मेकेदातु बांध: सीएम विजय ने पीएम मोदी से जल शक्ति मंत्रालय का राज्यसभा में दिया जवाब वापस लेने का आग्रह किया

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर मेकेदातु बांध परियोजना पर जल शक्ति मंत्रालय द्वारा राज्यसभा में दिए गए जवाब को वापस लेने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह कहना निराशाजनक है कि कर्नाटक के लिए तटवर्ती राज्यों की सहमति अनिवार्य नहीं है। मुख्यमंत्री ने मांग की कि परियोजना को तब तक मंजूरी न दी जाए जब तक यह कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण और उच्चतम न्यायालय के फैसलों के अनुरूप न हो।
चेन्नई, 28 जुलाई तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कहा कि राज्यसभा में केंद्र सरकार की ओर से यह कहा जाना ‘‘निराशाजनक’’ है कि प्रस्तावित मेकेदातु बांध परियोजना के संबंध में उच्चतम न्यायालय के फैसले में कर्नाटक के लिए तटवर्ती राज्यों की सहमति लेना अनिवार्य नहीं बताया गया है। मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में आग्रह किया कि जल शक्ति राज्य मंत्री द्वारा 27 जुलाई, 2026 को राज्यसभा में (अतारांकित प्रश्न संख्या 876 के) उत्तर में अंतरराज्यीय जल विवादों से जुड़े स्थापित कानूनों और कानूनी सिद्धांतों का उल्लेख किए बिना दिया गया जवाब वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि कर्नाटक-आंध्र प्रदेश आलमट्टी मामले में उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी भी परियोजना के लिए निचले तटवर्ती राज्य की सहमति पूरी तरह आवश्यक है।
विजय ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि मेकेदातु बांध परियोजना को तबतक कोई मंजूरी न दी जाए, जब तक वह कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण (सीडब्ल्यूडीटी) के फैसले और उच्चतम न्यायालय के निर्णय के अनुरूप न हो।
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