Delhi CJP Protest के दौरान पुलिस कार्रवाई पर Supreme Court में सुनवाई, वकीलों ने क्या-क्या कहा?

Supreme Court Delhi protest hearing
ANI
एकता । Oct 11 2026 12:17PM

10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई और हिरासत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने इंटरनेट बंद करने, प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और आवागमन पर लगी पाबंदियों को अदालत में चुनौती दी। जस्टिस जयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने गंभीरता को देखते हुए सभी को पक्ष रखने का मौका दिया।

10 अक्टूबर को दिल्ली में हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और अर्धसैनिक बलों की कार्रवाई और लोगों को हिरासत में लिए जाने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। जस्टिस जयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है।

सुनवाई शुरू होते ही पीठ ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत में मौजूद सभी वकीलों को अपनी बात रखने का पूरा मौका दिया जाएगा। जब वकीलों ने इस विशेष सुनवाई के लिए अदालत का धन्यवाद किया, तो जस्टिस बागची ने कहा, "धन्यवाद देने की कोई जरूरत नहीं है, हम हमेशा देश की सेवा में हैं।"

कपिल सिब्बल ने हिरासत और इंटरनेट बंद करने पर उठाए सवाल

सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने लोगों को हिरासत में लेने और धारा 163 के तहत रोक लगाने के आदेश को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि पुलिस लोगों को ट्रेनों से उतारकर हिरासत में ले रही है। सिब्बल ने इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने पर भी सवाल उठाए। इस दौरान उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के पुराने अनुराधा भसीन मामले के फैसले का हवाला दिया।

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शदान फरासत ने प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार का मुद्दा उठाया

वरिष्ठ वकील शदान फरासत ने प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा अदालत में उठाया। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों को घसीटकर बसों में डाला जा रहा है और फिर उन्हें बसों से बाहर फेंका जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि निहत्थे बच्चों और छात्रों की पिटाई की गई। मीडिया में ऐसी तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें शदान फरासत खुद पुलिस की हिरासत में नजर आ रहे हैं।

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एन हरिशरण ने आने-जाने के अधिकार का मुद्दा उठाया

वरिष्ठ वकील एन हरिशरण ने अदालत में कहा कि मौजूदा हालात ऐसे हो गए हैं कि नागरिकों से शहर में आने-जाने का अधिकार भी छीन लिया गया है।

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