NEET गड़बड़ी पर Rahul Gandhi का PM Modi पर पलटवार: छात्र नहीं, आपको उनसे माफ़ी मांगनी चाहिए

Rahul Gandhi
ANI
अंकित सिंह । Aug 1 2026 5:26PM

राहुल गांधी ने NEET प्रदर्शनकारियों को माफ़ करने संबंधी पीएम मोदी के बयान पर तीखा हमला बोला है, यह कहते हुए कि छात्रों को प्रधानमंत्री की माफ़ी नहीं चाहिए, बल्कि पीएम को छात्रों से माफ़ी मांगनी चाहिए। उन्होंने ज़ोर दिया कि असली मुद्दा शिक्षा व्यवस्था की विफलता और पेपर लीक है, जिसने हज़ारों छात्रों के भविष्य को अनिश्चितता में डाल दिया है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने यह बात NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ़ विरोध करने वाले छात्रों के बारे में प्रधानमंत्री की टिप्पणी को लेकर कही। उन्होंने प्रधानमंत्री पर छात्रों और उनके परिवारों की तकलीफ़ों को न समझने का आरोप लगाया। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने X पर एक पोस्ट में कहा कि असली मुद्दा प्रदर्शनकारियों का व्यवहार नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की विफलता है, जिसने हज़ारों छात्रों के भविष्य को अनिश्चितता में डाल दिया है।

इसे भी पढ़ें: CM Rekha Gupta ने Delhi Lakshmi Yojana Portal किया लॉन्च, महिलाओं को अब मिलेंगे 2500 हर महीने

राहुल ने एक्स पर लिखा कि अपने बच्चों को खोने वाले माता-पिता के आंसू, उनका बिलखना - इससे बड़ा कोई दुःख नहीं होता। ये एक ग़म उनके साथ हमेशा जिंदा रहेगा  - और साथ ही रह जाते हैं इस टूटी और भ्रष्ट education system के बारे में कई सवाल। पेपर लीक | रद्द परीक्षाएं | सालों की तैयारी एक पल में बर्बाद - हमारे छात्रों को उस सिस्टम में ईमानदारी से मेहनत करने के लिए कहा जाता है जो खुद बेईमान है। और उसके बाद भी प्रधानमंत्री की ये हिम्मत है कि वो छात्रों को "माफ़" करने की बात करते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि क्या वो एक भी शोकाकुल परिवार से मिले जिन्होंने अपने बच्चे को खोया है या उन लोगों से जिनकी जमा पूंजी, ज़िंदगी, वक्त और सपने सब पेपर लीक से छीन लिए गए? जवाब है नहीं! भारत के छात्रों को प्रधानमंत्री की क्षमा की ज़रूरत नहीं - मोदी जी को उनसे माफ़ी मांगनी चाहिए। उनके ये बयान, NEET में कथित गड़बड़ियों को लेकर हो रहे विरोध-प्रदर्शनों पर PM मोदी के इंस्टाग्राम पर देर रात जारी किए गए वीडियो मैसेज के एक दिन बाद आए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उनके और उनकी दिवंगत मां के बारे में इस्तेमाल की गई भाषा के बारे में सुनकर उन्हें बोलने के लिए मजबूर होना पड़ा।

PM मोदी ने कहा कि वह समाज में फैले गुस्से को समझ सकते हैं, लेकिन उन्होंने लोगों से गुस्से के बजाय सहानुभूति के साथ प्रतिक्रिया देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "जंतर-मंतर पर न केवल मेरे खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया, बल्कि मेरी दिवंगत मां के लिए भी बेहद खराब भाषा का इस्तेमाल किया गया। लेकिन अपशब्दों से कभी कोई समाधान नहीं निकलता; आइए, जो लोग भटक गए हैं, उन्हें सही रास्ता दिखाएं।"

इसे भी पढ़ें: PM Modi के वीडियो पर OP Rajbhar का बड़ा बयान: भटक गए छात्रों को मुख्यधारा में लाना Government की जिम्मेदारी

प्रदर्शनकारियों को "हमारे बच्चे" बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें सज़ा देने के बजाय माफ़ कर देना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमें उन युवाओं को माफ़ कर देना चाहिए जो भटक ​​गए थे; आख़िरकार, वे हमारे ही बच्चे हैं। उन्हें सही रास्ता दिखाना हमारा फ़र्ज़ है।" उन्होंने आगे कहा कि समाज को युवाओं को अपनाना चाहिए और उन्हें अदालतों में घसीटने या सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के बजाय अपनी गलतियों से सीखने में मदद करनी चाहिए।

देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। 

All the updates here:

अन्य न्यूज़