मध्य प्रदेश में चुनाव प्रचार को लेकर हाई कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

Supreme Court bans High Court verdict
दिनेश शुक्ल । Oct 26, 2020 2:04PM
दरअसल, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ ने कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे को देखते हुए फिजिकल इलेक्शमन कैंपेनिंग पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि नेता सिर्फ इंटरनेट के माध्यलम से वर्चुअल कैंपेनिंग करेंगे।

भोपाल। मध्य प्रदेश में चुनावी रैलियों और प्रचार को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के आदेश पर सर्वोच्च न्यायालय ने रोक लगा दी है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले को लेकर प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी बीजेपी ने सर्वोच्च न्यायालय का दरबाजा खटखटाया था। ग्वालियर विधानसभा से बीजेपी प्रत्याशी प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी। इसी को लेकर सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को ये अहम फैसला दिया है। मध्य प्रदेश में 28 विधानसभा सीटों के लिए होने वाले उपचुनाव के तहत आगामी 3 नवंबर को मतदान होना है। चुनाव से लगभग एक हफ्ते पहले सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से राज्य के सभी दलों के उम्मीदवारों को बड़ी राहत मिलेगी।

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दरअसल, मध्य  प्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ ने कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे को देखते हुए फिजिकल इलेक्शमन कैंपेनिंग पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि नेता सिर्फ इंटरनेट के माध्यलम से वर्चुअल कैंपेनिंग करेंगे। यह रोक प्रदेश के 9 जिलों में लगाई गई थी कोर्ट ने कलेक्टरों को निर्देश जारी कर इन जिलों की विधानसभाओं में कोर्ट के निर्देश का पालन करवाने का आदेश दिया था। वही भाजपा ने इस फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय जाने की बात कही थी। जिसको लेकर बीजेपी प्रत्याभशी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। अब शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से इस पर नई अधिसूचना जारी करने को कहा है।

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सुप्रीम कोर्ट ने आज अपने फैसले में कहा कि सभी प्रत्याशी अपनी बात चुनाव आयोग को नए सिरे से बता सकते हैं और चुनाव आयोग इस पर नोटिफिकेशन जारी करेगा। गौरतलब है कि इससे पहले जबलपुर हाईकोर्ट की एक बेंच ने उपचुनाव को लेकर आयोजित की जाने वाली सभाओं पर रोक लगा दी थी। जिसके बाद एमपी में सीएम शिवराज सिंह चौहान की सभाएं निरस्त कर दी गई थीं। मुख्यमंत्री ने इस बारे में ट्वीट कर जानकारी भी दी थी। वही सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद राजनीतिक दलों को राहत मिली है। प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों के लिए 03 नवम्बर को मतदान होना है वही 01 नवम्बर शाम 05 बजे चुनाव प्रचार थम जाएगा। जिसके बाद प्रत्याशी मतदाताओं से घर- घर जाकर संपर्क कर सकेंगे। 

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