इस कार्यक्रम से भारत-पाक के रिश्ते होंगे बेहतर ! 16 जनवरी से होगा दो दिवसीय सम्मेलन

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 14, 2021   19:19
  • Like
इस कार्यक्रम से भारत-पाक के रिश्ते होंगे बेहतर ! 16 जनवरी से होगा दो दिवसीय सम्मेलन

एक बयान में कहा कि सिर्फ महिलाओं की हिस्सेदारी वाले इस वर्चुअल (ऑनलाइन) सम्मेलन में भारत और पाकिस्तान की साझा धरोहरों, महिलाओं और युवाओं की ऊर्जा तथा नये रुख को एक मंच प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

नयी दिल्ली। दक्षिण एशिया में और विशेष रूप से चिर प्रतिद्वंद्वी भारत और पाकिस्तान के बीच टिकाऊ शांति कायम करने पर विचार-विमर्श करने के लिए शनिवार से आयोजित होने जा रहे दो दिवसीय सम्मेलन में दुनियाभर से 40 से अधिक प्रख्यात महिलाएं हिस्सा लेंगी। कार्यक्रम के आयोजकों ने यह जानकारी दी। आयोजकों ने एक बयान में कहा कि सिर्फ महिलाओं की हिस्सेदारी वाले इस वर्चुअल (ऑनलाइन) सम्मेलन में भारत और पाकिस्तान की साझा धरोहरों, महिलाओं और युवाओं की ऊर्जा तथा नये रुख को एक मंच प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। 

इसे भी पढ़ें: पाकिस्तान में हिंदू मंदिर को बचाने में लापरवाही दिखाने के आरोपी 12 पुलिस अधिकारी बर्खास्त 

सम्मेलन के आयोजकों में शामिल ई-शी की संपादक एवं इसकी संस्थापक एकता कपूर ने कहा, ‘‘यह सम्मेलन राजनीतिक शक्तियां रखने वाले लोगों द्वारा खोखले वादे करने के लिए नहीं है। यह उन मेधावी लोगों के लिए है जो शांति कायम करने के लिए साथ आकर अपने क्षेत्रों में मूल्य का निर्माण करते हैं।’’ 

इसे भी पढ़ें: ब्रिटेन की संसद में हुआ कश्मीर मुद्दे पर चर्चा, पाकिस्तान के ‘झूठे दावों’ की भारत ने की निंदा 

सम्मेलन में भाग लेने वाली महिलाओं में जानी-मानी शांति कार्यकर्ता एस एलवर्दी, ब्रिटिश लेखक एलिस अल्बीनिया, लेडी श्री राम कॉलज की पूर्व प्राचार्य मीनाक्षी गोपीनाथ, पाकिस्तानी फिल्म निर्देशक मेहरीन जब्बार और लेखिका शीला रेड्डी शामिल हैं। आयोजकों ने बताया कि सम्मेलन के दौरान दोनों देशों के बीच साहित्य, कला, संस्कृति, डिजाइन, सिनेमा और युवा सक्रियता के माध्यम से शांति कायम करने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाएगी।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept