CJP को नाम बदलकर Istifa Janata Party कर लेना चाहिए, CEC विवाद पर बोले Ramdas Athawale

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने पार्टी का नाम बदलकर इस्तीफा जनता पार्टी करने का सुझाव दिया। अठावले ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के मुद्दों को सुलझाने के लिए पूरी ईमानदारी से काम कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने मंगलवार को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) पर तंज कसते हुए युवाओं के नेतृत्व वाले इस समूह का नाम बदलने का सुझाव दिया। अठावले ने कहा कि CJP को अपना नाम बदलकर 'इस्तीफ़ा जनता पार्टी' कर लेना चाहिए। यह टिप्पणी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग के बीच आई है, क्योंकि वे भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के भीतर कथित असहमति को लेकर एक बड़े विवाद में घिरे हुए हैं।
इसे भी पढ़ें: Arvind Kejriwal का बड़ा बयान, CEC नहीं सीधे PM Modi के इस्तीफे के लिए आंदोलन करे CJP
CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके ने CEC के इस्तीफ़े की मांग करते हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। इससे पहले जुलाई में, NEET UG पेपर लीक के आरोपों को लेकर CJP के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन के कारण केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना पड़ा था। मंगलवार को CJP पर निशाना साधते हुए अठावले ने कहा कि CJP सिर्फ़ इस्तीफ़े की मांग करती रहती है। उन्हें इसका नाम बदलकर 'इस्तीफ़ा जनता पार्टी' कर देना चाहिए।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री ने कहा कि दिपके हाल ही में राजनीति में आए हैं, जबकि वे खुद लंबे समय से दलितों और अन्य पिछड़े वर्गों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं। उन्होंने कहा, दिपके महाराष्ट्र से हैं, बौद्ध और दलित हैं। उन्होंने अमेरिका में पढ़ाई की है और इस क्षेत्र में नए हैं। केंद्र सरकार का बचाव करते हुए अठावले ने कहा कि हम देश के सामने मौजूद अलग-अलग मुद्दों से वाकिफ हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें सुलझाने के लिए पूरी ईमानदारी से कड़ी मेहनत कर रहे हैं। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ़ इंडिया के नेता ने यह भी दावा किया कि पीएम मोदी 2029 में लगातार चौथी बार प्रधानमंत्री बनेंगे।
इसे भी पढ़ें: अगर ज्ञानेश नहीं जाते हैं...CEC के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन पर दिपके को मिला आदित्य ठाकरे का समर्थन
CJP ने CEC ज्ञानेश कुमार से इस्तीफ़ा देने की मांग की है। यह मांग SIR प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों और वोटर लिस्ट से जुड़े फैसलों को लेकर चुनाव आयोग के अंदर मतभेदों की खबरों के बीच की गई है। सुप्रीम कोर्ट अगले हफ़्ते एक याचिका पर सुनवाई करने के लिए भी सहमत हो गया है, जिसमें ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग के कामकाज और देशव्यापी SIR को चुनौती दी गई है।
अन्य न्यूज़













