Rishikesh में Jagga समेत गिरोह के 3 सदस्य गिरफ्तार, जबरन वसूली का था आरोप

उत्तराखंड पुलिस ने ऋषिकेश में विवादों में हस्तक्षेप कर अवैध वसूली और ब्लैकमेलिंग करने वाले गिरोह के सरगना जगजीत उर्फ जग्गा और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरोह के एक अन्य फरार साथी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
उत्तराखंड पुलिस ने कथित रूप से भूमि और पारिवारिक विवादों में हस्तक्षेप करके लोगों को डराने-धमकाने, मारपीट करने, अवैध वसूली और ब्लैकमेलिंग जैसे संगठित अपराधों में शामिल एक गिरोह के सरगना और तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, ऋषिकेश निवासी जगजीत उर्फ जग्गा खुद को ‘किंग ऑफ उत्तराखंड’ बताकर लोगों में भय पैदा करता था।
पुलिस ने बताया कि जग्गा का लंबा आपराधिक इतिहास है और उसके खिलाफ 10 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। गौरतलब है कि जग्गा के नेतृत्व में कुछ लोगों ने नौ अगस्त को शहर में कथित अवैध वसूली में शामिल दो आरोपियों ‘रंगा-बिल्ला’ के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए ऋषिकेश कोतवाली में विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि ‘रंगा-बिल्ला’ का विरोध करने वाले जग्गा के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज किए गए, जबकि कथित वसूली में शामिल लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इससे पहले, शहर के विभिन्न स्थानों पर कुछ बैनर और पोस्टर लगाए गए थे, जिनमें एआई से बनाई गई दो तस्वीरों को कथित तौर पर ‘रंगा-बिल्ला’ नाम देते हुए उन पर शहर में जारी कुछ निर्माण कार्यों में कथित वसूली के आरोप लगाए गए थे। ऋषिकेश के पुलिस क्षेत्राधिकारी तुषार बोरा ने बताया कि जग्गा (39), प्रणव उर्फ राघव बत्रा (20) और दीपेश कुमार (27) को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उनके एक अन्य साथी रवि गुप्ता की तलाश में पुलिस की टीम लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। उन्होंने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ ऋषिकेश थाने में गैंगस्टर अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और वे ऋषिकेश के निवासी हैं।
बोरा के मुताबिक, जग्गा अपने साथियों के साथ मिलकर भूमि और पारिवारिक विवादों में पक्षकारों को डराने-धमकाने तथा अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर विवादों को जबरन सुलझाने का प्रयास करता था। आरोप है कि लोगों की फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उनसे अवैध वसूली और ब्लैकमेलिंग की जाती थी। बोरा ने बताया कि इसके अलावा घरों में घुसकर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने जैसी गतिविधियों में भी गिरोह के सदस्यों की संलिप्तता का पता चला है।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, गिरोह ने क्षेत्र में भय का ऐसा माहौल बना रखा था कि कई लोग इनके खिलाफ शिकायत करने से भी डरते थे। हालांकि, उन्होंने बताया कि जग्गा और उसके साथियों का एक लंबा आपराधिक इतिहास है और 2016 से 2026 के बीच उनके खिलाफ 11 आपराधिक मामले दर्ज किए गए। बोरा ने बताया कि पुलिस ने जग्गा के घर से ‘किंग ऑफ उत्तराखंड’ का बोर्ड भी बरामद किया है।
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