मध्य प्रदेश के खरगोन में रामनवमी के जुलूस पर पथराव, तनाव के बाद लगा कर्फ्यू

 Ram Navami
मध्य प्रदेश के खरगोन शहर में रविवार को रामनवमी के जुलूस पर पथराव, कुछ वाहनों और घरों में आगजनी की घटनाओं के बाद पूरे शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

खरगोन (मप्र)। मध्य प्रदेश के खरगोन शहर में रविवार को रामनवमी के जुलूस पर पथराव, कुछ वाहनों और घरों में आगजनी की घटनाओं के बाद पूरे शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। खरगोन के जिलाधिकारी अनुग्रह पी ने कहा कि पूरे खरगोन में कर्फ्यू लगा दिया गया है। एक अधिकारी ने कहा कि खरगोन के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सिद्धार्थ चौधरी को हिंसा के दौरान गोली लगी है।

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रामनवमी के जुलूस पर पथराव और कुछ घरों और वाहनों में आगजनी की घटनाओं के बाद पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। उप पुलिस महानिरीक्षक (डीआईजी) तिलक सिंह ने सोमवार सुबह पत्रकारों से कहा, ‘‘देर रात दो बजे के बाद स्थिति नियंत्रण में है और कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस की गश्त जारी है। तलाशी अभियान में अब तक 70 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।’’ एक सवाल के जवाब में सिंह ने कहा, हालांकि उन्होंने रिपोर्ट नहीं देखी है लेकिन ऐसा लगता है कि एसपी सिद्धार्थ चौधरी के पैर में गोली लगी है और प्राथमिक उपचार किया गया है। डीआईजी ने कहा कि हिंसा में छह पुलिसकर्मियों सहित कम से कम 24 लोग घायल हुए हैं और उनकी चिकित्सा जांच की गई है। उन्होंने लोगों से घरों में रहने और घटना में शामिल असामाजिक तत्वों को पकड़ने के लिए सहायता करने के लिए कहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और लोगों को केवल चिकित्सा आपात स्थिति में ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है।

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जिलाधिकारी ने खरगोन की घटना को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक संदेश या वीडियो साझा करने पर कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। जिला प्रशासन ने ट्वीट कर कहा कि चिकित्सा आपात स्थिति के अलावा किसी भी जरुरी काम के लिए एसडीएम कार्यालय, तहसील कार्यालय और कोतवाली थाने से अनुमति ली जा सकती है। इससे पहले रविवार को बड़े पैमाने पर हिंसा होने के कारण अधिकारियों ने शहर के तीन थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू और पूरे शहर में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 (चार या अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध) लगा दी थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार पथराव के दौरान पुलिस अधीक्षक (एसपी) सिद्धार्थ चौधरी सहित कुछ पुलिसकर्मी व अन्य घायल हो गए।

इस बीच, जिले के प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने एक ट्वीट में कहा कि उन्होंने अधिकारियों को दंगाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। संभागायुक्त पवन शर्मा स्थिति का जायजा लेने खरगोन पहुंचे हैं। खरगोन के अपर जिलाधिकारी सुमेर सिंह मुजाल्दे ने रविवार को बताया कि जिला मुख्यालय स्थित तालाब चौक पर रामनवमी का जुलूस निकलते ही कुछ उपद्रवियों ने जुलूस में शामिल लोगों पर पथराव कर दिया। इसके चलते पुलिस ने स्थिति को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इन घटनाओं में पुलिसकर्मियों समेत कुछ लोग घायल भी हुए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि इस जुलूस को खरगोन शहर का एक चक्कर मारना था, लेकिन हिंसा को देखते हुए इसे आधे रास्ते में खत्म कर दिया गया।

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