Surinder Choudhary ने Kishtwar कांड पर दी चेतावनी, बच्चों पर हिंसा नहीं होगी बर्दाश्त

Prabhasakshi Image
Prabhasakshi

जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने किश्तवाड़ में नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म और मौत के मामले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि सरकार बच्चों के खिलाफ कोई भी क्रूरता बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस भले ही निर्वाचित सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण में न हो, लेकिन ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उमर अब्दुल्ला सरकार हरसंभव कदम उठाएगी। इस बीच किश्तवाड़, डोडा और जम्मू में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन जारी रहे।

जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने शिक्षक द्वारा नाबालिग लड़की से कथित दुष्कर्म करने और गर्भपात की कोशिश के दौरान उसकी मौत हो जाने की घटना की शनिवार को कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा, अन्याय और क्रूरता बर्दाश्त नहीं करेगी। चौधरी ने इस घटना को ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण और परेशान करने वाली’’ बताते हुए कहा कि मामले में पुलिस पहले ही कार्रवाई कर चुकी है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘लड़कियों या बच्चों के खिलाफ किसी भी तरह का अन्याय और क्रूरता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।’’ उन्होंने कहा कि किसी को यह नहीं सोचना चाहिए कि वह किसी के साथ दुर्व्यवहार कर सकता है और उसे सजा नहीं मिलेगी। पुलिस के अनुसार, किश्तवाड़ जिले के चात्रू क्षेत्र निवासी आदिवासी समुदाय की 15-वर्षीय लड़की से उसके स्कूल के शिक्षक ने कई महीनों तक कथित रूप से दुष्कर्म किया। इसके कारण वह गर्भवती हो गई और गलत तरीके से गर्भपात कराने के प्रयास के बाद बृहस्पतिवार को उसकी मौत हो गई।

पुलिस ने आरोपी शिक्षक के अलावा स्कूल के प्रधानाध्यापक और उसके भाई को भी गिरफ्तार किया है। उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जो हुआ उसकी निंदा करने के लिए शब्द नहीं हैं।’’ उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी घटनाओं को कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस जम्मू-कश्मीर की निर्वाचित सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण में नहीं आती है।

हालांकि, उन्होंने कहा कि यह किसी भी व्यक्ति, खासकर लड़कियों के साथ अन्याय होने देने का बहाना नहीं हो सकता। चौधरी ने कहा, ‘‘अगर ऐसी घटनाएं बढ़ती रहीं तो उमर अब्दुल्ला सरकार इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार हरसंभव कदम उठाएगी।’’ उपमुख्यमंत्री ने इससे पहले जम्मू के एक सरकारी अस्पताल का औचक निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से बात की और अस्पताल में छात्राओं को ‘रिसेप्शन काउंटर’ पर तैनात किए जाने पर नाराजगी जताई तथा तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि अस्पताल का प्रबंधन ठीक तरह से नहीं होने की शिकायत मिलने के बाद वह स्थिति का जायजा लेने पहुंचे थे। उन्होंने कहा, ‘‘यह देखकर हैरानी हुई कि पढ़ाई के लिए आई छात्राओं को ‘रिसेप्शन’ पर बैठाया गया था, जबकि यह उनका काम नहीं है।’’ इस बीच, घटना के विरोध में जम्मू, किश्तवाड़ और डोडा समेत विभिन्न क्षेत्रों में लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन जारी रहे। प्रदर्शनकारियों ने घटना पर आक्रोश जताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल थे।

All the updates here:

अन्य न्यूज़