Kolkata भगदड़ पीड़ितों के परिजनों से मिले CM Suvendu Adhikari, 25 लाख रुपये की सहायता दी

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पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दुर्गा पूजा पंडाल हादसे में जान गंवाने वाले तीन लोगों के परिजनों से मिलकर 25-25 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की। उन्होंने पूर्व बर्द्धमान और हुगली जाकर पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी तथा मामले की न्यायिक जांच के लिए उच्च न्यायालय को पत्र लिखने की जानकारी दी।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता स्थित दुर्गा पूजा के एक पंडाल में शनिवार को भगदड़ के कारण मारे गए 19 लोगों में से तीन के परिजनों से मंगलवार को मुलाकात की और प्रत्येक पीड़ित परिवार को 25-25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि सौंपी। शुभेंदु सबसे पहले तोगोड़ बेज (37) और उनके बेटे संदीप बेज (14) के परिजनों से मिले और उन्हें हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री हुगली जिले के आरामबाग पहुंचे, जहां उन्होंने इस हादसे में जान गंवाने वाली पियाली प्रमाणिक के परिवार से मुलाकात की।

प्रमाणिक भी तोगोड़ बेज की रिश्तेदार थीं। पूर्व बर्द्धमान जिले के माधवदीघी इलाके में स्थित तोगोड़ के आवास पर मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार से कहा, ‘‘आपके दुख के आगे मैं निशब्द हूं, और न ही मेरे पास उन लोगों को वापस लाने की शक्ति है जो हमें छोड़कर चले गए हैं। मैं आपके दर्द को समझ सकता हूं।

मैं आपको 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दे रहा हूं।’’ इसके बाद उन्होंने प्रमाणिक के शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर उनसे बातचीत की। अनुग्रह राशि का चेक सौंपने के अलावा मुख्यमंत्री ने प्रमाणिक को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। उन्होंने प्रमाणिक के परिवार से कहा, ‘‘मैं आप सभी के साथ हूं।

चिंता न करें। पूर्ववर्ती सरकार के उलट, हम बातों में नहीं बल्कि काम में विश्वास रखते हैं।’’ उत्तर कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 25 अन्य घायल हो गए थे। शुभेंदु ने तृणमूल कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए संवाददाताओं से कहा कि उसने अपने कार्यकाल में ऐसी घटनाओं से निपटने में लापरवाही बरती थी।

उन्होंने कहा, ‘‘अपने पूर्ववर्ती के विपरीत, मैं इसे अपनी जिम्मेदारियों में से एक मानता हूं। पहले के मामलों में पीड़ित परिवारों को जांच के आदेश के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय जाना पड़ता था। क्या आपने कभी सुना है कि किसी सरकार ने 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया हो?’’ शुभेंदु ने कहा कि मुख्य सचिव ने सोमवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर चोरबागान दुर्गा पूजा भगदड़ की जांच के लिए एक सेवारत न्यायाधीश को नामित करने का अनुरोध किया है।

उन्होंने यह भी कहा कि चूंकि यह घटना कोलकाता पुलिस और कोलकाता नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में हुई है, इसलिए दुर्घटना की जांच के लिए गठित टीम में इन दोनों के किसी भी प्रतिनिधि को शामिल नहीं किया गया है।

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