समय का मारा TIME, विराट जीत के बाद हुआ मोदी का मुरीद

By अभिनय आकाश | Publish Date: May 29 2019 1:07PM
समय का मारा TIME, विराट जीत के बाद हुआ मोदी का मुरीद
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लाडवा ने इस लेख में पीएम नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक जीत की व्याख्या करते हुए लिखा है कि लिखा है कि नरेंद्र मोदी के अलावा कोई भी अन्य पीएम करीब 5 दशक लंबे समय में भारतीय वोटरों को एकजुट कर पाने में सक्षम नहीं रहे थे।

नई दिल्‍ली। नाहक ही स्कूलों के पाठयक्रमों में गिरगिट को रंग बदलने के खेल का विजेता घोषित किया जाता रहा है। कुछ पत्रिका और लेखक इस खेल में उससे भी काफी आगे निकल चुके हैं। कल तक नरेंद्र मोदी को भारत को बांटने वाला प्रमुख व्यक्ति बताने वाली अमेरिका की मशहूर पत्रिका टाइम नरेंद्र मोदी की विराट विजय गाथा गाने में जुट गया। टाइम ने अपने वेबसाइट पर Modi Has United India Like No Prime Minister in Decades यानि ऐसा प्रधानमंत्री जिसने दशकों में पहली बार भारत को एकजुट करने का काम किया है नामक शीर्षक से लेख प्रकाशित किया है। इस लेख को इंडिया इंक समूह के संस्थापक और सीईओ मनोज लाडवा ने लिखा है।

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लाडवा ने इस लेख में पीएम नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक जीत की व्याख्या करते हुए लिखा है कि लिखा है कि नरेंद्र मोदी के अलावा कोई  भी अन्य पीएम करीब 5 दशक लंबे समय में भारतीय वोटरों को एकजुट कर पाने में सक्षम नहीं रहे थे। मोदी की जीत के कारकों को गिनाते हुए इस लेख में इंदिरा गांधी को अपने दम पर संसद में बहुमत के साथ कदम रखने वाली अंतिम प्रधानमंत्री बताया है। लाडवा ने लिखा कि नरेंद्र मोदी कैसे निचली जाति से होने के बाद भी सत्ता के शिखर तक कदमताल किया और जनता का उन्हें कैसे भरपूर समर्थन भी प्राप्त हुआ। 





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गौरतलब है कि इससे पहले टाइम मैगजीन ने अपने कवर पेज पर मोदी की तस्‍वीर छापी थी और उन्‍हें ‘इंडियाज डिवाइडर इन चीफ अर्थात भारत को बांटने वाला प्रमुख बताया था। पत्रकार आतिश तसीर ने इस कवर स्टोरी को जारी करते हुए लिखा था कि Can the World's Largest Democracy Endure Another Five Years of a Modi Government? जिसका मतलब है कि क्या दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र मोदी सरकार के पांच साल और सहन कर पाएगा। जिसके बाद पीएम मोदी ने इसपर अपनी प्रतिक्रिया भी दी थी। पीएम मोदी ने कहा था कि टाइम मैगजीन विदेशी है, लेखक खुद कह चुका है कि वह पाकिस्तान के एक राजनीतिक परिवार से आता है। यह उसकी विश्वसनीयता बताने के लिए काफी है। 

समय का मारा टाइम



वास्तविकता पर गौर करें तो में टाइम का स्वामित्व एक ही साल में दो हाथों में जा चुका है। साल 2018 के मार्च में इसे बेटर होम्स और गार्डन्स जैसी मैग्जीन्स के प्रकाशक मेरेडिथ ने खरीदा था। जिसके सात महीने के भीतर ही सितंबर में इसे सेल्सफोर्स के संस्थापक और टेक उद्यमी मार्क बेनिऑफ तथा उनकी पत्नी ने खरीदा था।

 

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