राजनीति में आना... TMC के Asish Banerjee ने सुसाइड नोट में लिखे हैरान करने वाले सच

Asish Banerjee
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एकता । Aug 16 2026 11:36AM

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार के पूर्व मंत्री और पांच बार के विधायक आशीष बनर्जी बीरभूम में अपने पार्टी कार्यालय में मृत पाए गए। उनके शव के पास मिले सुसाइड नोट में उन्होंने राजनीति में कदम रखने को जीवन की सबसे बड़ी गलती बताया। नोट में उन्होंने छवि खराब करने की साजिश और अपमान पर दुख जताया।

ममता बनर्जी सरकार में मंत्री और पूर्व डिप्टी स्पीकर रहे आशीष बनर्जी रविवार को बीरभूम जिले के रामपुरहाट स्थित अपने पार्टी ऑफिस में मृत पाए गए। उनका शव फंदे से लटका हुआ मिला। 75 वर्षीय आशीष बनर्जी रामपुरहाट से लगातार पांच बार विधायक रहे थे। वे साल 2001 से 2026 तक इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे थे, लेकिन हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

सुसाइड नोट में क्या लिखा?

घटनास्थल से पुलिस को एक पन्ने का सुसाइड नोट मिला है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। अपने इस अंतिम संदेश में उन्होंने लिखा कि उनकी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है।

उन्होंने आगे लिखा कि आज उन्हें अहसास हो रहा है कि राजनीति में कदम रखना ही उनके जीवन की सबसे बड़ी गलती थी। पेशे से शिक्षक रहे आशीष बनर्जी ने लिखा कि उन्होंने पूरी जिंदगी कभी गलत तरीके से एक पैसा नहीं लिया और हमेशा बच्चों को मुफ्त पढ़ाया। इसे भी पढ़ें: Ashish Banerjee का शव बीरभूम के TMC कार्यालय में फंदे से लटका मिला, सुसाइड नोट बरामद

छवि खराब करने की साजिश से थे दुखी

आशीष बनर्जी ने नोट में तारापीठ रामपुरहाट डेवलपमेंट अथॉरिटी में खुद को किनारे किए जाने और अपनी छवि खराब करने की साजिशों पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि वे कभी किसी तरह के भ्रष्टाचार में शामिल नहीं रहे, फिर भी उन्हें अपमानित किया गया। इसी निराशा में उन्होंने अपनी आने वाली पीढ़ियों को राजनीति से दूर रहने की सलाह दी। फिलहाल पुलिस ने सुसाइड नोट को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है और मामले की जांच कर रही है। इसे भी पढ़ें: समृद्ध पश्चिम बंगाल से ही पूरा होगा PM Modi का Viksit Bharat का सपना, बोले शुभेंदु अधिकारी

पांच बार विधायक और मंत्री पद की संभाली जिम्मेदारी

आशीष बनर्जी बंगाल की राजनीति का एक बड़ा नाम थे। वे रामपुरहाट से पांच बार विधायक चुने गए और ममता सरकार में विधानसभा के डिप्टी स्पीकर रहे। इसके अलावा वे कृषि और शिक्षा विभाग के मंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे। उनके इस तरह अचानक चले जाने से पूरे राजनीतिक हलके में शोक की लहर है और विभिन्न दलों के नेताओं ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया है।

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