शायर मुनब्बर राणा के विवादित बयान पर बोले रामेश्वर शर्मा, कहा देवी देवताओं की नंगी तस्वीर बनाने वाले एम.एफ. हुसैन का गला क्यों नही काटा ?

शायर मुनब्बर राणा के विवादित बयान पर बोले रामेश्वर शर्मा, कहा देवी देवताओं की नंगी तस्वीर बनाने वाले एम.एफ. हुसैन का गला क्यों नही काटा ?

वही रविवार को रायसेन में पत्रकारों से चर्चा के दौरान रामेश्वर शर्मा ने कहा कि फ्रांस में जो कुछ हुआ वह निंदनीय था, वहाँ की सरकार ने जिस प्रकार आतंकवाद की गर्दन पर पैर रखकर दहशतगर्दी को खत्म किया है जो कि अभिनंदनीय है।

भोपाल। फ्रांस में पोस्टर विवाद पर भारत में मुस्लिम कट्टरपंथी आंदोलन कर रहे है। वही भोपाल में विगत दिनों कांग्रेस के विधायक आरिफ मसूद के नेतृत्व में हुए आंदोलन पर मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने कड़ी आपत्ति व्यक्त करते हुए इस प्रकार के आंदोलन को भय का वातावरण बनाने वाला बताया था। रामेश्वर के इस बयान को सोशल मीडिया पर लाखों लोगों ने देखा और हज़ारों ने इसे पसंद किया। निश्चित रूप से हिंसा एवं आतंकवाद की घटनाओं का समर्थन करना कानूनी अपराध है। वही रविवार को रायसेन में पत्रकारों से चर्चा के दौरान रामेश्वर शर्मा ने कहा कि फ्रांस में जो कुछ हुआ वह निंदनीय था, वहाँ की सरकार ने जिस प्रकार आतंकवाद की गर्दन पर पैर रखकर दहशतगर्दी को खत्म किया है जो कि अभिनंदनीय है। 

इसे भी पढ़ें: सिंधिया जी शेर हैं, शेरनी के पोते हैं- सुश्री उमा भारती

शर्मा ने कहा कि फ्रांस के पोस्टर विवाद पर सार्वजनिक मंचों से गला काटने और आग लगा देने वाली बातें हो रही है। इसकी इज़ाजत भारतीय संविधान नही देता। यह गांधी जी का देश है, यहाँ हिंसा के लिए कोई जगह नही है। जो लोग आज पोस्टर पर जान देने और लेने की बात कर रहे है वह लोग तब कहाँ थे जब एम.एफ. हुसैन ने राम सीता, दुर्गा सरस्वती, भगवान गणेश का नग्न चित्र बनाएं थे, किसने एम.एफ. हुसैन का सिर काटा बताएं ? शर्मा ने कहा कि वर्ष 2001 में अफगानिस्तान और 2007 में पाकिस्तान में बम और तोप से भगवान गौतम बुद्ध की प्रतिमा को तोड़ दिया गया। अनुसूचित जाति वर्ग के आराध्य एवं पूरी दुनियां में शांति का संदेश देने वाले भगवान गौतम बुद्ध ने मुस्लिम कट्टरपंथीयों का क्या बिगाड़ा था ? लखनऊ में मुस्लिम कट्टर पंथियों ने भगवान महावीर की प्रतिमा तोड़ी तब कहाँ गए थे तथाकथित धर्म निरपेक्ष और गला काटने वाले मुन्नवर राणा ? 





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।