Sambhal Violence के मास्टरमाइंड Sharik Sata के खिलाफ Interpol ने जारी किया रेड कॉर्नर नोटिस

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उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुरोध पर सीबीआई के समन्वय से अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने संभल उपद्रव के मुख्य साजिशकर्ता को पकड़ने के लिए यह कदम उठाया है। फर्जी पासपोर्ट के जरिए दुबई भागे इस गैंगस्टर पर 55 से 60 आपराधिक मामले दर्ज हैं और अब उसे भारत प्रत्यर्पित कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में 24 नवंबर 2024 को संभल में हुई हिंसा के कथित मास्टरमाइंड और भगोड़े गैंगस्टर शारिक साटा के खिलाफ ‘रेड कॉर्नर’ नोटिस जारी किया गया है। पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। संभल के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कृष्ण कुमार बिश्नोई ने संवाददाताओं को बताया कि 24 नवंबर, 2024 की हिंसा के मुख्य मास्टरमाइंड शारिक साटा को पूर्व में अदालत ने भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया था और उसकी संपत्ति की कुर्की के लिए कार्यवाही शुरू कर दी थी।

बिश्नोई अब बिजनौर के एसपी हैं। बिश्नोई ने बताया कि जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उप्र पुलिस ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से उसके खिलाफ ‘रेड कॉर्नर’ नोटिस जारी करने का अनुरोध किया था। पुलिस के अनुसार, साटा फर्जी पासपोर्ट के जरिए दुबई भाग गया था और उसके परिवार के सदस्य भी अक्सर वहां यात्रा करते रहे हैं।

पुलिस ने उस पर लगातार नजर बनाए रखी और सीबीआई को एक विस्तृत दस्तावेज सौंपा। इसके बाद सीबीआई ने इंटरपोल के साथ समन्वय कर ‘रेड कॉर्नर’ नोटिस जारी कराया। बिश्नोई ने कहा, अब वह जिस भी देश में है, वहां से उसे गिरफ्तार करने और प्रत्यर्पित करने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उसे 24 नवंबर की घटना के साथ-साथ उसके खिलाफ पहले से दर्ज 55 से 60 अन्य आपराधिक मामलों के लिए कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़े।

संभल में 24 नवंबर 2024 को तनाव पैदा हो गया था, जब शाही जामा मस्जिद के अदालत के आदेश पर किए गए सर्वेक्षण के दौरान प्रदर्शनकारी स्थानीय लोग सुरक्षाकर्मियों से भिड़ गए थे, क्योंकि दावा किया गया था कि उस स्थान पर पहले एक हरिहर मंदिर था। अशांति में चार लोग मारे गए और दर्जनों घायल हो गए। जांच के दौरान, शारिक साटा मामले में मुख्य साजिशकर्ता के रूप में उभरा।

बिश्नोई ने कहा, साटा के खिलाफ ‘लुकआउट सर्कुलर’ पहले ही जारी किया जा चुका है। ‘रेड कॉर्नर’ नोटिस इंटरपोल की ओर से दुनिया भर की कानून प्रवर्तन एजेंसियों से किया गया एक अंतरराष्ट्रीय अनुरोध है, ताकि अभियोजन या सजा के लिए वांछित व्यक्ति का पता लगाया जा सके और उसे अस्थायी रूप से गिरफ्तार किया जा सके। पुलिस के अनुसार, साटा विदेश से संचालन करते हुए पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और उत्तर प्रदेश में वाहन चोरी सहित कई संगठित आपराधिक गतिविधियों में शामिल था।

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