राबड़ी-तेजस्वी नहीं करेंगे तेज प्रताप को मनाने की कोशिश, अब लालू दरबार में ही होगा इस्तीफे पर फैसला

राबड़ी-तेजस्वी नहीं करेंगे तेज प्रताप को मनाने की कोशिश, अब लालू दरबार में ही होगा इस्तीफे पर फैसला
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आरजेडी दफ्तर में हुए मारपीट प्रकरण मामले में भी राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव तेज प्रताप यादव से दूरी बनाते दिखाई दे रहे हैं। लालू परिवार की ओर से अब तक तेज प्रताप के इस्तीफे को लेकर कोई बयान भी नहीं आया है। ऐसे में अब पूरा मामला दिल्ली शिफ्ट हो गया है।

लालू यादव के बड़े बेटे और बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव ने अचानक से इस्तीफे की बात कहकर बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। तेज प्रताप यादव की ओर से इस्तीफे वाली बात ऐसे समय में कही गई है जब पार्टी के ही कार्यकर्ता उनके ऊपर मारपीट और गाली गलौज करने का आरोप लगा रहे हैं। जब तेज प्रताप यादव ने इस्तीफे का ऐलान किया उसके बाद उन्हें इस बात की उम्मीद नजर आ रही थी कि राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव उन्हें मनाने की कोशिश जरूर करेंगे। लेकिन ऐसा होता दिखाई नहीं दे रहा है। तेज प्रताप यादव फिलहाल अकेले पड़ते दिखाई दे रहे हैं।

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आरजेडी दफ्तर में हुए मारपीट प्रकरण मामले में भी राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव तेज प्रताप यादव से दूरी बनाते दिखाई दे रहे हैं। लालू परिवार की ओर से अब तक तेज प्रताप के इस्तीफे को लेकर कोई बयान भी नहीं आया है। ऐसे में अब पूरा मामला दिल्ली शिफ्ट हो गया है। जानकारी के मुताबिक के पूरा का पूरा मामला अब लालू यादव के हाथों में है। लालू यादव तेज प्रताप के इस्तीफे पर आखिरी फैसला करेंगे। इसके अलावा पार्टी के कार्यकर्ता ने जो आरोप लगाए हैं, उस पर भी कोई निर्णय हो सकता है। सबसे खास बात तो यह भी है कि तेज प्रताप यादव के ट्वीट के लगभग 20 घंटे बाद भी लालू परिवार का कोई सदस्य उन्हें मनाने की पहल करता दिखाई नहीं दे रहा है।

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पटना में राजद के कुछ वरिष्ठ नेताओं को यह भी लगता है कि तेज प्रताप जितना पार्टी के लिए फायदेमंद नहीं है, उससे ज्यादा नुकसानदेह हैं। यही कारण है कि फिलहाल तेजस्वी और राबड़ी देवी भी तेज प्रताप से दूरी बनाते दिखाई दे रहे हैं। सूत्र तो यह भी बता रहे हैं कि तेजस्वी यादव इस बात को ज्यादा तूल देना नहीं चाहते हैं। यही कारण है कि इस पर लालू परिवार की ओर से कोई खास प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। लेकिन यह बात भी सच है कि अगर तेज प्रताप का इस्तीफा स्वीकार होता है तो लालू परिवार में बड़ा टूट हो सकता है। यह राबड़ी देवी तथा उनकी बेटी मीसा भारती कभी नहीं चाहेंगी। यही कारण है कि लालू यादव भी सोच समझ कर ही फैसला लेंगे।





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