स्टूडेंट को टीचर पर था क्रश, एकतरफा प्यार में मैडम के साथ कर दी ऐसी अश्लील हरकत

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इंदौर जिले में 16 वर्षीय छात्र ने इंस्टाग्राम पर अलग-अलग फर्जी अकाउंट बनाकर अपने स्कूल की शिक्षिका को बेहद अश्लील सामग्री भेजी और छेड़छाड़ कर बनाई गई उनकी आपत्तिजनक फोटो वायरल करने की धमकी देकर उन्हें मानसिक तौर पर परेशान किया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

इंदौर (मप्र)। इंदौर जिले में 16 वर्षीय छात्र ने इंस्टाग्राम पर अलग-अलग फर्जी अकाउंट बनाकर अपने स्कूल की शिक्षिका को बेहद अश्लील सामग्री भेजी और छेड़छाड़ कर बनाई गई उनकी आपत्तिजनक फोटो वायरल करने की धमकी देकर उन्हें मानसिक तौर पर परेशान किया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। साइबर दस्ते की इंदौर इकाई के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सांवेर क्षेत्र के एक निजी स्कूल की 28 वर्षीय शिक्षिका ने शिकायत की थी कि कोई अज्ञात शख्स इंस्टाग्राम पर अलग-अलग अकाउंट से उन्हें बेहद अश्लील सामग्री भेज रहा है और यह धमकी भी दे रहा है कि वह आपत्तिजनक अवस्था वाली उनकी तस्वीरें बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा।

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पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस व्यक्ति ने शिकायतकर्ता को डराने के लिए इंस्टाग्राम पर कुछ ऐसी तस्वीरें भी भेजीं, जिसमें अन्य महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरों में शिक्षिका का चेहरा लगा दिया गया था। सिंह ने बताया कि पुलिस के साइबर दस्ते की जांच में पता चला कि यह हरकत किसी और ने नहीं, बल्कि स्कूल शिक्षिका के 16 वर्षीय छात्र ने की थी। सिंह ने बताया, ‘‘कक्षा नौ में पढ़ने वाले इस छात्र से हमने पूछताछ की, तो उसने शिक्षिका को परेशान करने की बात कबूल की और बताया कि वह शिक्षिका के प्रति लम्बे समय से आकर्षित था।’’

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उन्होंने बताया कि अश्लील सामग्री से परेशान शिक्षिका जब एक फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट को ब्लॉक करती, तो उसे दूसरे फर्जी अकाउंट से इस तरह की सामग्री मिलने लगती। सिंह ने बताया कि नाबालिग छात्र ने शिक्षिका की एक सहेली को भी सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री भेजी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इंस्टाग्राम पर करीब 10 फर्जी अकाउंट बनाने वाले नाबालिग छात्र की काउंसलिंग की गई है और साइबर अपराध में इस्तेमाल स्मार्ट फोन तथा सिम उसके पिता एवं पंचों की मौजूदगी में जब्त की गई है। उन्होंने बताया कि अपने बेटे की हरकत से हैरत और शर्मिंदगी में पडे़ उसके पिता ने पुलिस के साइबर दस्ते को बताया कि उन्होंने वर्ष 2020 में कोविड-19 की तालाबंदी के दौरान बेटे को स्मार्ट फोन खरीद कर दिया था, ताकि वह स्कूल की ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल हो सके। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में आगामी कानूनी औपचारिकताएं किशोर न्यायालय में पूरी की जाएंगी।

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