दिग्गज अभिनेता Nana Patekar का गोवा में निधन, नितिन गडकरी और शरद पवार ने जताया दुख

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प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर का बृहस्पतिवार तड़के गोवा स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। उनके निधन पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, शरद पवार और अभिनेता अशोक सराफ सहित कई हस्तियों ने शोक व्यक्त करते हुए उनके अभिनय और 'नाम फाउंडेशन' के सामाजिक कार्यों को याद किया।

(फाइल फोटो के साथ) नागपुर, आठ अक्टूबर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार, जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश आमटे और फिल्म जगत की अनेक हस्तियों ने बृहस्पतिवार को दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त किया। अपनी बहुमुखी प्रतिभा और दमदार अभिनय के लिए मशहूर पाटेकर का बृहस्पतिवार तड़के गोवा स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। गडकरी ने कहा कि उनके और पाटेकर के बीच बेहद करीबी और मित्रतापूर्ण संबंध थे तथा उनके निधन की खबर से उन्हें (गडकरी) गहरा सदमा लगा है।

गडकरी ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘मैं अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। नाना और मेरे बीच बेहद करीबी और मित्रतापूर्ण संबंध थे। अपने दमदार अभिनय से नाना पाटेकर ने पांच दशक से अधिक समय तक मराठी और हिंदी फिल्मों के जरिए दर्शकों के दिलों पर राज किया।

संवाद अदायगी की उनकी एक खास शैली ने उनकी फिल्मों के कई किरदारों को अमर कर दिया और उन्हें एक अलग पहचान दी। उनका असामयिक निधन भारतीय सिनेमा के लिए बड़ी क्षति है।’’ उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में ‘नाम फाउंडेशन’ के माध्यम से जल संरक्षण और जल संचयन के लिए पाटेकर का काम उल्लेखनीय था। गडकरी ने कहा, ‘‘आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवारों को उन्होंने जो मदद दी उससे कई परिवारों की जिंदगी आसान बनी।

नाना केवल एक उत्कृष्ट कलाकार और अभिनेता ही नहीं बल्कि सामाजिक सरोकारों के प्रति बेहद संवेदनशील व्यक्ति भी थे। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।’’ जाने-माने अभिनेता अशोक सराफ ने भी पाटेकर के निधन पर शोक जताया। उन्होंने दोनों के बीच लंबे समय से रहे जुड़ाव को याद करते हुए पाटेकर को अनुशासित और स्पष्टवादी व्यक्ति बताया जो जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते थे।

सराफ ने कहा, ‘‘नाना पाटेकर मेरे बहुत करीबी मित्र थे। मुझे अब भी इस खबर पर विश्वास नहीं हो रहा है। वह स्वस्थ थे और बहुत अनुशासित जीवन जीते थे।’’ अभिनय के क्षेत्र में अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए सराफ ने कहा कि दोनों ने 1978 में ‘हमीदाबाईची कोठी’ नाटक से अपने अभिनय सफर की शुरुआत की थी।

उन्होंने कहा कि इस नाटक में पाटेकर के प्रभावशाली अभिनय ने फिल्म जगत का ध्यान उनकी ओर खींचा। सराफ ने कहा, ‘‘उन्होंने अपनी प्रतिभा से उसी समय लोगों का ध्यान आकर्षित किया था। वह स्पष्टवादी व्यक्ति थे।

जरूरतमंदों की मदद के लिए वह तुरंत आगे आते थे।’’ सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश आमटे ने कहा कि शुरू में उन्हें पाटेकर के निधन की खबर पर विश्वास नहीं हुआ और उन्होंने इसे अफवाह समझा। पाटेकर ने मराठी फिल्म ‘प्रकाशवाटा’ में प्रकाश आमटे की भूमिका निभाई थी। आमटे ने कहा, ‘‘नाना ने एक फिल्म में मेरी भूमिका निभाई थी और वह एक महीने तक हेमलकसा में रहे थे।

वह बाबा आमटे के काम से बहुत प्रभावित थे। वह मुझसे छोटे थे और यह स्वीकार करना बहुत पीड़ादायक है कि वह अब नहीं रहे।’’ राकांपा (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने कहा कि ‘नाम फाउंडेशन’ के जरिए सूखा प्रभावित लोगों की मदद में पाटेकर ने बहुत योगदान दिया, अब उनकी बहुत कमी महसूस होगी। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने पाटेकर को प्रतिभाशाली कलाकार बताया जो मुश्किल समय में हमेशा लोगों के साथ खड़े रहे।

पवार ने कहा कि पाटेकर और अभिनेता मकरंद अनासपुरे ने सूखा प्रभावित लोगों की मदद के लिए ‘नाम फाउंडेशन’ की स्थापना की थी। उन्होंने करीब पांच साल पहले महाराष्ट्र में पड़े भीषण सूखे को याद किया। पवार ने कहा, ‘‘सूखा प्रभावित लोगों की मदद में नाम फाउंडेशन का योगदान बहुत बड़ा रहा है।

जब मैंने सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा किया तो मैंने कई जगहों पर नाना से जुड़े लोगों को बेहतरीन काम करते देखा। नाना ऐसे संकट के समय लोगों के साथ खड़े रहते थे जिससे उन्हें एक अलग तरह का आत्मविश्वास मिलता था। आज निश्चित रूप से उनके नहीं होने पर कमी खलेगी।’’ उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में पिछले 50 वर्षों के दौरान उन्होंने जितने सूखे देखे उनमें यह सबसे गंभीर में से एक था और पाटेकर, अनासपुरे तथा उनके सहयोगी प्रभावित लोगों की मदद के लिए आगे आए थे।

पवार ने कहा, ‘‘आज नाना हमारे बीच नहीं हैं। महाराष्ट्र ने एक प्रतिभाशाली कलाकार और ऐसे महान व्यक्ति को खो दिया है जो संकट में फंसे लोगों की मदद के लिए तुरंत आगे आते थे। मैं और मेरे सहयोगी, मेरी पार्टी तथा हर कोई इस दुख की घड़ी में उनके परिवार के साथ है।’’ महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता आशीष शेलार ने भी पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त किया।

शेलार ने उन्हें ‘‘निर्भीक अभिनेता’’ बताते हुए कहा कि भारतीय फिल्म उद्योग ने एक संवेदनशील, प्रतिभाशाली और सच्चे कलाकार को खो दिया है। शेलार ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पाटेकर ने अपने अभिनय के जरिए मराठी और हिंदी सिनेमा पर अमिट छाप छोड़ी और रंगमंच, फिल्मों तथा सामाजिक कार्यों के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने कहा कि मध्यमवर्गीय मराठी परिवार से आने वाले पाटेकर को सिनेमा में उनके योगदान के लिए कई पुरस्कार मिले थे जिनमें दिवंगत राज कपूर के नाम पर महाराष्ट्र सरकार का ‘राज कपूर विशेष योगदान पुरस्कार’ भी शामिल है।

यह पुरस्कार उन्हें 2013 में दिया गया था। अभिनेता-निर्माता रितेश देशमुख ने कहा कि पाटेकर के निधन की खबर सुनकर उन्हें गहरा सदमा लगा है और वह इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकते। उन्होंने यह भी कहा कि अभिनय कला में उनका कोई सानी नहीं था।

देशमुख ने कहा, ‘‘मुझे उनके साथ ‘ब्लफमास्टर’ और ‘हाउसफुल 5’ में काम करने का सौभाग्य मिला लेकिन उनके साथ किसी मराठी फिल्म में काम करना मेरी हमेशा अधूरी रहने वाली इच्छा रहेगी।’’ उन्होंने पाटेकर के निधन को ‘‘वास्तव में एक युग का अंत’’ बताया और उनके परिवार, प्रियजनों तथा लाखों प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की। कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि पाटेकर में अभिनय क्षमता के अलावा प्रबल सामाजिक और राजनीतिक चेतना थी।

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