मध्य प्रदेश के शहडोल में छह बच्चों की मौत, मुख्यमंत्री ने दिए जाँच के निर्देश

  •  दिनेश शुक्ल
  •  नवंबर 30, 2020   21:54
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मध्य प्रदेश के शहडोल में छह बच्चों की मौत, मुख्यमंत्री ने दिए जाँच के निर्देश

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शहडोल जिले में बच्चों की मृत्यु की घटना को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस घटना की जांच कर प्रतिवेदन सौंपा जाए।

भोपाल। भोपाल। मध्य प्रदेश के  शहडोल जिला अस्पताल में 48 घंटे में छह बच्चों की मौत के बाद राज्य में हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली से नवजातों की मौत ने तूल पकड़ लिया है। वही अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही पर प्रशासन के कान खड़े हो गए और संभागायुक्त नरेश पाल ने आपातकालीन बैठक बुलाकर मामले की समीक्षा की है। सीएमएचओ डॉ. राजेश पांडेय ने सिविल सर्जन को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच करने तथा जल्द ही रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए। बच्चों की मौत की वजह मैदानी अमले की लापरवाही और बच्चों का समय पर उनका जिला अस्पताल न पहुंचना बताया जा रहा है। यही नहीं अस्पताल में वेंटिलेटर सहित एसएनसीयू और पीआईसीयू में बिस्तरों की कमी है।

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जिन बच्चों की मौत हुई है उसमें में लगभग सभी जिला अस्पताल पहुंचे थे। ऐसा माना जा रहा है कि बच्चों के बीमार होने के बाद जमीनी स्तर पर काम कर रहे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और प्राथमिक व उप स्वास्थ्य केंद्रों के कर्मचारियों की लापरवाही इन प्रकरणों के बिगड़ने का प्रमुख कारण रही है। बताया जा रहा है कि विकासखंडों के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मैदानी अमले के कर्मचारियों से जमीनी स्तर पर न तो उतना काम ले पा रहे हैं जितनी उन्हें जिम्मेदारी दी गई है। महज कागजी कोरम पूरा कर आंकड़े भरे जा रहे हैं जिस कारण इस तरह के मामले सामने आते हैं। जिला अस्पताल में चिकित्सकों की टीम और पर्याप्त दवाइयां तो हैं, लेकिन एसएनसीयू और पीआईसीयू में मरीजों का जितना दबाव है उसके अनुपात में वेंटिलेटर और बेड नहीं है। एसएनसीयू में सिर्फ 4 वेंटिलेटर हैं और बेड 20 हैं लेकिन भर्ती बच्चों की संख्या 40 है। यही स्थिति पीआईसीयू की है जिसमें 10 बेड है और सभी भरे हुए हैं।

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वही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शहडोल जिले में बच्चों की मृत्यु की घटना को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस घटना की जांच कर प्रतिवेदन सौंपा जाए। यदि चिकित्सक और स्टॉफ दोषी पाए जाएं तो ऐसे लोगों को दंडित किया जाए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर बुलाई बैठक में निर्देश दिए कि बच्चों के इलाज में कहीं भी व्यवस्थाओं में कमी है तो उसे दूर किया जाए। वेंटिलेटर एवं अन्य उपकरणों का समुचित प्रबंध हो। आवश्यक हो तो विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं लेकर रोगियों को स्वास्थ्य लाभ दिया जाए। 

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मुख्यमंत्री ने कहा शहडोल में बच्चों की मृत्यु के मामले में यह देखें कि इसकी जड़ में कहीं लापरवाही तो नहीं। जिला, संभाग और राजधानी के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस घटना को गंभीरता से लें और आवश्यक हो तो जबलपुर से चिकित्सा विशेषज्ञ भेज कर अन्य ऐसे रोगी बच्चों का उपचार कार्य किया जाए। उन्होंंने कहा कि लोगों की जिंदगी बचाना बहुत आवश्यक है। सभी अस्पतालों में व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि कोरोना के अलावा अन्य रोगों से ग्रस्त रोगियों विशेषकर बच्चों में निमोनिया आदि की स्थिति पर नजर रखते हुए स्वास्थ्य विभाग का अमला चुस्त और चौकस रहे। इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान ने बताया कि शहडोल अस्पताल के चिकित्सकों से प्रतिवेदन मांगा गया है। लापरवाही का मामला होने पर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री मनीष रस्तोगी भी उपस्थित रहे।





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CWC बैठक: चुनाव कार्यक्रम बढ़ा आगे, अब जून के आखिरी तक कांग्रेस को मिल जाएगा अध्यक्ष

  •  अनुराग गुप्ता
  •  जनवरी 22, 2021   15:57
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CWC बैठक: चुनाव कार्यक्रम बढ़ा आगे, अब जून के आखिरी तक कांग्रेस को मिल जाएगा अध्यक्ष

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष पद चुनाव को जून तक के लिए बढ़ा दिया गया है और जून के आखिरी तक कांग्रेस को नया अध्यक्ष मिल जाएगा।

नयी दिल्ली। कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संपन्न हुई। जिसमें तीन प्रस्ताव पर कार्यसमिति ने अपनी मुहर लगा दी है। बैठक के बाद पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रेस वार्ता में बताया कि संगठन चुनाव को लेकर केंद्रीय चुनाव समिति ने मई के आखिरी तक कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव करने का प्रस्ताव रखा था।  

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सुरजेवाला ने आगे बताया कि कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्यों ने एकमत से अपने विचार रखते हुए कहा कि पांच राज्यों में जो चुनाव होने हैं उनकी प्रक्रिया चल रही होगी और मई मतदान हो रहे होंगे। इसीलिए एक महीने आगे तक कांग्रेस अध्यक्ष पद चुनाव को बढ़ा दिया जाए। इसके लिए सदस्यों ने कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी से अनुरोध किया।

सुरजेवाला ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष पद चुनाव को जून तक के लिए बढ़ा दिया गया है और जून के आखिरी तक कांग्रेस को नया अध्यक्ष मिल जाएगा। वहीं, कांग्रेस संगठन महासचिव के.सी.वेणुगोपाल ने बताया कि कांग्रेस कार्यसमिति ने किसानों के साथ मजबूती से खड़े रहने का निर्णय किया। इसे लेकर हमने प्रस्ताव पास किया है। कार्यसमिति ने किसानों के आंदोलन का समर्थन करने के लिए ऊपर से नीचे के स्तर तक की कार्ययोजना तैयार की है।





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CWC ने की मांग, अर्णब के व्हाट्सएप चैट को लेकर की जाए जेपीसी जांच

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 22, 2021   15:49
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CWC ने की मांग, अर्णब के व्हाट्सएप चैट को लेकर की जाए जेपीसी जांच

सीडब्ल्यूसी ने कहा कि व्हाट्सएप बातचीत मामले की जेपीसी जांच की जाए।सीडब्ल्यूसी की बैठक में व्हाट्सएप बातचीत मामले, कृषि कानूनों और कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण के मुद्दों को लेकर तीन अलग अलग प्रस्ताव पारित किए गए।

नयी दिल्ली।कांग्रेस की सर्वोच्च नीति निर्धारण इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने ‘रिपब्लिक टीवी’ के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी की कथित व्हाट्सएप बातचीत को राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करार दिया और कहा कि इस मामले की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराई जानी चाहिए। सीडब्ल्यूसी की बैठक में व्हाट्सएप बातचीत मामले, कृषि कानूनों और कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण के मुद्दों को लेकर तीन अलग अलग प्रस्ताव पारित किए गए। कांग्रेस कार्य समिति ने सरकार से तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने और कोरोना वायरस के टीके लगवा रहे स्वास्थ्यकर्मियों की चिंताओं को दूर करने के लिए आवश्यक उपाय करने और ‘मुनाफाखोरी’ रोकने का आग्रह किया।

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व्हाट्सएप बातचीत मामले का उल्लेख करते हुए प्रस्ताव में कहा गया है, ‘‘सरकारी गोपनीयता अधिनियम का उल्लंघन हुआ है तथा राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ भी किया गया है। हम इसकी जेपीसी से जांच कराने की मांग करते हैं। जो लोग भी राजद्रोह के दोषी हैं, उन्हें कानून की जद में लाया जाना चाहिए और सजा दी जानी चाहिए।’’ कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि संसद के आगामी सत्र में पार्टी समान विचारधारा वाले दलों के साथ मिलकर ‘किसान विरोधी कानूनों’ का विरोध करेगी और सरकार पर दबाव बनाएगी कि वह इन कानूनों को निरस्त करे।





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अचानक बिगड़ी लालू यादव की तबीयत, सांस लेने में हो रही दिक्कत

  •  अंकित सिंह
  •  जनवरी 22, 2021   15:45
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अचानक बिगड़ी लालू यादव की तबीयत, सांस लेने में हो रही दिक्कत

लालू प्रसाद डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, हृदयरोग, किडनी की बीमारी, किडनी में स्टोन, तनाव जैसी गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं। रांची के डॉक्टर लगातार दिल्ली के डॉक्टरों के संपर्क में है।

गुरुवार शाम राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की तबीयत अचानक बिगड़ गई। लालू यादव फिलहाल चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता हैं। बताया जा रहा है कि उन्हें अचानक सांस लेने में दिक्कत होने लगी। फिलहाल उनकी तबीयत स्थिर है और डॉक्टरों की गहन निगरानी में हैं। इस खबर के साथ ही लालू परिवार में बेचैनी बढ़ गई। लालू के छोटे पुत्र तेजस्वी यादव, पत्नी राबड़ी देवी और मीसा भारती भी रांची पहुंच रहे हैं।

आनन-फानन में लालू प्रसाद यादव की कोरोना टेस्ट करवाई गई जो कि नेगेटिव आई है। सूत्रों के मुताबिक लालू प्रसाद डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, हृदयरोग, किडनी की बीमारी, किडनी में स्टोन, तनाव जैसी गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं। रांची के डॉक्टर लगातार दिल्ली के डॉक्टरों के संपर्क में है। खबर आने के साथ झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उनका हाल जानने अस्पताल पहुंचे।





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