Tamil Nadu Assembly: TVK सरकार ने FCRA Bill के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया

तमिलनाडु के स्कूल शिक्षा मंत्री राजमोहन ने मंगलवार को राज्य विधानसभा में केंद्र सरकार के विदेशी अंशदान संशोधन विधेयक को वापस लेने की मांग वाला प्रस्ताव पेश किया। सरकार का तर्क है कि इससे परमार्थ और अल्पसंख्यक शैक्षणिक व सामाजिक कल्याण संस्थानों की स्वायत्तता प्रभावित हो सकती है। सदन में इस प्रस्ताव को डीएमडीके प्रमुख प्रेमलता विजयकांत का भी समर्थन मिला।
तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार ने मंगलवार को राज्य विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश कर केंद्र सरकार से ‘विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026’ को वापस लेने की मांग की। स्कूल शिक्षा मंत्री राजमोहन ने सदन में प्रस्ताव पेश किया। इसमें कहा गया कि एफसीआरए संशोधन विधेयक के प्रावधान परमार्थ संगठनों की स्वायत्तता और विशेष रूप से अल्पसंख्यकों द्वारा चलाए जा रहे शैक्षणिक और सामाजिक कल्याण संस्थानों के कामकाज पर प्रतिकूल असर डाल सकते हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी संशोधन में नैसर्गिक न्याय, समानता के अधिकार, संपत्ति के अधिकारों की सुरक्षा, वैध अधिकारों और संघवाद का ध्यान रखा जाना चाहिए। सदन में पेश किए गए प्रस्ताव के अनुसार, ‘‘विदेशी अंशदान में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के साथ-साथ, कानूनी रूप से काम करने वाले परमार्थ, शैक्षिक, चिकित्सा, धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कल्याण संगठनों के अधिकारों की भी रक्षा की जानी चाहिए।’’ विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने विधायकों को इस प्रस्ताव पर अपनी बात रखने के लिए आमंत्रित किया। देसिया मुरपोक्कू द्रविड़ कषगम (डीएमडीके) की प्रमुख प्रेमलता विजयकांत ने प्रस्ताव का समर्थन करते हुए अपनी बात रखी।
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