Shahjahanpur में हत्या आरोपी का घर Bulldozer से ध्वस्त, परिजनों का विरोध

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में कांट नगर पंचायत प्रशासन ने गौतम मौर्य हत्याकांड के आरोपी समीर अली के अवैध मकान को बृहस्पतिवार को ढहा दिया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे, जबकि आरोपी के परिजनों ने पूरे परिवार को बेघर करने का आरोप लगाकर विरोध जताया। अधिकारियों के अनुसार यह निर्माण नगर पालिका अधिनियम का उल्लंघन था और नोटिस का जवाब न मिलने पर ध्वस्तीकरण किया गया।
शाहजहांपुर जिले में हत्या के आरोपी समीर अली के मकान को बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में पुलिस, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। आरोपी के परिजनों ने प्रशासन पर मकान ध्वस्त कर अन्याय करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सजा हत्यारोपी को दी जानी चाहिए थी, पूरे परिवार को नहीं। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रजनीश कुमार मिश्रा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि कांट नगर पंचायत क्षेत्र में जिस मकान को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया, वह अवैध निर्माण था।
उन्होंने बताया कि नगर पंचायत ने मकान मालिकों अमीरन, नसीम जहां और सलमा को नोटिस जारी कर कहा था कि निर्माण अवैध है और यह नगर पालिका अधिनियम, 1916 का उल्लंघन है। मिश्रा ने कहा कि नोटिस में नगर पालिका अधिनियम की धाराओं 178, 186 और 222 (6) के तहत 10 दिन के भीतर अवैध निर्माण स्वयं हटाने को कहा गया था और ऐसा नहीं करने पर नगर पंचायत की ओर से निर्माण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि नोटिस जारी किए जाने के बावजूद संबंधित लोगों की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।
इसके बाद नगर पंचायत ने अवैध निर्माण हटाने के लिए पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की मांग की। पुलिस बल तथा प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में अब अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल के अलावा अग्निशमन विभाग, एंबुलेंस और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं।
हत्यारोपी समीर अली के रिश्तेदार इश्तियाक ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘सजा समीर को दी जानी चाहिए, उसके पूरे परिवार को नहीं।’’ उन्होंने कहा कि जिस मकान को तोड़ा जा रहा है, उसमें चार परिवार रहते हैं और प्रशासन पूरा मकान ध्वस्त कर उन्हें सड़क पर आने को मजबूर कर रहा है। समीर की चाची सोनी ने कहा, ‘‘समीर ने गुनाह किया था तो उसे सजा मिलती। इसी मकान में चार अन्य परिवार भी रह रहे हैं।
उनका घर क्यों तोड़ा गया? हमें भी इंसाफ चाहिए। हम गरीब लोग हैं।
मेहनत-मजदूरी करके एक बार मकान बनवाया था, लेकिन अब दोबारा कहां से बनवाएंगे? हम अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ क्या सड़क पर रहेंगे? अगर सजा ही देनी थी तो समीर को दी जाती।
वह हमसे अलग रह रहा था और हम लोग भी अलग रह रहे थे।’’ कांट कस्बे के निवासी समीर अली ने 31 जुलाई को कथित प्रेम प्रसंग के कारण गौतम मौर्य (22) की धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। घटना के बाद मृतक के परिजनों और कई हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने पलिया-फर्रुखाबाद मार्ग पर जाम लगा दिया था। मौर्य के परिजनों ने आरोपी समीर के मकान पर बुलडोजर चलाने की मांग की थी।
इसी क्रम में बृहस्पतिवार को बुलडोजर की कार्रवाई करते हुए समीर का मकान ध्वस्त कर दिया गया।
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