SRFTI Kolkata में छात्रों का आंदोलन तेज, VC के इस्तीफे और हिंसा की जांच की मांग

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सत्यजीत राय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान के छात्रों ने परिसर में हिंसा और सुरक्षा चिंताओं को लेकर अपना विरोध जारी रखा है। छात्र संघ ने चेयरमैन सुरेश गोयल को पत्र भेजकर कुलपति संतोष अजमेरा के इस्तीफे और कारण बताओ नोटिस वापस लेने की मांग की है। संस्थान में 28 सितंबर से शैक्षणिक कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है।

सत्यजीत राय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एसआरएफटीआई) के विद्यार्थियों ने परिसर में हिंसा के विरोध में जारी अनिश्चितकालीन धरने के चौथे दिन बृहस्पतिवार को संस्थान के चेयरमैन सुरेश गोयल को पत्र लिखकर मौजूदा संकट में तत्काल हस्तक्षेप करने और कुलपति के इस्तीफे की मांग की। एसआरएफटीआई छात्र संघ ने 14 अक्टूबर को लिखे एक पत्र में कहा कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उसके सदस्य ‘‘शैक्षणिक गतिविधियां ठप रखने के साथ ही अनिश्चितकालीन धरना’’ जारी रखेंगे। इसमें कहा गया है कि उनकी मांगों में कुलपति संतोष अजमेरा का इस्तीफा, अनुशासनात्मक नोटिस वापस लेना और परिसर में हुई हिंसा की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से जांच कराना शामिल है।

प्रतिष्ठित फिल्म संस्थान में 28 सितंबर से कक्षाएं स्थगित हैं। छात्र संघ की अध्यक्ष ब्लॉसम हजारिका और उपाध्यक्ष शुभम वायदांडे के हस्ताक्षर वाले पत्र में संस्थान के अधिकारियों और केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया गया है। एसआरएफटीआई के एक अधिकारी ने बताया कि अनुशासनात्मक आधार पर और परिसर की दीवारों पर ‘‘आपत्तिजनक नारे लिखने’’ के आरोप में आठ विद्यार्थियों को प्रशासन ने कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।

उन पर अनुशासन का उल्लंघन करने वाले कुछ पोस्टर लगाने, कुलपति के कक्षाएं फिर से शुरू करने के अनुरोध पर ध्यान नहीं देने और पिछले सप्ताह कुलपति के कमरे में सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट करने का भी आरोप लगाया गया है। एसआरएफटीआई प्रशासन के दावे का खंडन करते हुए विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि 27 सितंबर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े समूह ‘अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत’ (एबीजीपी) के सदस्यों ने उन पर हमला किया था। ‘बंगीय हिंदू जागरण मंच’ के सदस्यों द्वारा चार अक्टूबर को आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान परिसर में एक बार फिर झड़प हुई थी।

उन्होंने दावा किया कि इन घटनाओं में कई छात्र घायल हो गए थे। विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि संस्थान प्रशासन उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और कथित हमलों के बाद पर्याप्त कार्रवाई करने में विफल रहा। उन्होंने दावा किया कि ‘‘जवाबदेही तय करने और संस्थान के अध्यक्ष, कुलपति तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ बातचीत करने के लिए बार-बार अनुरोध किए जाने के बावजूद संतोषजनक जवाब नहीं मिले’’।

छात्र संघ ने पत्र में कहा, ‘‘हम अपनी कक्षाओं में लौटना चाहते हैं, शूटिंग और कार्यशालाएं फिर से शुरू करना चाहते हैं और अपनी फिल्में बनाना चाहते हैं।’’

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