West Bengal Bypolls: नंदीग्राम और रेजीनगर में दोपहर तीन बजे तक 70 फीसदी वोटिंग दर्ज

Prabhasakshi Image
Prabhasakshi

पश्चिम बंगाल की दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के दौरान मतदाताओं ने भारी उत्साह दिखाया। पूर्व मेदिनीपुर के नंदीग्राम में 71.79 प्रतिशत और मुर्शिदाबाद के रेजीनगर में 69.29 प्रतिशत मतदान हुआ। चुनाव आयोग के अनुसार छिटपुट घटनाओं को छोड़कर प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही।

कोलकाता, छह अक्टूबर पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीट पर मंगलवार को हो रहे उपचुनाव में अपराह्न तीन बजे तक 5.24 लाख मतदाताओं में से 70 प्रतिशत ने मतदान किया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ था और शाम छह बजे तक जारी रहेगा।

पूर्व मेदिनीपुर जिले की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर मतदान के शुरुआती आठ घंटों में 71.79 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि मुर्शिदाबाद की रेजीनगर सीट पर इसी अवधि में 69.29 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया। निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि कुछ छिटपुट अप्रिय घटनाओं को छोड़कर मतदान ज्यादातर ‘‘शांतिपूर्ण’’ रहा। अधिकारी ने कहा, ‘‘मतदान शांतिपूर्ण तरीके से हो रहा है।

दोनों विधानसभा क्षेत्रों में अच्छी संख्या में मतदाता मतदान के लिए पहुंच रहे हैं और यहां पर्याप्त संख्या में केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है।’’ निर्वाचन आयोग के अधिकारी ने बताया कि रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र में मतदान के दौरान पुलिस के साथ बहस के बाद आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख हुमायूं कबीर की गिरफ्तारी के संबंध में उन्होंने जिला निर्वाचन कार्यालय से रिपोर्ट मांगी है। नंदीग्राम सीट पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन का केंद्र रही है। इस आंदोलन ने 2011 में तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में आने का मार्ग प्रशस्त किया था।

नंदीग्राम सीट पर ही 2021 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शुभेंदु अधिकारी ने बनर्जी को हराया था। शुभेंदु अधिकारी ने 2026 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीट से जीत हासिल की थी और मुख्यमंत्री बनने के बाद भवानीपुर सीट बरकरार रखी, जिसके कारण नंदीग्राम में उपचुनाव की जरूरत पड़ी। भाजपा ने नंदीग्राम में चंद्रनाथ रथ की मां हासिरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है।

चंद्रनाथ, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी थे। विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के दो दिन बाद छह मई को चंद्रनाथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल धड़े की उम्मीदवार संचित प्रधानी डे ने शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद अपना नाम वापस ले लिया।

इसके बाद बनर्जी के पास अपना कोई उम्मीदवार नहीं बचा और उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान का समर्थन किया। उन्होंने इसे ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) को मजबूत करने की कोशिश बताया। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल के प्रतिद्वंद्वी धड़े ने मोहम्मद एतेशामुल हक को लिफाफा चुनाव चिह्न के साथ मैदान में उतारा है।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने शांतिगोपाल गिरि को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, मुर्शिदाबाद की रेजीनगर सीट उस समय खाली हुई जब 2026 के विधानसभा चुनाव में रेजीनगर और नवादा दोनों सीटों से जीतने वाले हुमायूं कबीर ने नवादा सीट बरकरार रखी। उनकी पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) ने हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी को उम्मीदवार बनाया है।

चुनाव मैदान में भाजपा के उम्मीदवार और मुर्शिदाबाद जिले के पूर्व अध्यक्ष सखराव सरकार, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल धड़े के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी, तृणमूल के प्रतिद्वंद्वी धड़े के उम्मीदवार सफीउज्जमान शेख, कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी और माकपा के सैयद असद अली शामिल हैं।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


All the updates here:

अन्य न्यूज़