8 साल बाद यौन शोषण केस में तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल बरी, 2013 में हुई थी FIR

Tarun Tejpal f
रेनू तिवारी । May 21 2021 11:51AM

गोवा के मापुसा में जिला एवं सत्र न्यायालय ने शुक्रवार को पत्रकार तरुण तेजपाल को 2013 के बलात्कार के एक मामले में बरी कर दिया। तहलका के पूर्व प्रधान संपादक तरुण तेजपाल पर 2013 में गोवा के एक लग्जरी होटल की लिफ्ट के अंदर एक महिला सहकर्मी का कथित रूप से यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया था।

उत्तरी गोवा के मापुसा में जिला एवं सत्र न्यायालय ने शुक्रवार को पत्रकार तरुण तेजपाल को 2013 के बलात्कार के एक मामले में बरी कर दिया। तहलका के पूर्व प्रधान संपादक तरुण तेजपाल पर 2013 में गोवा के एक लग्जरी होटल की लिफ्ट के अंदर एक महिला सहकर्मी का कथित रूप से यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया था। आठ साल बाद उनके उन पर लगे सभी आरोप को कोर्ट ने खारिज कर दिया है।  इससे पहले   कथित यौन उत्पीड़न मामले में तरुण तेजपाल जमानत पर छूटे गये थे। अब वह पूरी तरह से सभी आरोपों से बरी हो गये हैं। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश क्षमा जोशी ने तेजपाल को मामले में बरी कर दिया। फैसला पूर्वाह्न पौने 11 बजे सुनाया गया और इस समय तेजपाल अपने परिवार के साथ अदालत में मौजूद थे। तेजपाल के अधिवक्ता राजीव गोम्स के कनिष्ठ एवं वकील सुहास वलिप ने कहा, ‘‘ अदालत ने तेजपाल को आज सभी आरोपों से बरी कर दिया। 


 

इसे भी पढ़ें: ब्लैक फंगस में उपयोगी दवा के उत्पादन के लिये पिछले तीन दिन में पांच कंपनियों को मंजूरी: मंडाविया 

 तेजपाल के वकील गोम्स का पिछले सप्ताह कोविड-19 के कारण निधन हो गया था। अदालत के फैसल के बाद अभियोजन पक्ष ने कहा कि वह फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे। अदालत पहले तीन बार कई कारणों का हवाला देते हुए फैसले को स्थगित कर चुकी है। इससे पहले, अदालत 27 अप्रैल को फैसला सुनाने वाली थी लेकिन न्यायाधीश ने फैसला 12 मई तक स्थगित कर दिया था। 12 मई को फैसला एक बार फिर 19 मई के लिए टाल दिया गया था और फिर 19 मई को इसे 21 मई तक के लिए स्थगित कर दिया गया था।  

आरोपों से बरी होने के बाद तरुण तेजपाल ने अदालत को धन्यवाद दिया और कहा कि "मैं अदालत के फैसले का सम्मान करता हूं। अदालत ने सबूतों की बहुत गहनता से जांच की हैं।अदालत को इसके कठोर,  निष्पक्ष, सीसीटीवी फुटेज और रिकॉर्ड पर अन्य अनुभवजन्य सामग्री की गहन जांच की जिसके लिए मैं धन्यवाद देता हूं। नवंबर में 2013, मुझ पर एक सहकर्मी ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। आज, सत्र अदालत ने मुझे बरी कर दिया। इतने वर्षों में, कई वकील हमारी सहायता के लिए आए और हम उन सभी के कर्जदार हैं।

 

इसे भी पढ़ें: रिजर्व बैंक ने सिटी यूनियन बैंक, तीन दूसरे बैंकों पर जुर्माना लगाया 

अपने पिता तरुण तेजपाल के ओर से बयान पढ़ते हुए  बेटी कारा ने कहा, "पिछले साढ़े सात साल मेरे परिवार के लिए दर्दनाक रहे हैं क्योंकि हमने अपनी जनता के हर पहलू पर इन झूठे आरोपों के विनाशकारी नतीजों से निपटा है। पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन।"

आपकों बता दें एक महिला सहकर्मी ने तरुण तेजपाल पर 2013 में एक होटल की लिफ्ट में बलात्कार और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। यह घटना 2013 में गोवा के बम्बोलिम में एक पांच सितारा होटल में तहलका द्वारा आयोजित थिंक फेस्टिवल के दौरान हुई थी, जब जूनियर सहकर्मी के साथ तरुण तेजपाल ने लिफ्ट के अंदर कथित तौर पर मारपीट की थी। तेजपाल को 30 नवंबर, 2013 को अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया था, जब उनकी अग्रिम जमानत याचिका अदालत द्वारा खारिज कर दी गई थी। गोवा क्राइम ब्रांच ने तरुण तेजपाल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। उन्हें 1 जुलाई 2014 को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी थी। 

We're now on WhatsApp. Click to join.
All the updates here:

अन्य न्यूज़