बिहार की डबल इंजन सरकार पर बरसे तेजस्वी, बोले- नीतीश को जबरदस्ती बनाया गया मुख्यमंत्री

  •  अनुराग गुप्ता
  •  जनवरी 13, 2021   16:44
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बिहार की डबल इंजन सरकार पर बरसे तेजस्वी, बोले- नीतीश को जबरदस्ती बनाया गया मुख्यमंत्री

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तेजस्वी यादव ने प्रदेश की डबल इंजन सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री ने चुनाव के वक्त में क्या कहा था, निश्चिंत रहिए आपका बेटा दिल्ली में बैठा है।

नयी दिल्ली। पटना में इंडिगो एयरलाइन्स के मैनेजर रूपेश कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले में अब सियासत गर्माने लगी है। विपक्षी दल लगातार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सवाल पूछ रहे हैं। इसी बीच पूर्व उपमुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव ने पूछा कि इस जगलराज का महाराज कौन है ? 

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तेजस्वी यादव ने प्रदेश की डबल इंजन सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री ने चुनाव के वक्त में क्या कहा था, निश्चिंत रहिए आपका बेटा दिल्ली में बैठा है। अब मैं पूछना चाहता हूं कि रूपेश कुमार सिंह जी का परिवार क्या छठ मना पाएगा ? इस तरह की घटनाएं बार-बार होती रहती है।

उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के लोगों से मैं पूछना चाहते हैं कि अब जंगलराज का महाराजा कौन है ? कहां हैं प्रधानमंत्री जी ? कहां गायब है ? मुख्यमंत्री जी जो धके हुए हैं जो विभाग नहीं चला पा रहे हैं उन्हें कार्रवाई करनी चाहिए।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार गलत हाथों में चला गया है। हम सवाल कर रहे हैं कि इस जंगलराज का महाराजा कौन है ? सरकार ही गुंडा चला रहे हैं तो क्या उम्मीद कर सकते हैं। सरकार में रहने वाले लोग संरक्षण देने का काम कर रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि बिहार में अपराध की खबरें सामने न आएं अगर इतनी ही एडिटिंग और मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री क्राइम रोकने में लगाते तो ये नौबत न आती। 

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उन्होंने कहा कि नीतीश जी से अब बिहार संभलने वाला नहीं। अगर गृह विभाग नहीं संभल रहा तो किसी और को दे दें। उनको जबरदस्ती सीएम बनाया गया है नहीं तो सीएम भी नहीं बनते।

उल्लेखनीय है कि पटना शहर के शास्त्रीनगर थाना अंतर्गत पुनाईचक मोहल्ला स्थित अपने घर लौट रहे इंडिगो एयरलाइन्स के मैनेजर रूपेश सिंह की मंगलवार देर शाम अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराए गए रूपेश ने वहां दम तोड दिया।





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लोकप्रियता हासिल करने के लिए मुंबई में निकाली जा रही किसान रैली: रामदास आठवले

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 25, 2021   15:35
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लोकप्रियता हासिल करने के लिए मुंबई में निकाली जा रही किसान रैली: रामदास आठवले

तपासे ने एक वीडियो संदेश में कहा, “आठवले एक मंत्री हैं। उन्होंने किसानों की भावनाओं को आहत किया है। उन्हें तत्काल देश और विशेषकर महाराष्ट्र के किसानों से माफी मांगनी चाहिए।

मुंबई। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के विरुद्ध दिल्ली के पास हो रहे आंदोलन के समर्थन में मुंबई में किसानों को जुलूस निकालने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह केवल “लोकप्रियता” हासिल करने के लिए किया जा रहा है। आठवले ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के पक्ष में है और उन्हें न्याय दिलाना चाहती है। वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने आठवले पर किसानों का अपमान करने का आरोप लगाया और अपने बयान के लिए माफी मांगने को कहा। पूरे महाराष्ट्र से हजारों की संख्या में किसान, केंद्र के नए कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन करने के लिए सोमवार को मुंबई में एकत्रित हुए।

आठवले ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में तीनों कृषि कानूनों को लागू करने पर रोक लगा दी है और केंद्र ने भी दो साल के लिए कानूनों पर रोक लगाने का प्रस्ताव दिया था। उन्होंने एबीपी माझा चैनल से कहा, “(मुंबई में) इस जुलूस की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि उच्चतम न्यायालय ने कानूनों को लागू करने पर रोक लगा दी है।” आठवले ने कहा, “सरकार ने दो साल के लिए कानून लागू न करने का प्रस्ताव दिया था। इसलिए यह आंदोलन केवल लोकप्रियता हासिल करने के लिए किया जा रहा है।” 

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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के पक्ष में है और उन्हें न्याय दिलाना चाहती है। उन्होंने कहा, “किसानों को सुनना चाहिए… उन्हें आंदोलन बंद कर देना चाहिए।” इस बीच महाराष्ट्र राकांपा के मुख्य प्रवक्ता महेश तपासे ने कहा कि आठवले ने आजाद मैदान में विरोध प्रदर्शन को लोकप्रियता हासिल करने का हथकंडा बता कर देश के किसानों का अपमान किया है। तपासे ने एक वीडियो संदेश में कहा, “आठवले एक मंत्री हैं। उन्होंने किसानों की भावनाओं को आहत किया है। उन्हें तत्काल देश और विशेषकर महाराष्ट्र के किसानों से माफी मांगनी चाहिए।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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दिल्ली HC ने स्कूलों में विशेष शिक्षकों की नियुक्ति का अनुरोध नहीं भेजने पर SDMC को लगाई फटकार

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 25, 2021   15:18
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दिल्ली HC ने स्कूलों में विशेष शिक्षकों की नियुक्ति का अनुरोध नहीं भेजने पर SDMC को लगाई फटकार

अदालत ने स्कूलों में विशेष शिक्षकों की नियुक्ति का अनुरोध नहीं भेजने पर एसडीएमसी को फटकार लगाई है।न्यायमूर्ति नज्मी वजीरी ने कहा कि अधिकारियों को ऐसे लोगों के प्रति काम करने को लेकर इच्छाशक्ति प्रदर्शित करनी चाहिए जिन्हें विशेष देखभाल की जरूरत है लेकिन उनका आचरण ऐसे व्यक्तियों के प्रति लापरवाही दर्शाता है।

नयी दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) द्वारा संचालित स्कूलों में विशेष शिक्षकों के 1,100 से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती का अनुरोध दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी) को नहीं भेजने पर नगर निकाय को फटकार लगाई और साथ में 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगा दिया। न्यायमूर्ति नज्मी वजीरी ने कहा कि अधिकारियों को ऐसे लोगों के प्रति काम करने को लेकर इच्छाशक्ति प्रदर्शित करनी चाहिए जिन्हें विशेष देखभाल की जरूरत है लेकिन उनका आचरण ऐसे व्यक्तियों के प्रति लापरवाही दर्शाता है।

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अदालत ने कहा कि 18 दिसंबर 2020 को निगम को प्रक्रिया तेज करने तथा डीएसएसएसबी को रिक्त पदों पर भर्ती का तत्काल अनुरोध भेजने का निर्देश दिया गया था लेकिन चार हफ्ते से भी अधिक वक्त बीत जाने के बावजूद निगम ने ऐसा कुछ नहीं किया जिससे कि प्रक्रिया शुरू की जा सके। इसने कहा कि निगम पर पच्चीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाता है जिसका वह दो हफ्ते के भीतर याचिकाकर्ता को भुगतान करे। इसके साथ ही अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख 10 फरवरी तय कर दी। अदालत गैर सरकारी संगठन ‘सोशल ज्यूरिस्ट’ की दिल्ली सरकार, डीएसएसएसबी तथा दिल्ली नगर निगमों के खिलाफ दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रही थी।





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अब बंगाल में 'जय श्री राम' बनाम 'हरे कृष्ण हरे राम, विदा हो बीजेपी-वाम' का नारा गूंजेगा

  •  अनुराग गुप्ता
  •  जनवरी 25, 2021   15:17
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अब बंगाल में 'जय श्री राम' बनाम 'हरे कृष्ण हरे राम, विदा हो बीजेपी-वाम' का नारा गूंजेगा

हुबली में एक जनसभा को संबोधित करती हुई ममता बनर्जी ने 'हरे कृष्ण हरे राम, विदा हो बीजेपी-वाम' का नारा दिया। दरअसल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में ममता बनर्जी जैसे ही पहुंचीं तो भाजपा कार्यकर्ताओं ने जय श्री राम का उद्घोष किया।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अब सियासत गर्माती जा रही है। राजनीतिक दलों के बीच में अब 'नारा' नया विषय बन गया है। हाल ही में भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 'जय श्री राम' के नारे को लेकर निशाना साधा था और पूछा था कि वह अपमानित क्यों महसूस कर रही थीं। राजनीति में पक्की खिलाड़ी मानी जाने वाली ममता बनर्जी को भी चुनावों के लिए कुछ नया और रोचक नारा चाहिए था। जो अब उन्हें मिल भी गया है।

हुबली में एक जनसभा को संबोधित करती हुई ममता बनर्जी ने 'हरे कृष्ण हरे राम, विदा हो बीजेपी-वाम' का नारा दिया। दरअसल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में ममता बनर्जी जैसे ही पहुंचीं तो भाजपा कार्यकर्ताओं ने जय श्री राम का उद्घोष किया। भगवान राम के उद्घोष से मुख्यमंत्री बनर्जी नाराज हो गईं और सरकारी कार्यक्रम में अपमान का आरोप लगाते हुए उन्होंने भाषण देने से इनकार कर दिया। जिसके बाद भाजपा नेता से लेकर कार्यकर्ता उन पर निशाना साध रहे हैं। 

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समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, हुबली की रैली में ममता बनर्जी ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस सभी के नेता हैं... वे मुझे प्रधानमंत्री के सामने चिढ़ा रहे थे... मैं बंदूकों में विश्वास नहीं करती हूं, मैं राजनीति में विश्वास करती हूं। भाजपा ने नेताजी का, बंगाल का, रवींद्रनाथ टैगोर का सभी का अपमान किया है। बता दें कि ममता बनर्जी ने अपना भाषण बांग्ला भाषा में दिया।





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