Vadodara Court ने पुलिस इंस्पेक्टर के खिलाफ दिया आपराधिक कार्रवाई का आदेश

Vadodara Court ने पुलिस इंस्पेक्टर के खिलाफ दिया आपराधिक कार्रवाई का आदेश
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गुजरात में वडोदरा की एक अदालत ने गोरवा थाने के तत्कालीन पुलिस निरीक्षक के खिलाफ मारपीट के मामले में समन जारी करने का निर्देश दिया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिस थाने में हुई पिटाई के कारण उसके कान का पर्दा फट गया था। अदालत ने मामले में प्रथम दृष्टया साक्ष्य पाते हुए यह आदेश जारी किया।

वडोदरा (गुजरात), आठ नवंबर गुजरात के वडोदरा की एक अदालत ने 2024 में एक व्यक्ति के साथ कथित तौर पर मारपीट करने के मामले में तत्कालीन पुलिस निरीक्षक के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया है। इस घटना में व्यक्ति के कान का पर्दा फट गया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सुप्रिया सान्याल ने चार नवंबर को पारित अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया गोरवा थाने के तत्कालीन पुलिस निरीक्षक के. एन. लाठिया के खिलाफ मामला बनता है।

उन्होंने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की उन धाराओं के तहत लाठिया के खिलाफ समन जारी करने का निर्देश दिया, जो स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाने और जानबूझकर अपमान करने से संबंधित हैं। शिकायतकर्ता मोइन पठान के अनुसार, चार नवंबर 2024 की रात वह गुजरात के वडोदरा शहर के गोरवा इलाके में कार चला रहे थे, तभी मोटरसाइकिल पर सवार चार-पांच लोगों ने उन पर हमला कर दिया। पठान ने मदद के लिए अपने भाई मोहम्मद अहमद खान को फोन किया।

इसके बाद उनके भाई ने पुलिस नियंत्रण कक्ष में फोन किया। हालांकि, फोन करने के बावजूद मौके पर कोई पुलिस सहायता नहीं पहुंची। बाद में जब लाठिया घटनास्थल पर पहुंचे तो वह वर्दी में नहीं थे और एक निजी काली कार में आए थे।

शिकायतकर्ता के वकील दर्शन पटेल ने आरोप लगाया, ‘‘वह कार चालक और मोटरसाइकिल सवार लोगों, दोनों पक्षों को गोरवा पुलिस थाने ले गए। वहां उन्होंने दोनों शिकायतकर्ताओं (पठान और उनके भाई) की बेरहमी से पिटाई की, जिससे पठान के कान का पर्दा फट गया।’’ पठान ने घटना के अगले दिन उपचार कराया। पुलिस की कथित बर्बरता के बाद दोनों भाइयों ने लाठिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस आयुक्त, राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और गृह मंत्री से संपर्क किया।

हालांकि, कोई कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने अदालत का रुख किया। अपने बचाव में लाठिया ने कहा कि दोनों भाई नशे में थे और उनके खिलाफ शराब पीकर गाड़ी चलाने का मामला दर्ज किया गया था, जो अदालत में साबित हो चुका है। पटेल ने कहा, ‘‘अदालत ने पाया कि प्रथम दृष्टया मामला बनता है और आरोपी पुलिस निरीक्षक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने का आदेश दिया।

अदालत ने उसे समन जारी करने का भी निर्देश दिया।’’

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