ED की कार्रवाई को लेकर संसद में महासंग्राम, मल्लिकार्जुन खड़गे और पीयूष गोयल के बीच हुई बहस

Rajya Sabha
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अनुराग गुप्ता । Aug 04, 2022 12:40PM
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मुझे ईडी का समन मिला, उन्होंने मुझे दोपहर 12.30 बजे बुलाया। मैं कानून का पालन करना चाहता हूं, लेकिन जब संसद सत्र चल रहा हो तो क्या उनके लिए समन करना सही है? क्या पुलिस के लिए सोनिया गांधी और राहुल गांधी के आवासों का घेराव करना सही है ?

नयी दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई को लेकर विपक्षी सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ईडी की कार्रवाई को चर्चा में लिए जाने की मांग की। जिसको लेकर उच्च सदन में हंगामा हुआ और विपक्षी सदस्यों ने 'ईडी गिरी नहीं चलेगी, नहीं चलेगी' 'तानाशाही नहीं चलेगी, नहीं चलेगी' और 'PM जवाब दो, जवाब दो' के जमकर नारे लगाए।

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मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मुझे ईडी का समन मिला, उन्होंने मुझे दोपहर 12.30 बजे बुलाया। मैं कानून का पालन करना चाहता हूं, लेकिन जब संसद सत्र चल रहा हो तो क्या उनके लिए समन करना सही है? क्या पुलिस के लिए सोनिया गांधी और राहुल गांधी के आवासों का घेराव करना सही है ? हम डरेंगे नहीं, हम लड़ेंगे। इसी बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार किसी भी प्रकार से कानून प्रवर्तन एजेंसियों के काम में दखल नहीं देती है। शायद जब इनकी सरकारें चलती थी तो इन्होंने दखल दिया होगा लेकिन हमारी सरकार दखल नहीं देती है।

आपको बता दें कि सुबह 11 बजे जैसे ही उच्च सदन की कार्यवाही आरंभ हुई, कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल सहित कुछ अन्य सदस्यों ने केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का मुद्दा उठाना चाहा। लेकिन सभापति एम वेंकैया नायडू ने उनसे कहा कि आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाने के बाद वह उन्हें बोलने का मौका देंगे। 

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सभापति ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए और उसके बाद बताया कि उन्हें मल्लिकार्जुन खड़गे और केसी वेणुगोपाल की ओर से केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग के संबंध में और आम आदमी पार्टी के संजय सिंह और कुछ अन्य नेताओं की तरफ से रक्षा सेवाओं में भर्ती की अग्निपथ योजना और अन्य मुद्दों पर नियम 267 के तहत कार्यस्थगन के नोटिस मिले हैं। नायडू ने सभी नोटिस अस्वीकार करते हुए कहा कि इन मुद्दों को अन्य अवसरों पर उठाया जा सकता है। इसके बाद उन्होंने खड़गे को अपनी बात रखने का मौका दिया।

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