Meerut SSP रहे अविनाश पांडेय पर सपा नेताओं ने लगाया मारपीट का आरोप, जांच शुरू

Prabhasakshi Image
Prabhasakshi

उत्तर प्रदेश के मेरठ में समाजवादी पार्टी के दो नेताओं ने पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय और अन्य पुलिसकर्मियों पर कार्यालय में बंधक बनाकर बर्बर पिटाई करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले में मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर ने सहारनपुर के डीआईजी अभिषेक सिंह को पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सौंपी है। वहीं पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक शिकायतकर्ता सपा नेता दिग्विजय सिंह भाटी पर पहले से नौ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

उत्तर प्रदेश के मेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड के विरोध में हुए प्रदर्शन के सिलसिले में समाजवादी पार्टी (सपा) के दो नेताओं ने तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अविनाश पांडेय पर अपने कक्ष में उनके साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। इन आरोपों पर पुलिस का कोई आधिकारिक बयान अभी सामने नहीं आया है। सपा नेताओं -डॉ. दिग्विजय सिंह भाटी और मोहित जाटव- ने शुक्रवार को सपा विधायक अतुल प्रधान के आवास पर संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि 19 अगस्त को एसएसपी से मिलने के दौरान उनके साथ गाली-गलौज की गई और उन्हें कथित तौर पर लात-घूंसों तथा जूतों से पीटा गया।

भाटी ने आरोप लगाया कि एसएसपी के कक्ष में पिटाई के बाद उन्हें सिविल लाइंस थाना प्रभारी अखिलेश कुमार गौड़ के माध्यम से एसओजी कार्यालय ले जाया गया, जहां उनके हाथ-पैर बांधकर डंडों से कथित तौर पर मारपीट की गई। उन्होंने दावा किया, ‘‘पुलिसवालों ने मोबाइल पर एक ‘अश्लील’ गाना बजाया और हमसे उसपर नाचने को कहा। हम खड़े भी नहीं हो पा रहे थे, फिर भी हमें नचाया जा रहा था।’’ भाटी ने दावा किया कि मारपीट के कारण उन्हें अंदरूनी चोटें आईं और उनकी एक आंख सूज गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें धमकी दी गई थी कि यदि उन्होंने घटना के बारे में मीडिया में बात की तो उनका और बुरा हाल किया जाएगा। जाटव ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों से उनके ‘‘मुठभेड़’’ की बात कही गई थी। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

सपा विधायक अतुल प्रधान ने मामले में मुकदमा दर्ज करने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि दोनों नेताओं से कथित तौर पर जबरन यह लिखवाया गया कि उनकी स्कूटी से दुर्घटना हुई थी। उन्होंने कहा कि पुलिस कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से घटना की सच्चाई सामने आ सकती है। इस बीच, पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, अमरोहा के हसनपुर निवासी रघुराज सिंह के बेटे दिग्विजय सिंह भाटी के खिलाफ अमरोहा और मेरठ में कुल नौ मुकदमे दर्ज हैं।

इनमें डिडौली, हसनपुर, सैदनगली और रजबपुर थानों के मामले शामिल हैं। मेरठ के दौराला और मेडिकल थानों में भी भाटी के खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं। उनके खिलाफ वर्ष 2008 और 2010 में मेरठ में भी मामले दर्ज हुए थे।

रिकॉर्ड के अनुसार, इन मुकदमों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के अलावा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2) भी शामिल की गई है। हालांकि, दिग्विजय सिंह भाटी और मोहित जाटव द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों पर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण अभी तक जारी नहीं किया गया है। अपर पुलिस महानिदेशक (मेरठ जोन) भानु भास्कर ने मामले की जांच सहारनपुर के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) अभिषेक सिंह को सौंपी है।

इससे पहले बृहस्पतिवार देर रात अविनाश पांडेय को मेरठ के एसएसपी पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। अविनाश पांडेय और सिविल लाइंस थाना प्रभारी अखिलेश कुमार गौड़ से आरोपों के संबंध में संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

All the updates here:

अन्य न्यूज़