बाहुबली मुख्तार अंसारी पर SC का बड़ा फैसला, दो हफ्ते में UP शिफ्ट करने का आदेश

Mukhtar Ansari
अभिनय आकाश । Mar 26, 2021 2:22PM
पंजाब की जेल में बंद मऊ से बसपा के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को सुप्रीम कोर्ट से करारा झटका लगा है। कोर्ट की तरफ से अंसारी को यूपी जेल भेजने का आदेश दिया गया।

बाहुबली मुख्तार अंसारी पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला आया है। सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार की दलील खारिज करते हुए अंसारी को दो हफ्ते में उत्तर प्रदेश वापस शिफ्ट करने का आदेश दिया। फिलहाल वो पंजाब की रोपड़ जेल में बंद हैं। प्रयागराज की एमपी/एमएलए कोर्ट ये तय करेगी की मुख्तार अंसारी को बांदा या किसी और जेल में रखा जाए। पंजाब सरकार की दलीलों से कोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ जिसके बाद फैसला उत्तर प्रदेश सरकार के पक्ष में आया। पंजाब सरकार ने यूपी में लंबित अपने सभी मामले पंजाब स्थानांतरित करने की मांग सुप्रीम कोर्ट से की थी। 

क्या है पूरा मामला

योगी सरकार ने कहा कि मुख्तार अंसारी को 2019 में एक मामूली केस में पेशी के लिए यूपी की बांदा जेल से पंजाब की रोपड़ जेल लाया गया था। तब से वह वहीं है। यूपी पुलिस की तमाम कोशिशों के बाद भी रोपड़ जेल सुपरिटेंडेंट उसे भेजने से मना करते रहे हैं। यूपी सरकार ने मुख्तार को उत्तर प्रदेश ले जाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। याचिका के जरिये कहा गया कि न्याय के हित में अपनी विशेष शक्ति का इस्तेमाल कर मुख्तार को वापस यूपी भेजे। मोहाली में मुख्तार के खिलाफ दर्ज केस को भी मोहाली से प्रयागराज ट्रांसफर किया जाए। प्रयागराज में एमपी/एमएलए कोर्ट में अपराध के 10 मुकदमें दर्ज हैं। 

पंजाब की जेल में बाहुबली की ऐश

यूपी के बाहर भी मुख्तार के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद से माना गया कि मुख्तार पर शिकंजा कस रहा है। लेकिन बाद में इस बात का पता चला कि यूपी के साथ तो बड़ा खेल हो गया। बेहद ही चतुराई के साथ मुख्तार यूपी से बाहर हो गया। इसके साथ ही मुख्तार के पंजाब की जेल में ऐश-ओ-आराम के साथ रहने की भी खबरें आई। जिसके बाद यूपी सरकार के कान खड़े हुए और उन्होंने अपने यहां दर्ज केस के सिलसिले में मुख्तार की वापसी की मांग करना शुरू कर दिया। लेकिन पंजाब सरकार को सुप्रीम कोर्ट की शरण लेनी पड़ी तो पंजाब सरकार भी नामचीन वकीलों के साथ सुप्रीम कोर्ट आ खड़ी हुई। लेकिन आखिरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सारी कवायदें धरी की धरी रह गई। 

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