पाला बदलने वाले MPs पर Uddhav Thackeray का गुस्सा, बोले- सच्चे शिवसैनिक मेरे साथ

Uddhav Thackeray
ANI
अंकित सिंह । Jun 27 2026 1:34PM

उद्धव ठाकरे ने बागी शिवसेना (यूबीटी) सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने के बीच 'असली शिवसैनिक मेरे साथ हैं' का दावा कर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने पाला बदलने वाले सांसदों पर आरोप लगाया कि वे उनके प्रचार के कारण जीते थे और अब भ्रष्ट व बिकाऊ हैं, जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना का आंतरिक संघर्ष गहरा गया है। यह घटनाक्रम उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के लिए वफादारी और विश्वास के मुद्दों पर एक महत्वपूर्ण चुनौती प्रस्तुत करता है।

शिवसेना (UBT) में चल रही राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, पार्टी नेता उद्धव ठाकरे ने शनिवार को कहा कि असली शिवसैनिक अभी भी उनका समर्थन करते हैं। उन्होंने उन बागी सांसदों की आलोचना की जो हाल ही में शिवसेना के शिंदे गुट में शामिल हो गए थे। यवतमाल के दौरे पर पार्टी कार्यकर्ताओं से बात करते हुए ठाकरे ने बगावत पर शर्मिंदगी ज़ाहिर की और कहा कि असली शिवसैनिक मेरे साथ हैं। जहाँ तक बाकियों की बात है, आप सभी उनका बर्ताव देख ही रहे हैं। मुझे सच में शर्म आती है कि वे इतने लंबे समय तक हमारे साथ बने रहे।

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यह दौरा यवतमाल-वाशिम के सांसद संजय देशमुख के पाला बदलने के बाद हुआ; वे उन छह शिवसेना (UBT) सांसदों में से एक थे जो एकनाथ शिंदे के गुट में शामिल हो गए थे। ठाकरे ने पाला बदलने वाले सांसदों पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी सीटें सिर्फ़ उनके प्रचार और जनता के समर्थन की वजह से जीती थीं। उन्होंने कहा कि ये सांसद सिर्फ़ मेरे कहने पर चुने गए थे। अब उनमें यह कहने की हिम्मत है कि अपने चुनाव क्षेत्रों का दौरा करना बेकार है, जबकि वे चुने ही इसलिए गए थे क्योंकि मैंने उनके लिए दौरे किए थे। आज किसानों को गारंटीड न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) नहीं मिल रहा है, फिर भी इन बेकार और नए-नवेले सांसदों की कुर्सी सुरक्षित दिखती है।

उन्होंने शुक्रवार को हुई पार्टी की एक बैठक का भी ज़िक्र किया और कहा कि उसके नतीजे जल्द ही सामने आएंगे। इस दौरे पर शिवसेना (UBT) के सीनियर नेता अनिल देसाई और अरविंद सावंत भी ठाकरे के साथ थे। पत्रकारों से बात करते हुए सावंत ने सांसदों के पार्टी छोड़ने की वजहों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकसभा में हमारे नौ और राज्यसभा में दो सांसद थे। आपको ऐसी क्या परेशानी हुई कि पार्टी छोड़नी पड़ी? पार्टी ने आपके साथ कोई नाइंसाफी नहीं की थी। मीडिया ने खुलासा किया है कि उन्होंने अपने सांसद फंड का इस्तेमाल नहीं किया। वे बिकाऊ और भ्रष्ट हैं। वे महाराष्ट्र पर एक दाग हैं। देश भर में यह भ्रष्टाचार BJP ने शुरू किया है।

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सांसद अनिल देसाई ने कहा कि वोटरों ने बागी सांसदों का समर्थन इसलिए किया क्योंकि उन्हें उद्धव ठाकरे की लीडरशिप पर भरोसा था। देसाई ने कहा कि महाराष्ट्र के लोग उद्धव जी को बहुत अच्छी तरह जानते हैं। कोविड-19 के दौरान उन्होंने जिस तरह से राज्य की कमान संभाली, डॉक्टरों का साथ दिया और बाढ़ व फसल के नुकसान के समय किसानों के साथ खड़े रहे, वह लोगों के दिलों में बसा हुआ है। लोगों ने उद्धव जी की बात पर भरोसा करके ही इन सांसदों को वोट दिया था।

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