जिस भूमि विवाद की वजह से सोनभद्र में संघर्ष हुआ, वह 1955 से चला आ रहा: योगी

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Jul 19 2019 6:44PM
जिस भूमि विवाद की वजह से सोनभद्र में संघर्ष हुआ, वह 1955 से चला आ रहा: योगी
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सपा सदस्यों की नारेबाजी के बीच सदन में वक्तव्य के बाद योगी ने बाहर प्रेस कांफ्रेंस भी की ।रामपुर प्रशासन द्वारा सपा नेता आजम खां को भूमाफिया घोषित किये जाने की खबरों पर एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व की सपा सरकार के समय कब्जा संस्कृति थी और रामपुर इसका उदाहरण है ।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोनभद्र हत्याकांड में मारे गये लोगों और उनके परिजनों को न्याय का भरोसा दिलाते हुए शुक्रवार को कहा कि उप मंडलीय मजिस्ट्रेट :एसडीएम: और पुलिस क्षेत्राधिकारी एवं इंस्पेक्टर सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है जबकि 29 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपर मुख्य सचिव :राजस्व: के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया गया है जो अपनी रिपोर्ट दस दिन के भीतर सौंपेगी। सोनभद्र जिले के घोरावल थानाक्षेत्र में बुधवार को विवादित 90 बीघा भूमि पर ग्राम प्रधान और उसके समर्थकों द्वारा कब्जा करने के प्रयास का विरोध करने पर यहां दस लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गयी जबकि 28 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

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ॉयोगी ने राज्य विधानसभा में वक्तव्य दिया, पूर्व में दो गुटों के बीच विवाद और शांतिभंग की आशंका के बावजूद अधिकारियों ने पर्याप्त कदम नहीं उठाये। घोरावल में तैनात रहे एसडीएम, सीओ और इंस्पेक्टर को जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर निलंबित कर दिया गया है । बीट सब इंस्पेक्टर और कांस्टेबल को भी निलंबित किया गया है। उन्होंने बताया कि विंध्याचल मंडल मिर्जापुर के मंडलायुक्त और वाराणसी जोन के अपर पुलिस महानिदेशक की दो सदस्यीय समिति की रिपोर्ट के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गयी है। योगी ने रिपोर्ट के हवाले से बताया कि उन्होंने कहा कि जिस भूमि विवाद की वजह से यह संघर्ष हुआ, वह 1955 से चला आ रहा है और राजस्व अदालतों में कई मामले लंबित हैं और दोनों ही गुटों ने आपराधिक मामले भी दाखिल किये हैं। पीड़ित पक्ष के लोग भूमि पर लंबे समय से खेतीबाड़ी करते आये हैं लेकिन राजस्व रिकार्ड में उनके नाम दर्ज नही हैं और आरोपी ट्रैक्टरों में अपने समर्थकों को लेकर विवादित भूमि पर कब्जा करनेपहुंचा, जिसके बाद संघर्ष हुआ।

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घटना के बारे में उन्होंने कहा कि मुख्य आरोपी यज्ञ दत्त सहित 29 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और हत्याकांड में 10 लोगों की जान गयी जबकि 28 अन्य घायल हुए। इन 28 घायलों में से 21 पीड़ितों के पक्ष के जबकि सात अन्य आरोपी की ओर के हैं ।हमले में इस्तेमाल सिंगल बैरल गन, राइफल, तीन डबल बैरल गन और छह ट्रैक्टर अब तक जब्त किये जा चुके हैं। योगी ने बताया कि भूमि विवाद पर दस दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के लिए अपर मुख्य सचिव :राजस्व: की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति बनायी गयी है, जिसमें प्रमुख सचिव :श्रम: और मंडलायुक्त विंध्यांचल भी हैं। समिति राजस्व रिकार्ड की जांच कर विवाद का पता लगाएगी और अपनी सिफारिशें सौंपेगी। उन्होंने बताया कि अपर महानिदेशक :वाराणसी जोन: से भी जुलाई 2017 से पूर्व सोनभद्र में दोनों पक्षों के बीच दर्ज हुए मामलों की जांच करने को कहा गया है। योगी ने कहा कि जवाबदेही तय की जाएगी और पीडितों को न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि हत्याकांड में शामिल लोग बख्शे नहीं जाएंगे।

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सपा सदस्यों की नारेबाजी के बीच सदन में वक्तव्य के बाद योगी ने बाहर प्रेस कांफ्रेंस भी की ।रामपुर प्रशासन द्वारा सपा नेता आजम खां को भूमाफिया घोषित किये जाने की खबरों पर एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व की सपा सरकार के समय  कब्जा संस्कृति  थी और रामपुर इसका उदाहरण है ।सोनभद्र हत्याकांड पर योगी ने अपनी प्रेस कांफ्रेंस में कहा,  स्थानीय पुलिस द्वारा तत्परता से कार्रवाई करते हुए अब तक 29 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्य अभियुक्त ग्राम प्रधान व उसका भाई भी गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा,  समिति द्वारा शासन को उपलब्ध कराई गई रिपोर्ट के अनुसार यह प्रकरण वर्ष 1955 से चला आ रहा है। दोनों पक्षों के बीच कई मुकदमें हैं, जो राजस्व न्यायालय में चल रहे हैं।

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इसके अलावा , आपराधिक वाद भी लम्बित हैं।  मुख्यमंत्री ने बताया कि दो सदस्यीय जांच समिति द्वारा घटना के दिन ही स्थल का निरीक्षण करते हुए सम्बंधित अभिलेखों का गहन परीक्षण किया गया तथा सम्बंधित पक्षकारों के बयान आदि दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जनपद सोनभद्र की तहसील घोरावल स्थित ग्राम उम्भा में जमीनी विवाद को लेकर हुई दुखद घटना के पीड़ितों के प्रति उनकी व राज्य सरकार की गहरी संवेदनाएं हैं। योगी ने कहा,  घटना की जानकारी होते ही मैंने पुलिस महानिदेशक को इस प्रकरण का व्यक्तिगत रूप से अनुश्रवण करने व दोषियों को गिरफ्तार करने के लिए प्रभावी कार्रवाई के लिए निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसी क्रम में सोनभद्र के जिलाधिकारी को घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित कराने के लिए भी निर्देशित किया गया ।उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मृतकों के आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपए व घायलों को 50-50 हजार रूपये की आर्थिक सहायता दिए जाने का निर्णय लिया गया है।



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