"यह घर बिकाऊ है", हम मुस्लिम समाज और प्रशासन से पीड़ित हैं, जानिए क्या है पूरा मामला

Yeh ghar bikau hai ratlam
सुयश भट्ट । Jan 19, 2022 1:18PM
ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए कहा कि गांव की आबादी का 60 प्रतिशत मुस्लिम और 40 प्रतिशत हिंदू आबादी है। जो भाई चारे से कई पीढियों से रह रहे थे। लेकिन पिछले दो तीन वर्षों से विधर्मी मानसिकता हमारे गांव में आई है और हमारे गांव में हिंदू युवाओं के साथ गाली गलोच, मारपीट और धमकी देने लगे।

भोपाल। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले एक अजीब खबर सामने आई है जिसने सबको हैरत में डाल दिया हैं। जिले के सुराणा गांव के ग्रामीण घर बेचकर जाना चाहते हैं। बकायदा जिसके लिए उन सभी परिवार वालो ने अपने घरों के बाहर यह घर बिकाऊ है लिख दिया है। जानकारी मिली है कि ये मामला मुस्लिम बहुल गांव से हिन्दूओं के पलायन से जुड़ा है।

इस मामला के संज्ञान में आने के बाद रतलाम अपर कलेक्टर एमएल आर्य ने कहा की गांव में सभी लोग भाईचारे के साथ रहते हैं। जांच दल बनाकर गांव में भेजा जाएगा और लोगो से बातचीत कर समाधान किया जाएगा। इस मुद्दे के सामने आने के बाद भी कोई जांच दल या सत्ताधारी नेता अब तक गांव नहीं पहुंचा है। हालांकि ग्रामीणों ने कहा कि ज्ञापन देने के बाद कुछ पुलिसकर्मी गांव में आये थे और भ्रमण कर चले गए। वहां लगभग गांव के हर हिन्दू परिवार ने ने अपने घरों के बाहर लिखा है कि “यह घर बिकाऊ है”, “हम मुस्लिम समाज और प्रशासन से पीड़ित हैं। 

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वहीं इस गांव की तुलना उत्तर प्रदेश के कैराना से की जाने लगी। जानकारी के अनुसार यूपी के कैराना में हिन्दूओं के पलायन का मामला खूब सुर्खियो में रहा है। वहां भी पलायन कर रहे हिन्दूओं ने इसी तरह अपने घर के बाहर लिख कर घरों को छोड़ा था।

दरअसल गांव सुराणा के हिंदू रहवासियों ने गांव में रह रहे वर्ग विशेष लोगों से परेशान होकर 3 दिन में परिवार सहित गांव खाली करने की चेतावनी दी थी। मंगलवार दोपहर में ग्रामीण जब समस्या लेकर एसपी गौरव तिवारी के पास पहुंचे तो सुनवाई नहीं। जिसके बाद ग्रामीण कलेक्टोरेट पहुंचे और कलेक्टर के नाम ज्ञापन एसडीएम को सौंपकर गांव छोडकर अन्य दूसरी जगह बसने की लिए पट्टे की मांग की।

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इसी के साथ साथ कलेक्टर को ज्ञापन देने के पूर्व ग्रामीण रतलाम के बीजेपी जिलाध्यक्ष राजेन्द्रसिंह लुनेरा के पास पहुंचे थे। जहां से लुनेरा ने एसपी गौरव तिवारी से बातचीत कर ग्रामीणों के मिलने की बात कही। जिसके बाद ग्रामीण एसपी के दफ्तर पहुंचे थे और वहां एसपी ने उनकी बात सुनकर उन्हें ही कसूरवार ठहरा दिया। सूत्रों के अनुसार सुराणा के हिन्दूओं ने गांव छोड़कर शहर में आने का पूरा मन बना लिया है। 3 दिन बाद सभी वहां से घर खाली कर शहर की ओर आने वाले हैं।

ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए कहा कि गांव की आबादी का 60 प्रतिशत मुस्लिम और 40 प्रतिशत हिंदू आबादी है। जो भाई चारे से कई पीढियों से रह रहे थे। लेकिन पिछले दो तीन वर्षों से विधर्मी मानसिकता हमारे गांव में आई है और हमारे गांव में हिंदू युवाओं के साथ गाली गलोच, मारपीट और धमकी देने लगे।

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उन्होंने कहा कि गांव में हम लोग शांति सद्भाव से रहना चाहते है लेकिन आए दिन हिंदू युवाओं से गाली गलोच और जान से मारने की धमकी के साथ मारपीट भी की जाती है। पुलिस में जब शिकायत करते है तो उल्टा र्कारवाही कर दी जाती है। उन्होंने कहा कि जब मंगलवार को विधायक दिलीप मकवाना और बीजेपी जिलाध्यक्ष राजेंद्रसिंह लुनेरा को सारी समस्या से अवगत कराया। तो उन्होंने एसपी से चर्चा कर मिलने को कहा। जब हम लोग मिलने गए तो उन्होंने बात नहीं सुनते हुए उल्टे उन्हीं पर र्कारवाही करने की चेतावनी दे दी।

ग्रामीणों ने आरोप है कि रतलाम एसपी गौरव तिवारी ने उनकी समस्या नहीं सुनी। उन्हें ऑफिस रवाना कर दिया।एसपी के व्यवहार से ग्रामीण आक्रोशित थे। कलेक्टोरेट में पुलिस प्रशासन व एसपी के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे भी लगाए।

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ग्रामीणों ने कहा कि हमारे गांव का एक दल शांति स्थापित करना चाहता हैं। वहीं हमारी बात सुने बगैर डरा धमका कर रासुका, जिलाबदर, और मकान गिराने की धमकी दे दी। इस कारण हम भयभीत हैं। हम अपना गांव अपनी संपत्ति प्रशासन को सुपुर्द कर अन्य जगह पर स्थापित होना चाहते हैं। जिससे हमारी आने वाली हिंदू युवा पीढ़ी सुरक्षित रह सके।

इस मामले को लेकर प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि ये मामला मेरी संज्ञान में आया है। पहले प्रशासन से पहले बातचीत की जाएगी। सच्चाई का पता लगवाया जाएगा। उसके बाद ही किसी कार्यवाही पर फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को या गांव के किसी भी व्यक्ति को डरने की ज़रूरत नही है। ऐसा कुछ न करे कि भय का माहौल बाने। उन्होंने आश्वासन दिया कि रतलाम एसपी से बात करके जल्द निराकरण किया जाएगा।

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