NGT के RO पर उठाए सवाल को लेकर SC ने 10 दिन के भीतर सरकार से मिलने का दिया निर्देश

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 22, 2019   12:34
NGT के RO पर उठाए सवाल को लेकर SC ने 10 दिन के भीतर सरकार से मिलने का दिया निर्देश

आरओ निर्माताओं का प्रतिनिधित्व कर रहे भारत जल गुणवत्ता संघ ने याचिका दायर कर एनजीटी के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें उसने सरकार को प्यूरीफायरों का इस्तेमाल नियमित करने और लोगों को खनिज रहित जल के दुष्प्रभाव के बारे में बताने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति आर एफ नरिमन और न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट की पीठ ने कहा कि संघ इस संबंध में प्रासंगिक सामग्रियों के साथ 10 दिन में संबंधित मंत्रालय के पास जा सकता है।

नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को आरओ निर्माता संघ से कहा कि वह पानी में कुल घुलनशील ठोस पदार्थ (टीडीएस) 500 मिलिग्राम प्रति लीटर से कम होने पर आरओ के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने के राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश के संबंध में सरकार से संपर्क करे। आरओ निर्माताओं का प्रतिनिधित्व कर रहे भारत जल गुणवत्ता संघ ने याचिका दायर कर एनजीटी के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें उसने सरकार को प्यूरीफायरों का इस्तेमाल नियमित करने और लोगों को खनिज रहित जल के दुष्प्रभाव के बारे में बताने का निर्देश दिया है।

इसे भी पढ़ें: आरे जंगल मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, पेड़ों की कटाई पर लगाई रोक

न्यायमूर्ति आर एफ नरिमन और न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट की पीठ ने कहा कि संघ इस संबंध में प्रासंगिक सामग्रियों के साथ 10 दिन में संबंधित मंत्रालय के पास जा सकता है और सरकार एनजीटी के आदेशानुसार अधिसूचना जारी करने से पहले इन पर विचार करेगी। सुनवाई के दौरान संघ के वकील ने देशभर के विभिन्न शहरों में जल मानकों पर बीआईएस की हालिया रिपोर्ट का जिक्र किया और कहा कि यह दिल्ली में भूजल में भारी धातुओं की मौजूदगी की ओर इशारा करती है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।