राहुल का वायनाड से चुनाव लड़ना तुष्टिकरण की राजनीति का संदेश है: नरेंद्र मोदी

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Apr 19 2019 8:24AM
राहुल का वायनाड से चुनाव लड़ना तुष्टिकरण की राजनीति का संदेश है: नरेंद्र मोदी
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मोदी ने कहा, ‘‘हम उन्हें हमारी हजारों साल की परंपरा और संस्कृति को नष्ट नहीं करने देंगे। यहां तक कि हमारी संस्कृति की रक्षा के लिए छोटे-छोटे बच्चे भी चौकीदार बनकर खड़े होंगे।’’

तिरुवनंतपुरम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर चुनावी हमला करते हुए कहा कि उनका केरल में वायनाड से लोकसभा चुनाव लड़ना दक्षिण भारत को किसी तरह का संदेश देना नहीं बल्कि यह तुष्टिकरण की राजनीति का संदेश है। राज्य में भाजपा के उम्मीदवारों के समर्थन के लिए यहां एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि वह जानना चाहते हैं कि गांधी ने केरल में ही तिरुवनंतपुरम या पथनमथित्ता सीट से चुनाव क्यों नहीं लड़ा। गांधी उत्तर प्रदेश के अमेठी में अपनी पारंपरिक सीट के साथ-साथ वायनाड से भी लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। इसके बारे में कांग्रेस का कहना है कि वह दक्षिण भारत के राज्यों को संदेश देना चाहते हैं कि उनके लिए वे भी उतने ही मूल्यवान हैं और उनका उतना ही सम्मान है। गांधी के वायनाड से चुनाव लड़ने पर भाजपा पहले से मुखर है। भाजपा का कहना है कि गांधी को अमेठी से चुनाव हारने का डर है इसलिए वह एक सुरक्षित सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।

भाजपा को जिताए

मोदी ने आरोप लगाया, ‘‘कांग्रेस के नामदार का कहना है कि वह दक्षिण भारत को संदेश देने के लिए वायनाड आए हैं। क्या वह यह संदेश राज्य की राजधानी तिरुवनंतपुरम या पनथनमथित्ता से नहीं दे सकते थे। यहां से उनका संदेश और भी बड़ा हो जाता। यह दक्षिण भारत के लिए संदेश नहीं है बल्कि यह तुष्टिकरण की राजनीति का संदेश है।’’ पथनमथित्ता और तिरुवनंतपुरम में भाजपा के नेतृत्व वाले राजग गठबंधन का मुकाबला माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन से है। एलडीएफ सरकार पर हमला बोलते हुए मोदी ने कहा कि वामपंथियों को ‘हमारी परंपराओं’ से बहुत परेशानी है। मोदी ने कहा, ‘‘वह पूजा-पाठ पसंद नहीं करते हैं। यह हम जानते हैं। (लेकिन) वह हमारे विश्वास को नहीं तोड़ सकते हैं। आज यहां लोग अपने भगवान का नाम नहीं ले सकते हैं। उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए गए और उन पर लाठी चार्ज किया गया।’’ उनका इशारा सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे का था। सबरीमला भगवान अय्यपा का मंदिर पथनमथित्ता में पड़ता है। हालांकि उन्होंने अपने पूरे भाषण में सबरीमाला या भगवान अय्यपा का जिक्र नहीं किया।
मोदी ने कहा, ‘‘हम उन्हें हमारी हजारों साल की परंपरा और संस्कृति को नष्ट नहीं करने देंगे। यहां तक कि हमारी संस्कृति की रक्षा के लिए छोटे-छोटे बच्चे भी चौकीदार बनकर खड़े होंगे।’’ प्रधानमंत्री ने लोगों को आश्वासन दिया कि जब 23 मई को भाजपा-राजग सरकार की वापसी होगी तो उनकी सरकार अदालत से लेकर संसद तक लोगों की आस्था की रक्षा के लिए लड़ेगी। उल्लेखनीय हैकि पिछले साल केरल की राज्य सरकार ने इस संबंध में उच्चतम न्यायालय के आदेश को लागू करने का काम शुरू किया था। मोदी ने कहा, ‘‘इस मुद्दे पर भाजपा का रुख स्पष्ट है लेकिन कांग्रेस खतरनाक दोहरी चाल चल रही है। वह दिल्ली में कुछ और कहती है और केरल में कुछ और।’’ मोदी ने कांग्रेस और वामपंथियों को अवसरवादी बताते हुए कहा कि दोनों केरल में एक-दूसरे के खिलाफ लड़ रहे हैं जबकि दिल्ली में दोनों साथ हैं। केरल में कुश्ती और दिल्ली में दोस्ती, यह राजनीति नहीं बल्कि स्वहित और पूर्ण रूप से अवसरवादिता है।


 

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