Ramesh Chennithala ने निजी चैनल पर पुलिस Raid में ज्यादती के आरोपों को नकारा

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केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने शुक्रवार को एक निजी मलयालम समाचार चैनल के दफ्तर में हुई पुलिस तलाशी को पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरबीसी के खिलाफ धोखाधड़ी मामले में वारंट के आधार पर पांच जगहों पर पारदर्शी तरीके से कार्रवाई हुई।

केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने शुक्रवार को एक निजी मलयालम समाचार चैनल के दफ्तर में हाल ही में हुई छापेमारी के दौरान पुलिस की ज्यादती के आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि तलाशी कानूनी प्रक्रियाओं के तहत की गई थी। चेन्निथला ने कहा कि सरकार ने रिपोर्टर ब्रॉडकास्टिंग कंपनी (आरबीसी) के प्रायोजन में लियोनेल मेस्सी की कप्तानी वाली अर्जेंटीना फुटबॉल टीम के केरलम दौरे के विफल होने से जुड़े विवाद के संबंध में ‘बहुत पारदर्शी’ कदम उठाए हैं। उन्होंने मीडिया को निशाना बनाने के आरोपों से इनकार किया।

उन्होंने यहां एक प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘सरकार ने एडीजीपी (कानून-व्यवस्था) के तहत वरिष्ठ अधिकारियों वाली एक एसआईटी को जांच करने की पूरी आजादी दी है।’’ उन्होंने कहा कि उन्हें जांच के बारे में रोजाना खुफिया जानकारी मिलती है। उन्होंने यह स्पष्ट भी किया कि सरकार ने पुलिस को किसी खास व्यक्ति को गिरफ्तार करने या न करने का कोई निर्देश नहीं दिया है। चेन्निथला ने कहा, ‘‘उस टीवी दफ्तर में जो हुआ, वह धोखाधड़ी के मामले से जुड़ी तलाशी थी।

आरबीसी इस मामले में दूसरा आरोपी है। इसीलिए पुलिस ने वहां तलाशी ली।’’ केरलम के गृह मंत्री ने बताया कि कलामासेरी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी और अदालत से तलाशी वारंट मिलने के बाद एक साथ पांच जगहों पर तलाशी ली गई थी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र गवाह मौजूद थे और पूरी कार्यवाही की वीडियोग्राफी की गई थी।

उन्होंने कहा, ‘‘छापेमारी के दौरान पुलिस की ओर से कोई ज्यादती नहीं हुई। किसी भी पत्रकार के साथ मारपीट या बुरा बर्ताव नहीं किया गया। पुलिस ने तलाशी के दौरान उनसे अपने फोन एक तरफ रखने को कहा, लेकिन तुरंत वापस भी कर दिए।

चैनल के प्रसारण में एक मिनट के लिए भी कोई रुकावट नहीं आई।’’ चेन्निथला ने कहा कि अगर पुलिस की ओर से कोई चूक हुई है, तो वह निश्चित रूप से इसकी जांच कराएंगे और सभी कार्रवाइयां न्यायिक जांच के दायरे में हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं द्वारा मीडिया के माध्यम से शिकायतें उठाए जाने के बाद उन्होंने जानकारी मांगी थी और यह स्पष्ट हो गया कि पुलिस की ओर से कोई ज्यादती नहीं हुई थी। पिछली एलडीएफ सरकार के दौरान हुई घटनाओं का ज़िक्र करते हुए चेन्निथला ने कहा कि केरल ने एक वरिष्ठ पत्रकार को हथकड़ी लगाकर गिरफ्तार किए जाने और 70 दिन तक जेल में रखे जाने की घटना देखी थी।

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