Uttar Pradesh: सरकार के ‘जल जीवन मिशन’ के पाइप चोरी के मामले में दो गिरफ्तार

Two arrested
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पुलिस की एक टीम ने दो व्यक्तियों गुरमीत सिंह और नियाज अहमद को गिरफ्तार किया था, जो ‘जल जीवन मिशन’ में इस्तेमाल होने वाले लोहे के पाइप की चोरी करने में शामिल थे और उनके पास से एक ट्रक में करीब 50 डीआई पाइप बरामद किए थे।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस ने केंद्र सरकार के ‘जल जीवन मिशन’ में इस्तेमाल होने वाले पाइप की चोरी करने के मामले में कानपुर देहात जिले से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक 27 अप्रैल को चित्रकूट में पुलिस की एक टीम ने दो व्यक्तियों गुरमीत सिंह और नियाज अहमद को गिरफ्तार किया था, जो ‘जल जीवन मिशन’ में इस्तेमाल होने वाले लोहे के पाइप की चोरी करने में शामिल थे और उनके पास से एक ट्रक में करीब 50 डीआई पाइप बरामद किए थे। गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि चोरी किए गए पाइप को कानपुर देहात जिले की एक फैक्टरी में बेचा जाता है।

इसके बाद, 22 मई (सोमवार) को जब पुलिस टीम ने कानपुर देहात में एक कंपनी (रानिया औद्योगिक क्षेत्र में स्थित डिलाइट एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड) पर छापा मारा, तो उन्हें अलग-अलग लंबाई और व्यास के कई डीआई पाइप मिले। पुलिस ने कहा कि फैक्टरी के कर्मचारी और अधिकारी उन पाइपों के संबंध में कोई भी बिल या कागज पेश नहीं कर सकें। बयान में कहा गया है कि गिरफ्तार लोगों की पहचान बृजकिशोर गुप्ता (कंपनी के मालिक) और कर्मचारी श्रीगोपाल उर्फ अमन राजपूत के रूप में हुई है। पुलिस के बयान के अनुसार, ‘‘‘जल जीवन मिशन’ में उपयोग के लिए अधिकांश डीआई पाइप बुंदेलखंड के विभिन्न हिस्सों में राजमार्ग के किनारे बिना निगरानी के पड़े हुए हैं।

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इन पाइपों को चोर रात में ट्रकों पर लादते और कानपुर देहात में रनिया औद्योगिक क्षेत्र में स्थित डिलाइट एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड नामक फैक्टरी में ले जाते थे। बयान में कहा गया है, ‘‘फैक्टरी चोरों से लगभग 30 रुपये प्रति किलो कबाड़ की दर से इन नए पाइपों को खरीदती और पाइपों के उस हिस्से को काट देती जिस पर ‘जल जीवन मिशन लिखा’ हुआ होता था। इसके बाद इन पाइपों पर अपनी कंपनी का नाम लिखकर उन्हें लगभग 110 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जाता था।’’ पुलिस ने फैक्टरी के उस हिस्से को सील कर दिया हैं जहां ये पाइप रखे हुए थे।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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