डेरा द्वारा किए गए जनकल्याण कार्यों का हवाला देते हुए नरमी बरतने का अनुरोध किया था। बहरहाल सीबीआई ने इसका विरोध किया और आईपीसी की धारा 302 के तहत अधिकतम सजा देने की मांग की थी। इससे पहले भी राम रहीम को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में उम्रकैद की सजा हो चुकी है।

10 जुलाई 2002 में कुरुक्षेत्र के पास रणजीत सिंह की उनके गांव में हत्या की गई थी। रणजीत सिंह डेरा के साथ जुड़े हुए थे और मैनेजर के पद पर काम कर रहे थे। डेरा प्रबंधन को शक था कि रणजीत सिंह ने साध्वी यौन शोषण की गुमनाम चिट्ठी अपनी बहन से ही लिखवाई थी। रणजीत सिंह ने राम रहीम पर लगे इस आरोप के बाद डेरा को छोड़ दिया था। गुरमीत राम रहीम ने बड़ी कोशिश की कि रणजीत सिंह वापस आ जाए। लेकिन जब वो नहीं आया तो उनकी हत्या करवा दी गई। इस मामले में पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट रणजीत के पिता ने जनवरी 2003 में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई जांच की मांग की थी। 

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नितिन अग्रवाल बने विधानसभा के उपाध्यक्ष

भाजपा समर्थित सपा के बागी विधायक नितिन अग्रवाल को उत्तर प्रदेश विधानसभा का उपाध्यक्ष निर्वाचित किया गया है। आपको बता दें कि नितिन अग्रवाल ने सपा उम्मीदवार नरेंद्र वर्मा को हरा दिया। विधानसभा अध्यक्ष ह्रदय नारायण दीक्षित ने बताया कि कुल 368 सदस्यों ने मतदान किया जिसमें से 364 मत वैध पाए गए। इसमें से नितिन अग्रवाल को 304 तथा नरेंद्र वर्मा को 60 मत मिले। हालांकि बसपा और कांग्रेस विधायकों ने चुनाव का बहिष्कार किया। तीसरे कार्यकाल के विधायक नितिन अग्रवाल राज्य के पूर्व मंत्री नरेश अग्रवाल के बेटे हैं, जिन्होंने हाल ही में समाजवादी पार्टी से भाजपा का दामन थामा है। वह पूववर्ती समाजवादी पार्टी की अखिलेश यादव सरकार में मंत्री थे। परंपराओं के अनुसार प्रमुख विपक्षी दल के एक विधायक को विधानसभा का उपाध्यक्ष बनाया जाता है। 

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रेल रोको अभियान का दिखा असर

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के सिलसिले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों ने सोमवार को रेल रोको अभियान का आह्वान किया। जिसका उत्तरी रेलवे मंडल में 150 स्थानों पर असर पड़ा और 60 ट्रेनों की आवाजाही बाधित हुई जिससे यात्रियों को असुविधा हुई और उन्हें अपने सामान के साथ लंबे वक्त से इंतजार करते हुए देखा गया। उत्तर पश्चिम रेलवे के राजस्थान और हरियाणा में कुछ प्रखंडों में रेल यातायात बाधित रहा, 18 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया, 10 को आंशिक रूप से रद्द किया गया और एक ट्रेन का मार्ग परिवर्तित किया गया। पंजाब के लुधियाना, अमृतसर, जालंधर, मोगा, पटियाला और फिरोजपुर तथा हरियाणा के चरखी दादरी, सोनीपत, कुरुक्षेत्र, जींद, करनाल और हिसार में प्रदर्शन हुए। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान संघ के कार्यकर्ताओं ने रेलवे पटरियों पर धरना देकर अमृतसर-दिल्ली और जालंधर एक्सप्रेस रोक दी।

भारतीय किसान यूनियन के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि मेरठ और ग्रेटर नोएडा के दनकौर स्टेशनों पर प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन रोकी। गाजियाबाद के मोदीनगर में एक मालगाड़ी के सामने प्रदर्शन किया गया जो पहले ही अपने गंतव्य पर पहुंच गयी थी।





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