50 पूर्व सैन्य अधिकारियों ने Delhi Gymkhana Club बेदखली मामले में PM Modi को पत्र लिखा

भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के 50 सेवानिवृत्त अधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर दिल्ली जिमखाना क्लब की बेदखली रोकने में हस्तक्षेप का आग्रह किया है। केंद्र सरकार ने 22 मई को रक्षा बुनियादी ढांचे की जरूरतों का हवाला देते हुए इस ऐतिहासिक क्लब का पट्टा रद्द कर 27.3 एकड़ जमीन खाली करने का आदेश दिया था। पूर्व सैन्य अधिकारियों ने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है, जबकि इस बेदखली आदेश को दिल्ली उच्च न्यायालय में भी चुनौती दी गई है।
भारतीय सेना के 50 सेवानिवृत्त अधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर दिल्ली जिमखाना क्लब के खिलाफ प्रस्तावित बेदखली की कार्रवाई में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि वह प्राधिकारों को इस फैसले पर “फिर से विचार करने”, “रचनात्मक विकल्पों” पर गौर करने और इस ऐतिहासिक प्रतिष्ठान को बचाने के लिए कदम उठाने का निर्देश दें। मोदी को पत्र लिखने वाले ये सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी दिल्ली जिमखाना क्लब के सदस्य हैं।
उन्होंने लिखा है कि एक सदी से भी अधिक पुराना यह क्लब ऐसे सदस्यों को “बेहद कीमती संपर्क नेटवर्क” प्रदान करता है और इसे बंद करने से उस समुदाय पर “गहरा मानवीय असर” पड़ेगा, जिसने देश की सेवा में अपने जीवन के सर्वोत्तम वर्ष समर्पित किए हैं। यह विवाद केंद्र सरकार के 22 मई के उस आदेश से उपजा है, जिसमें जिमखाना क्लब का स्थायी पट्टा रद्द कर दिया गया है और उसे 27.3 एकड़ की संपत्ति खाली करने का निर्देश दिया गया है। सरकार का कहना है कि इस जमीन की जरूरत “रक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत और सुरक्षित करने” और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े अन्य जरूरी कामों के लिए है।
इस कदम को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती देते हुए कहा गया है कि यह मनमाना है और इसमें उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है। आठ जुलाई को लिखे पत्र पर थलसेना, वायुसेना और नौसेना में सेवाएं दे चुके 50 सेवानिवृत्त अधिकारियों के हस्ताक्षर हैं।
अन्य न्यूज़













