येदियुरप्पा मंत्रिमंडल का हुआ विस्तार, भाजपा नेताओं ने ब्लैकमेल होकर नियुक्तियां करने का लगाया आरोप

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 13, 2021   18:53
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येदियुरप्पा मंत्रिमंडल का हुआ विस्तार, भाजपा नेताओं ने ब्लैकमेल होकर नियुक्तियां करने का लगाया आरोप

मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा की आलोचना करने वाले विजयपुरा सिटी के विधायक बी. पाटिल यत्नाल ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि वह वरिष्ठता और ईमानदारी को ध्यान में रखे बगैर ब्लैकमेल होकर नियुक्तियां कर रहे हैं।

बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा द्वारा अपने 17 महीने पुराने मंत्रिमंडल में विस्तार के लिए बुधवार को सात नये नामों की घोषणा किए जाने के बाद राज्य भाजपा में नाराजगी की स्थिति पैदा हो गई है। सत्तारूढ़ दल के कुछ विधायकों ने विधान पार्षदों (एमएलसी) को मंत्री बनाए जाने, कुछ क्षेत्रों के प्रतिनिधित्व में कमी और उनकी ‘वरिष्ठता और काम’ पर ध्यान नहीं दिए जाने को लेकर नाराजगी जतायी। राज्य में ज्यादातर मंत्री बेंगलुरु और बेलगावी जिलों से हैं। येदियुरप्पा ने आज दिन में विधायकों उमेश कट्टी, अरविंद लिम्बावली, मुरुगेश निरानी, सी. पी. योगेश्वर, एस. अंगारा और एमएलसी एम. टी. बी. नागराज और आर. शंकर को मंत्री पद की शपथ दिलाने की घोषणा की है। इसके बाद मंत्री पद पाने के इच्छुक कुछ भाजपा विधायकों ने नाराजगी जाहिर की है। 

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येदियुरप्पा की आलोचना करने वाले विजयपुरा सिटी के विधायक बी. पाटिल यत्नाल ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि वह वरिष्ठता और ईमानदारी को ध्यान में रखे बगैर ब्लैकमेल होकर नियुक्तियां कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री और उनके परिवार पर कर्नाटक भाजपा को हाईजैक करने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि वह राज्य को येदियुरप्पा परिवार के वंशवाद की राजनीति से मुक्त कराएं। पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ब्लैकमेल करने वालों को मंत्री बना रहे हैं। तीन लोग... एक राजनीतिक सचिव और दो मंत्री पिछले तीन महीने से येदियुरप्पा को सीडी के माध्यम से ब्लैकमेल कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उनमें से एक आज मंत्री बनेगा, सीडी से ब्लैकमेल के अलावा विजयेन्द्र (मुख्यमंत्री के पुत्र) को धन देना भी शामिल है।’’

विजयपुरा में पत्रकारों से बातचीत में यत्नाल ने दावा किया कि येदियुरप्पा को ब्लैकमेल कर रहे तीन लोगों ने चार महीने पहले उनसे मुलाकात कर उन्हें पद से हटाने की योजना बनाई थी। गौरतलब है कि यत्नाल कह चुके हैं कि वह येदियुरप्पा मंत्रिमंडल में मंत्री पद नहीं चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपको (युदियुरप्पा) मकर संक्राति से पहले चुनौती देता हूं कि उत्तरायण से आपका (राजनीतिक) अंत शुरू हो जाएगा और प्रधानमंत्री (नरेंद्र) मोदी के नेतृत्व में कर्नाटक में नया अध्याय शुरू होगा।’’ भूमि को अवैध तरीके से गैरअधिसूचित करने के मामले में येदियुरप्पा के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने का अनुरोध करने वाली याचिका उच्च न्यायालय द्वारा खारिज किए जाने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री के इस्तीफो की मांग की है। पार्टी और पार्टी नेताओं के खिलाफ सार्वजनिक रूप से टिप्पणी को लेकर भाजपा नेतृत्व से चेतावनी के बावजूद यत्नाल ने यह बयान दिया है। 

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ब्लैकमेल का संदर्भ देते हुए मंत्री पद के इच्छुक एमएलसी ए. एच. विश्वनाथ ने येदियुरप्पा पर वादा नहीं निभाने का आरोप लगाया। गौरतलब है कि विश्वनाथ कांग्रेस-जदएस से 2019 में इस्लाफा देकर भाजपा में शामिल होने वाले 17 विधायकों में से एक हैं। उन्होंने सवाल किया कि आबकारी मंत्री एच. नागेश को क्यों हटाया गया है और आरआर नगर से विधायक मुनिरत्न को मंत्रिमंडल में क्यों शामिल किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘उनके बलिदान के कारण ही आप मुख्यमंत्री हैं... इसके बावजूद और योगेश्वर को मंत्री बना रहे हैं, जिनके खिलाफ धोखाधड़ी और ठगी का मामला दर्ज है।’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘आप उन्हें मंत्री क्यों बना रहे हैं, क्या वह आपको ब्लैकमेल कर रहे हैं?’’

मंत्री पद के इच्छुक, होन्नाली से विधायक और मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव एम. पी. रेणुकाचार्य ने भी नाखुशी जताते हुए कहा कि सरकार सिर्फ दो जिलों तक सीमित है और मुख्यमंत्री तथा पार्टी के नेताओं को इसपर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हैदराबाद कर्नाटक, मध्य और तटवर्ती कर्नाटक के साथ अन्याय हुआ है। यह (सरकार औरा मंत्रिमंडल) सिर्फ बेंगलुरु और बेलगावी तक सीमित है... मैं दुखी हूं कि किससे ये बातें कही जाएं।’’ रेणुकाचार्य ने कहा कि उन्होंने कभी मंत्री पद के लिए लॉबिंग नहीं की है और वह अपना आत्मसम्मान नहीं गंवा सकते हैं। येदियुरप्पा के विश्वासपात्र माने जाने वाले रेणुकाचार्य ने आज हवाईअड्डे पर पार्टी के कर्नाटक प्रभारी अरुण सिंह से मुलाकात की और पांच एमएलसी को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने पर विरोध जताया। 

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उन्होंने कहा, ‘‘हमें (विधायकों) लोगों ने चुना है, लेकिन क्या फायदा?’’ पिछले कुछ समय से नाराज चल रहे चित्रदुर्ग विधानसभा क्षेत्र से विधायक जी. एच. तिप्पारेड्डी को लगता है कि पांच दशक के राजनीतिक करियर और 30 साल तक विधायक रहने के बाद भी उन्हें ‘‘छोड़ दिया गया है’’। उन्हें मंत्री बनकर लोगों की सेवा का अवसर नहीं दिया जा रहा। एमएलसी योगेश्वर को मंत्री बनाए जाने पर आश्चर्य जताते हुए उन्होंने कहा कि कैबिनेट में शामिल आधे से ज्यादा मंत्री या तो बेंगलुरु से हैं या बेलगावी से और चुनाव के दौरान पार्टी के खिलाफ काम करने वाले कुछ लोगों को भी मंत्री पद दिया गया है। लिम्बावली के मंत्री बनने के साथ ही येदियुरप्पा के मंत्रिमंडल में बेंगलुरु से आठ मंत्री हैं, वहां कट्टी के मंत्री बनने के साथ ही बेलगावी जिले से अब कुल पांच मंत्री हो गए हैं।

बोम्म्नाहाली से विधायक एम. सतीश रेड्डी ने सवाल किया कि मंत्रियों के चुनाव के लिए येदियुरप्पा ने क्या मानदंड अपनाए हैं। उन्होंने कहा कि ‘‘हमारे तकलीफों को देखने, सुनने वाले’’ दिवंगत केन्द्रीय मंत्री अनंतकुमार की कमी ‘‘साफ-साफ दिख रही है।’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘...आप (येदियुरप्पा), राज्य और केन्द्र के नेता ईमानदार युवा कार्यकर्ताओं को देख नहीं पा रहे हैं?’’ कृष्णराजा विधानसभा क्षेत्र से वरिष्ठ विधायक एस. ए. रामदास ने कहा कि वह पिछले 28 साल से पार्टी की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पुराने मैसूरु क्षेत्र के साथ अन्याय हुआ है। मैसूरु क्षेत्र से पार्टी के किसी भी विधायक को मंत्री बनाया जा सकता है।





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मध्य प्रदेश के हनुवंतिया में बड़ा हादसा, पैराग्लाइडिंग के दौरान 2 लोगों की मौत

  •  दिनेश शुक्ल
  •  जनवरी 21, 2021   11:29
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मध्य प्रदेश के हनुवंतिया में बड़ा हादसा, पैराग्लाइडिंग के दौरान 2 लोगों की मौत

मौके पर मौजूद लोग तुरंत छतिग्रस्त पैराग्लाइडर के पास पहुंचे जिसके बाद उन्हें तत्काल पास में स्थित मुंदी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। एसआई भीम सिंह मंडलोइ ने बताया कि पैरा ग्लाइडिंग का ठेका सन ड्रजर्स कंपनी ले रखा है।

भोपाल। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित पर्यटन स्थल हनुवंतिया टापू में बुधवार शाम को पैराग्लाइडिंग के दौरान बड़ा हादसा हो गया। टापू में पैराग्लाइडर ऑपरेटर और एक यात्री पर्यटक की मौत हो गई। मरने वालों में एक कंपनी का कर्मचारी है तो दूसरा पैरा ग्लाइडिंग करने वाली कंपनी के ठेकेदार का भाई है। बताया जा रहा है कि हवा में उड़ता हुआ पैराग्लाइडर 150 फीट की ऊंचाई से जमीन पर गिरा। खंडवा कलेक्टर ने इस घटना के मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। वहीं घटना को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी ट्वीट कर दुःख जताया है।

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दरअसल इन दिनों हनुवंतिया में जल महोत्सव का आयोजन चल रहा है। इसके चलते पर्यटक यहां लगातार पहुंच रहे है। 15 दिसंबर से शुरू हुए इस जल महोत्सव को 15 जनवरी तक चलना था, लेकिन पर्यटको की संख्या को देखते हुए 5 दिन पहले ही जल महोत्सव को एक महीने के लिए बढ़ाया गया था। बुधवार शाम लगभग 5:30 बजे के आसपास टापू पर पैराग्लाइडिंग चल रही थी। बालंचद पुत्र रामप्रताप दांगी (32) निवासी भगौरा जिला राजगढ़ और गजपाल सिंह पुत्र सुरेंद्र सिंह (28) निवासी बूढा मांगलियान जिला पाली, राजस्थान पैरा ग्लाडिंग कर रहे थे। वे दोनों 100 फीट से अधिक ऊंचाई पर थे। इसी दौरान किसी तकनीकी खराबी की वजह से एक पैराग्लाइडर अचानक से नीचे गिरा।

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जिससे  पैराग्लाइडर को चलाने वाले पायलट बालचंद डांगी और इवेंट कंपनी के मैनेजर के रिश्तेदार गजराज सिंह राजपूत बुरी तरह घायल हो गए। घटना के बाद वहां हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद लोग तुरंत छतिग्रस्त पैराग्लाइडर के पास पहुंचे जिसके बाद उन्हें तत्काल पास में स्थित मुंदी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। एसआई भीम सिंह मंडलोइ ने बताया कि पैरा ग्लाइडिंग का ठेका सन ड्रजर्स कंपनी ले रखा है। इसका ठेकेदार श्रवण सोलंकी है। हादसे में बालचंद और गजपाल सिंह की मौत हुई है। बालचंद सन ड्रेजर्स कंपनी में कर्मचारी है। मृतक गजपाल सिंह कंपनी के ठेकेदार श्रवण सिंह की बुआ का लड़का बताया जा रहा है।

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वही घटना को लेकर खंडवा जिले के कलेक्टर अनय द्विवेदी ने इस घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं और अनुविभागीय मजिस्ट्रेट को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। कलेक्टर के निर्देश के आस-पास मौजूद लोगों से पूछताछ भी की जाएगी। जिला कलेक्टर ने स्थानीय लोगों से इस हादसे के वीडियो और फुटेज भी जांच अधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। क्योंकि पैराग्लाइडिंग के दौरान बहुत से लोग वीडियो बना रहे थे। घटना के संबंध में तथ्यात्मक जानकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर भी एसडीएम पुनासा को दी जा सकती है। इस पूरी घटना पर  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दुःख जताया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि खण्डवा के हनुवंतिया में हुई पैरा मोटरिंग दुर्घटना में दो अमूल्य जिंदगियों के असमय काल कवलित होने के समाचार से बहुत दु:ख पहुंचा है।

 





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टीकाकरण के दूसरे चरण में PM मोदी को लगेगी वैक्सीन, मुख्यमंत्रियों और सांसदों के लिए भी की गई व्यवस्था

  •  अनुराग गुप्ता
  •  जनवरी 21, 2021   11:25
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टीकाकरण के दूसरे चरण में PM मोदी को लगेगी वैक्सीन, मुख्यमंत्रियों और सांसदों के लिए भी की गई व्यवस्था

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा था कि घबराने की जरूरत नहीं है, दूसरे चरण में 50 साल से ऊपर वालों का टीकाकरण करा दिया जाएगा।

नयी दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस महामारी से निजात पाने के लिए कोरोना टीकाकरण अभियान जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 जनवरी को टीकाकरण अभियान की शुरुआत की और अब खबर सामने आई है कि दूसरे चरण में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री समेत 50 वर्ष से ज्यादा उम्र के विधायकों और सांसदों को कोरोना का टीका लगाया जाएगा। 

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा था कि घबराने की जरूरत नहीं है, दूसरे चरण में 50 साल से ऊपर वालों का टीकाकरण करा दिया जाएगा। बता दें कि अभी पहले चरण का टीकाकरण अभियान जारी है। जिसमें 3 करोड़ अग्रिम मोर्चे पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों को टीका लगाया जाना है। फिलहाल 7 लाख से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों को टीके की पहली खुराक दी जा चुकी है। 

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वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि दूसरे चरण में 50 साल से अधिक उम्र के लोगों और किसी बीमारी से ग्रसित लोगों को टीका लगाया जाएगा। हालांकि, अब कहा जा रहा है कि दूसरे चरण में प्रधानमंत्री समेत सभी 50 साल से अधिक उम्र के सांसदों और मुख्यमंत्रियों को कोरोना का टीका दिया जाएगा ताकि देश के समक्ष टीके को लेकर सकारात्मक संदेश जाए।





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कमलनाथ की खाट पंचायत पर मुख्यमंत्री शिवराज ने कसा तंज, कहा- अब तो बस खाट ही बची है

  •  दिनेश शुक्ल
  •  जनवरी 21, 2021   11:15
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कमलनाथ की खाट पंचायत पर मुख्यमंत्री शिवराज ने कसा तंज, कहा- अब तो बस खाट ही बची है

कमलनाथ की खाट पंचायत पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार देर शाम प्रतिक्रिया देते हुए तंज कसा है। उन्होंने कहा कि अब कमलनाथ जी के पास कुर्सी तो बची नहीं, खाट ही बची है अब वह खाट पर ही बैठेंगे। उन्होंने कहा कि अब मरता क्या न करता

भोपाल। मुरैना जिले के देवरी में कांग्रेस की इस खाट महापंचायत पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ पर तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि कमलनाथ के पास अब कुर्सी तो बची नहीं, खाट ही बची है तो खाट पर बैठेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस ने किसानों के समर्थन में खाट महापंचायत कर केंद्र सरकार से तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांग की। इसमें कमलनाथ के अलावा दिग्विजय सिंह, युवा नेता और कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित तमाम नेता मौजूद रहे। 

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कमलनाथ की खाट पंचायत पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार देर शाम प्रतिक्रिया देते हुए तंज कसा है। उन्होंने कहा कि अब कमलनाथ जी के पास कुर्सी तो बची नहीं, खाट ही बची है अब वह खाट पर ही बैठेंगे। उन्होंने कहा कि अब मरता क्या न करता, उन्हें कोई काम है नहीं उनकी सिर्फ एक टीम बैठी है जो सिर्फ ट्वीट करती है और झूठे सच्चे कुछ भी ट्वीट करें कोई काम तो होना चाहिए इसलिए वह सिर्फ ट्वीट करते रहते हैं।

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इस दौरान शराब दुकानों को लेकर कमलनाथ के आरोपों पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमारा पहला कदम है माफियाओं को दफन करें और वह अभियान लगातार चल रहा है। अभी कोई फैसला नहीं किया है और ना ही कुछ तय किया है। वह तो कहते रहते हैं कौवा कान ले गया, उन्हें तो यह बात भी नहीं पता कि कौवा है या कान। कुछ भी बोलते रहते हैं, तथ्य आते हैं उन पर बात होती है। उन्होंने कहा कि यह फैसला मैंने किया था 10 साल तक कोई शराब की दुकान नहीं खुली, कई दुकानें बंद कर दी थी। मैं उस विषय पर अभी कुछ बोलना नहीं चाहता, कई तरह के तथ्य आते हैं उन सब पर विचार करके प्रदेश की जनता के हित में ही कोई फैसला करेंगे।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


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