गुलाम नबी के पद्म भूषण को लेकर कांग्रेस में छिड़ी जंग, जयराम का तंज तो सिब्बल ने पार्टी को घेरा

गुलाम नबी के पद्म भूषण को लेकर कांग्रेस में छिड़ी जंग, जयराम का तंज तो सिब्बल ने पार्टी को घेरा

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने गुलाम नबी आजाद को बधाई देते हुए पार्टी पर ही सवाल खड़े कर दिए। अपने ट्वीट में कपिल सिब्बल ने लिखा कि गुलाम नबी आजाद को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। बधाई हो भाईजान। यह विडंबना है कि कांग्रेस को उनकी सेवाओं की जरूरत नहीं है जबकि राष्ट्र सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को स्वीकार करता है।

भारत सरकार की ओर से वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद को पद्म भूषण से सम्मानित किए जाने की घोषणा के बाद कांग्रेस में ही जंग छिड़ गया है। गुलाम नबी आजाद के पुरस्कार पर कांग्रेस फिलहाल दो गुटों में बंटी हुई दिखाई दे रही है। एक ओर जहां जी-23 समूह में शामिल नेताओं ने गुलाम नबी आजाद को बधाई दी है तो वही जयराम रमेश ने उन पर कटाक्ष किया है। आपको बता दें कि गुलाम नबी आजाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे हैं। इसके अलावा वह जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। गुलाम नबी आजाद ने केंद्र की सरकारों में कई बड़े मंत्रालय संभाले हैं। सार्वजनिक मामलों में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें पद्मभूषण से नवाजा जा रहा है।


सिब्बल का पार्टी पर सवाल

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने गुलाम नबी आजाद को बधाई देते हुए पार्टी पर ही सवाल खड़े कर दिए। अपने ट्वीट में कपिल सिब्बल ने लिखा कि गुलाम नबी आजाद को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। बधाई हो भाईजान। यह विडंबना है कि कांग्रेस को उनकी सेवाओं की जरूरत नहीं है जबकि राष्ट्र सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को स्वीकार करता है। राज्यसभा में कांग्रेस के उप नेता आनंद शर्मा ने आजाद को बधाई देते हुए कहा कि जन सेवा और संसदीय लोकतंत्र में समृद्ध योगदान के लिए गुलाब नबी आजाद को यह सम्मान मिला है जिसके वह हकदार हैं। उन्हें बहुत बधाई। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी आजाद को बधाई दी। आजाद, सिब्बल, शर्मा और थरूर कांग्रेस के उस ‘जी 23’ का हिस्सा हैं जिसने साल 2020 में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कांग्रेस में आमूल-चूल परिवर्तन और जमीन पर सक्रिय संगठन की मांग की थी।

जयराम रमेश का तंज

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने आजाद पर कटाक्ष किया। रमेश ने पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य की ओर से पद्म भूषण सम्मान को अस्वीकार किए जाने को लेकर आजाद पर कटाक्ष करते हुए ट्वीट किया कि यही सही चीज थी करने के लिए। वह आजाद रहना चाहते हैं गुलाम नहीं। उधर, सिब्बल के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए असम के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता हिमंत बिस्व सरमा ने कहा, ‘‘मैं गुलाम नबी आजाद जी को कई वर्षों से जानता हूं। यह एक प्रतिष्ठित नेता, सज्जन व्यक्ति और घोर राष्ट्रवादी को दिया गया सम्मान है जिसके वह हकदार हैं। आजाद जी को पद्म भूषण प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का आभार।’’ सरमा भाजपा में शामिल होने से पहले कांग्रेस में थे।

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गुलाम नबी आजाद का बयान

गुलाम नबी आजाद ने उनके भविष्य की राजनीतिक योजनाओं को लेकर चल रही अटकलों को खारिज करते हुए कहा है कि कुछ लोग भ्रम पैदा करने के लिए ‘शरारतपूर्ण दुष्प्रचार’ कर रहे हैं। दरअसल, पद्म भूषण सम्मान की घोषणा होने के बाद कुछ खबरों में दावा किया गया कि आजाद ने अपना ट्विटर प्रोफाइल बदल लिया है। उन्होंने मंगलवार देर रात ट्वीट कर कहा, ‘‘भ्रम पैदा करने के लिए कुछ लोगों द्वारा शरारतपूर्ण दुष्प्रचार किया जा रहा है। मेरे ट्विटर प्रोफाइल से न कुछ हटा है और न ही कुछ जोड़ा गया है। प्रोफाइल आज भी वही है, जैसा पहले था।’’ आजाद के ट्विटर प्रोफाइल में कुछ नहीं लिखा हुआ है। इसमें कांग्रेस का भी कोई उल्लेख नहीं है। सरकार की ओर से मंगलवार को पद्म सम्मानों की घोषणा की गई।





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