मुख्य सचिव राम सुभग सिंह ने प्रदेश में स्वर्ण जयंती समारोह तैयारियों की समीक्षा की

Ram Subhag Singh
मुख्य सचिव ने प्रशासनिक अधिकारियों को प्रदेश की 50 वर्षों की विकासात्मक यात्रा को दर्शाते हुए आयोजन आधारित कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला उपायुक्तों से सम्बन्धित जिलों में प्रदेश के स्वर्ण जयंती समारोह पर आधारित विभिन्न गतिविधियां आयोजित करने की योजना बनाने के निर्देश दिए

शिमला । मुख्य सचिव राम सुभग सिंह ने यहां प्रदेश के विभिन्न जिलों में हिमाचल प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व के 50 वर्ष पूर्ण होने से सम्बन्धित आयोजनों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। प्रशासनिक सचिवों ने शिमला से और जिला उपायुक्तों ने वर्चुअल माध्यम से अपने सम्बन्धित जिलों से बैठक में भाग लिया।

मुख्य सचिव ने प्रशासनिक अधिकारियों को प्रदेश की 50 वर्षों की विकासात्मक यात्रा को दर्शाते हुए आयोजन आधारित कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला उपायुक्तों से सम्बन्धित जिलों में प्रदेश के स्वर्ण जयंती समारोह पर आधारित विभिन्न गतिविधियां आयोजित करने की योजना बनाने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने विभागों और जिला उपायुक्तों ने जिला स्तर पर स्वर्ण जयंती समारोह के लिए की गई तैयारियों से मुख्य सचिव को अवगत करवाया। इन गतिविधियों में युवा उत्सव सड़क सुरक्षा कार्यक्रम, टूरिज्म मार्ट और पौध रोपण गतिविधियां आदि शामिल हैं। 

 

राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक ने लागू की ‘एक मुश्त ऋण अदायगी योजनाएं

 

हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक ने प्रदेश के किसानों कामगारों व बागवानों को राहत प्रदान करने के लिए दो एक मुश्त ऋण अदायगी योजनाएं लागू की है। इस योजना के तहत प्रदेश के किसानों व बागवानों को अपने ऋणों की बकाया राशि के एक मुश्त भुगतान पर ब्याज में छूट देने का प्रावधान है।

बैंक की अध्यक्षा शशिबाला ने आज यहां यह जानकारी देते हुए कहा कि बैंक ने कोरोना काल के दौरान प्रदेश के किसानों, बागवानों व कामगारों के लिए दो एक मुश्त ऋण अदायगी योजनाएं लागू की हैं जिससे प्रदेश के हजारों ऋण धारकों को ब्याज में छूट मिल सकेगी।

उन्होंने कहा कि पहली एक मुश्त ऋण अदायगी योजना के अन्तर्गत प्रदेश के उन किसानों को अपनी रहन रखी भूमि को छुड़ाने का सुनहरा अवसर मिलेगा जिनकी बैंक ने पूर्व में ऋण की अदायगी न करने पर भूमि नीलामी के माध्यम से खरीद ली थी। ऐसे किसानों को भूमि छुड़ाने हेतु एक मुश्त ऋण अदायगी करने पर 4 प्रतिशत से 6 प्रतिशत तक ब्याज में छूट का प्रावधान है। इस योजना के अन्तर्गत पिछले वर्ष के दौरान भी बैंक ने प्रदेश के किसानों को मूल्य 2.82 करोड़ रुपये की ब्याज में छूट दी थी। यह योजना 31 दिसम्बर, 2021 तक लागू रहेगी।

 

शशि बाला ने दूसरी एक मुश्त ऋण अदायगी योजना की जानकारी देते हुए बताया कि ऐसे किसान व बागवान जिन्होंने मार्च 2012 से पूर्व बैंक से ऋण लिया व किन्ही कारणवश वे अपनी ऋण की राशि नहीं चुका पाए हैं, ऐसे ऋण धारकों को भी बैंक द्वारा लगाए गए दण्डात्मक ब्याज में छूट का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि ऐसे किसानों से सिर्फ साधारण ब्याज ही वसूला जाएगा व दण्डात्मक ब्याज में पूर्ण रूप से छूट दी जाएगी।

उन्होंने प्रदेश के किसानों, बागवानों व कामगारों से अपील की है कि वे इन दोनों योजनाओं में दिए जाने वाले ब्याज में छूट का लाभ उठाए और अपने ऋण की बकाया राशि की एक मुश्त अदायगी सुनिश्चित करें ताकि प्रदेश में ऋणों को प्रदान करने में तेजी लाई जा सके।

कुल्लू घाटी को विश्व धरोहर के रूप मंे मनोनित करवाने के प्रयास किए जाएंगेः गोविन्द सिंह ठाकुर

भाषा, कला एवं संस्कृति मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने कुल्लू घाटी को यूनेस्को विश्व धरोहर के रूप में मनोनित करवाने के लिए एच.बी.टैक टीम के साथ बैठक की अध्यक्षता की।

उन्होंने कहा कि कुल्लू घाटी की काष्ठकुणी भवन शैली, ग्राम देवताओं की विशिष्ट परम्परा तथा इसका अदभूत प्राकृतिक सौन्दर्य कुछ ऐसी विशिष्टताएं हैं जिनके आधार पर कुल्लू घाटी को विश्व धरोहर के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है। बैठक में निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही इस बारे में एक विस्तृत प्रस्तावना तैयार कर प्रदेश सरकार को सौंपी जाएगी। बैठक में एच.बी. टैक टीम की ओर से एक प्रस्तुति भी दी गई। निदेशक भाषा एवं संस्कृति विभाग डाॅ. पंकज ललित तथा एच.बी. टैक टीम की ओर से भृगु आचार्य तथा अक्षत इस बैठक में उपस्थित थे।

 

मुख्यमंत्री को 32 आईसीयू पेशंेट माॅनिटर्ज भेंट किए

आईसीआईसीआई फाउंडेशन और आईसीआईसीआई बैंक द्वारा अस्पतालों में मरीजों के उपयोग के लिए आज यहां 32 आईसीयू पेशेंट माॅनिटर्ज मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को भेंट किए गए।

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने इस पुनीत कार्य के लिए आईसीआईसीआई फाउंडेशन और बैंक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योगदान प्रदेश के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के प्रदेश सरकार के प्रयासों में सहायक सिद्ध होगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव जे.सी. शर्मा, आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. जनक राज, संस्थागत बैंकिंग आईसीआईसीआई की क्षेत्रीय प्रमुख कोमल शर्मा, पुनीत जग्गी और श्रीकान्त रेड्डी इस अवसर पर अन्य सहित उपस्थित थे। 

   

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