उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को Parliament में दी गई विदाई, PM मोदी समेत सांसदों ने कही यह अहम बात

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उपराष्ट्रपति को युवाओं व सांसदों के लिए प्रेरणास्रोत करार दिया। उन्होंने कहा कि वे समाज, देश और लोकतंत्र के बारे में उनसे बहुत कुछ सीख सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह देश के एक ऐसे उपराष्ट्रपति हैं, जिन्होंने अपनी सभी भूमिकाओं में हमेशा युवाओं के लिए काम किया और सदन में भी हमेशा युवा सांसदों को आगे बढ़ाया और उन्हें प्रोत्साहन दिया।

उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत तमाम वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में विदाई दी जा रही है। इसी बीच एम वेंकैया नायडू ने कहा कि हम पर उच्च सदन की बड़ी जिम्मेदारी है और पूरी दुनिया भारत को देख रही है। आपको बता दें कि एम वेंकैया नायडू का 10 अगस्त को कार्यकाल समाप्त हो रहा है और 11 अगस्त को नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ पद की शपथ लेंगे।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उपराष्ट्रपति को युवाओं व सांसदों के लिए प्रेरणास्रोत करार दिया। उन्होंने कहा कि वे समाज, देश और लोकतंत्र के बारे में उनसे बहुत कुछ सीख सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह देश के एक ऐसे उपराष्ट्रपति हैं, जिन्होंने अपनी सभी भूमिकाओं में हमेशा युवाओं के लिए काम किया और सदन में भी हमेशा युवा सांसदों को आगे बढ़ाया और उन्हें प्रोत्साहन दिया। उन्होंने कहा कि आपने देश के लिए और सदन के लिए जो कुछ किया है, उसका ऋण स्वीकार करते हुए आपको भविष्य के लिए बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

सदन में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि 19 साल तक उच्च सदन के सदस्य रहे वेंकैया नायडू ने सदन में संरक्षक की भूमिका में आने के बाद अनुशासन, संयम, गरिमा, स्नेह के भावों के साथ कार्यवाही का संचालन किया। उन्होंने कहा कि वेंकैया नायडू ने हमेशा इस बात की पैरवी की कि सभी राज्यों में उच्च सदन बनाने के लिए एक नीति बनाई जाए। इसके साथ ही सभापति ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर भी अपना सकारात्मक रुख जाहिर किया।

मातृ के प्रति वेंकैया नायडू के लगाव का जिक्र करते हुए खड़गे ने कहा कि उन्होंने सभी सांसदों को अपनी अपनी मातृ भाषाओं में अपनी बात रखने के लिए प्रोत्साहित किया, साथ ही हिंदी को भी प्राथमिकता दी।

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सरकार और विपक्ष आपस में करें बातचीत

विदाई भाषण में तृणमूल कांग्रेस के सदस्य डेरेक ओ ब्रायन ने वेंकैया नायडू के योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि उनका हमेशा जोर रहा कि किसी भी मुद्दे पर गतिरोध की स्थिति में सरकार और विपक्ष आपस में बातचीत करें। तृणमूल सदस्य ने वेंकैया नायडू से अपनी आत्मकथा लिखने का अनुरोध किया और कहा कि वह काफी रोचक होगा तथा विभिन्न मुद्दों पर उनके विचार लोगों के सामने आएंगे। उन्होंने बतौर सदस्य वेंकैया नायडू द्वारा सदन में दिए गए कुछ भाषणों का जिक्र करते हुए उनकी सराहना की और उन्हें आज भी प्रासंगिक बताया।

इस दौरान डेरेक ओ ब्रायन ने वेंकैया नायडू के बचपन से जुड़ी एक घटना का जिक्र किया, जिसे सुनकर वो भावुक हो गए। तृणमूल सदस्य ने कहा कि जब वेंकैया नायडू एक साल के थे तभी उनकी मां का एक बैल के हमले के कारण निधन हो गया था। जब डेरेक ओ ब्रायन इस घटना का जिक्र कर रहे थे, सभापति कुछ क्षणों के लिए भावुक हो गए।

लोकसभा की कार्यवाही

लोकसभा ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों को बधाई दी और इस खेल आयोजन में भाग ले रहे देश के सभी खिलाड़ियों को आगे की स्पर्धाओं के लिए शुभकामनाएं दीं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही आरंभ होने के साथ ही भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आपको यह सूचित करते हुए प्रसन्नता हो रही है कि कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने अब तक 18 स्वर्ण पदक, 15 रजत पदक और 22 कांस्य पदक जीते हैं।

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विद्युत संशोधन विधेयक स्थायी समिति को भेजने का आग्रह

केंद्रीय मंत्री आर के सिंह ने विद्युत संशोधन विधेयक 2022 पेश किया गया। जिसका विपक्षी दलों ने विरोध किया और इसे संघीय ढांचे के खिलाफ बताया। जिसके बाद केंद्रीय मंत्री आर के सिंह ने कहा कि वह इस विधेयक को विचार के लिए संसद की स्थायी समिति को भेजने का आग्रह करते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मैं इस विधेयक को विचारार्थ संसद की स्थायी समिति के समक्ष भेजने का आग्रह करता हूं।

सरकार ने लोकसभा को बताया कि सरकार और प्रवर्तन एजेंसियों ने अनधिकृत योजनाएं चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की है और इन मामलों में गिरफ्तारियां भी हुई हैं। लोकसभा में राजा अमरेश्वर नाईक, भोला सिंह, डा. सुकान्त मजुमदार, विनोद कुमार सोनकर और राजवीर सिंह के प्रश्न के लिखित उत्तर में वित्त राज्य मंत्री डा. भागवत कराड ने बताया कि सरकार और प्रवर्तन एजेंसियों ने अनधिकृत योजनाएं चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की है। सदस्यों ने पूछा था कि क्या देश के विभिन्न हिस्सों में फर्मों/कंपनियों/व्यक्तियों द्वारा आम लोगों को ठगने वाली कई पोंजी योजनाएं सरकार के संज्ञान में आई हैं और इसका ब्योरा क्या है?

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