Rajya Sabha में बकाया बिल पर शव रोकने वाले Private Hospitals पर सख्त कानून की मांग

भाजपा सांसद राघव चड्ढा ने 10 अगस्त को राज्यसभा में निजी अस्पतालों द्वारा बकाया बिल का भुगतान न होने पर परिजनों को शव न सौंपने का मुद्दा उठाया और केंद्र सरकार से सख्त कानून बनाने की मांग की। सदन में अल्मोड़ा की एक घटना का हवाला देते हुए 23 हजार रुपये बकाया रहने पर अस्पताल द्वारा शव रोकने और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला सुलझने की जानकारी दी गई। इसी दौरान अन्य सदस्यों ने नकली दवाओं, बच्चों में मोबाइल की लत और ई-कचरा प्रबंधन जैसे जनहित के मुद्दे भी रेखांकित किए।
राज्यसभा में सोमवार को भाजपा के एक सदस्य ने निजी अस्पतालों में बिल का पूरा भुगतान नहीं होने की स्थिति में मरीज के शव परिजनों को नहीं सौंपे जाने का मुद्दा उठाया और सरकार से इस संबंध में प्रभावी कानून बनाए जाने की मांग की। भाजपा सदस्य राघव चड्ढा ने विशेष उल्लेख के जरिए यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, ‘‘आज कुछ निजी अस्पतालों ने इंसानों के शवों को जबरन वसूली का जरिया बना लिया है।’’ उन्होंने कहा कि इसी साल जनवरी में अल्मोड़ा की एक महिला को आपात स्थिति में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां दो घंटे के इलाज के बाद उनकी मृत्यु हो गई।
भाजपा सदस्य ने कहा, ‘‘अस्पताल ने उनके परिवार को 80 हजार रुपये का लंबा-चौड़ा बिल थमाया और परिवार ने व्यवस्था कर 57 हजार रुपये का भुगतान किया। लेकिन 23 हजार रुपये बकाया था। परिवार रोता रहा, लेकिन अस्पताल ने शव देने से इनकार कर दिया।
अस्पताल ने परिवार की गाड़ी रोकने की धमकी तक दी।’’ चड्ढा ने कहा कि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद ही शव और मृत्यु प्रमाण पत्र सौंपा गया। उन्होंने कहा कि यह किसी एक निजी अस्पताल की कहानी नहीं है और पिछले कुछ वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों से ऐसी कई खबरें सामने आ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति के लिए उच्चतम न्यायालय का निर्देश भी है लेकिन ऐसी घटनाएं हो रही हैं।
उन्होंने भारत सरकार से इस संबंध में एक सख्त कानून बनाए जाने की मांग की ताकि ऐसी स्थिति में अस्पताल शव देने से इनकार नहीं कर सके। विशेष उल्लेख के जरिए ही भाजपा के ही दिनेश शर्मा ने नकली दवाइयां से जुड़ा मुद्दा उठाया और कहा कि यह केवल धोखाधड़ी या चोरी का मामला नहीं बल्कि संगठित अपराध का जाल है जो नागरिकों के जीवन और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था दोनों को गंभीर क्षति पहुंचा रहा है। भाजपा के केसरी देव सिंह झाला ने बच्चों द्वारा मोबाइल फोन पर अधिक समय बिताए जाने की समस्या का जिक्र किया और इस समय में प्रभावी कदम उठाए जाने की मांग की।
वहीं भाजपा की कल्पना सैनी ने ई-कचरा का मुद्दा उठाया और उसके प्रभावी तरीके से निपटान की आवश्यकता पर जोर दिया। विशेष उल्लेख के जरिए ही कई अन्य सदस्यों ने भी लोक महत्व से जुड़़े अपने-अपने मुद्दे उठाए।
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