AQIS आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़, UP ATS ने तमिलनाडु से मकसूद अली को पकड़ा

उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते ने कोयंबटूर से मकसूद अली नामक युवक को आतंकी संगठन एक्यूआईएस से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार वह पाकिस्तानी हैकर्स के संपर्क में था और सोशल मीडिया ग्रुप्स के जरिए कट्टरपंथी गतिविधियों व हैकिंग टूल्स बनाने की साजिश रच रहा था।
उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने आतंकवादी संगठन अल कायदा इन इंडियन सब कांटिनेंट (एक्यूआईएस) से जुड़े होने के आरोप में एक व्यक्ति को तमिलनाडु से गिरफ्तार किया है। एटीएस के बयान के मुताबिक मकसूद अली (19) को तमिलनाडु एटीएसफ की मदद से 14 सितंबर को कोयंबटूर से गिरफ्तार किया गया। बयान में कहा गया है कि एटीएस को पहले खुफिया जानकारी मिली थी कि कुछ लोग देश-विरोधी गतिविधियों की योजना बनाने के लिए अलग-अलग सोशल मीडिया मंचों पर समूह बना रहे हैं और अल-कायदा के सदस्य अनवर अल-अवलाकी की विचारधारा से प्रभावित हो रहे हैं।
बयान में कहा गया है कि वे व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये युवाओं को भर्ती करने की कोशिश कर रहे थे ताकि उन्हें मुजाहिदीन बना सकें तथा उन्हें धन और आधुनिक हथियार चलाने का प्रशिक्षण दे सकें। बयान के अनुसार खुफिया जानकारी की पुष्टि के बाद उत्तर प्रदेश एटीएस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 152 (भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाला काम) और 61(2) (आपराधिक साजिश) तथा गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम, 1967 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। एटीएस सूत्रों के मुताबिक इस मामले के सिलसिले में 12 सितंबर को आजमगढ़ जिले के दीदारगंज इलाके के मोहम्मद नबील को भी गिरफ्तार किया गया था।
एटीएस ने बताया कि नबील से पूछताछ और जांच के दौरान मकसूद अली की भूमिका का पता चला जिसके बाद उसे कोयंबटूर से गिरफ्तार किया गया। एटीएस के अनुसार मकसूद, नबील और अन्य लोगों के साथ मिलकर देश के खिलाफ हिंसक जिहादी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश में शामिल था और वह पाकिस्तानी हैकर्स के संपर्क में आया था और ‘हैकिंग टूल्स’ बनाने की कोशिश कर रहा था। एटीएस के बयान के मुताबिक पूछताछ के दौरान मकसूद ने कथित तौर पर बताया है कि उसने इंस्टाग्राम, यूट्यूब, टेलीग्राम और विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप जैसे ऑनलाइन माध्यमों से पायथन, जावा, कोडिंग और हैकिंग सीखी थी।
बयान के अनुसार उसने कैप्टन एम नेटवर्क नामक एक एप्लिकेशन भी बनाया था, जिसका लक्ष्य एक प्लेटफॉर्म, एक मकसद — एकता, योजना और कार्रवाई है। एजेंसी का आरोप है कि नबील, मकसूद और अन्य लोग इस एप्लिकेशन के जरिये जुड़े हुए थे। एटीएस के मुताबिक मकसूद दो व्हाट्सअप अकाउंट इस्तेमाल कर रहा था और यूयू एंट्री गेट , यूनाइटेड उम्माह , गजवा-ए-हिंद , टीम ब्लैक हैट और लश्कर-ए-मेहदी जैसे ग्रुप से जुड़ा हुआ था।
एजेंसी ने बताया कि इन ग्रुप में कई पाकिस्तानी नंबर भी थे और वे कथित तौर पर पाकिस्तानी हैकर्स के नंबर भी थे। एटीएस ने कहा कि इन ग्रुप के जरिये सुरक्षित मैसेजिंग ऐप बनाने और एक साझा मंच पर बातचीत करने पर चर्चा होती थी; साथ ही इनका इस्तेमाल जिहादी और चरमपंथी सामग्री फैलाने के लिए भी किया जा रहा था। बयान के अनुसार मकसूद नबील द्वारा बनाए गए ला गालिब इल्लल्लाह नाम के व्हाट्सएप ग्रुप से भी जुड़ा था, जहां कथित तौर पर प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन एक्यूआईएस से जुड़ा साहित्य और बम बनाने के वीडियो साझा किये जाते थे।
एटीएस के एक अधिकारी ने बताया कि मकसूद को ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया गया और अदालत के सामने पेश करके आवश्यक कार्यवाही की गयी है।
अन्य न्यूज़














