दिन में प्रियंका, शाम में राहुल से मुलाकात, पंजाब का झगड़ा अब सुलझने वाला है?

दिन में प्रियंका, शाम में राहुल से मुलाकात, पंजाब का झगड़ा अब सुलझने वाला है?

नवजोत सिंह सिद्धू ने राहुल गांधी से मुलाकात की। कांग्रेस आलाकमान, संगठन या सरकार में सिद्धू को कोई अहम जिम्मेदारी देकर मनाने की कोशिश में है, लेकिन सिद्धू लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि मुख्यमंत्री उनके साथ काम नहीं कर सकते।

पंजाब में कैप्टन और सिद्धू की जंग में हर दिन नया ट्विस्ट सामने आ रहा है। पंजाब कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू पार्टी नेता राहुल गांधी के 12 तुगलक लेन के आवास पर पहुंचे। ये मुलाकात अपने आप में बहुत मायने रखती है। आज दिनभर जिस तरह से मीटिंग का दौर चला, उसके बाद की ये मुलाकात फाइनल नतीजे की ओर इशारा कर रही है। इससे पहले खबरें आई थीं कि सिद्धू राहुल गांधी से मंगलवार को मुलाकात कर सकते हैं। हालांकि राहुल गांधी ने कहा था मंगलवार को सिद्धू के साथ उनकी कोई मुलाकात तय नहीं है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस आलाकमान, संगठन या सरकार में सिद्धू को कोई अहम जिम्मेदारी देकर मनाने की कोशिश में है, लेकिन सिद्धू लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि मुख्यमंत्री उनके साथ काम नहीं कर सकते। 

प्रियंका के साथ मुस्कुराती तस्वीर के मायने 

कांग्रेस की पंजाब इकाई में व्याप्त कलह को दूर करने के प्रयासों के बीच पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने बुधवार को पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ लंबी बैठक की। प्रियंका के साथ मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए सिद्धू ने ट्वीट किया, ‘‘प्रियंका गांधी जी के साथ लंबी मुलाकात हुई।’’ सिद्धू ने प्रियंका संग मुलाकात की एक तस्‍वीर ट्विटर पर शेयर की है। इसमें सिद्धू आत्‍मविश्वास से लबरेज नजर आ रहे हैं और प्रियंका के चेहरे पर मंद मुस्‍कान है। कहा जा रहा है कि कैप्टन-सिद्धू विवाद में ट्रबल शूटर बनकर प्रियंका गांधी सामने आई हैं।

कैप्टन के खिलाफ सिद्धू ने खोल रखा है मोर्चा

हाल के कुछ हफ्तों से सिद्धू और पंजाब कांग्रेस के कुछ अन्य नेताओं ने मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। सिद्धू का कहना है कि गुरू ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए कारगर कदम भी नहीं उठाए गए। पंजाब में कांग्रेस की कलह दूर करने के प्रयास के तहत राहुल गांधी ने हाल के दिनों में पार्टी के कई नेताओं के साथ मंथन किया था। पार्टी की तीन सदस्यीय समिति ने भी 100 से अधिक नेताओं और मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के साथ मंत्रणा की थी।





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