West Bengal में कानूनी ढांचे में आएंगे बालू के घाट, Suvendu Adhikari का ऐलान

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पुरुलिया में एक कार्यक्रम के दौरान राज्य के सभी बालू घाटों को वैध बनाने की घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस फैसले का मुख्य उद्देश्य रंगदारी पर रोक लगाना, सरकारी राजस्व बढ़ाना और उपभोक्ताओं को सस्ती दर पर बालू उपलब्ध कराना है। साथ ही पुरुलिया के सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन की व्यवस्था इस्कॉन को सौंपने का निर्णय भी लिया गया है।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को ऐलान किया कि राज्य में बालू के सभी घाटों को एक कानूनी ढांचे में लाया जाएगा। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि उनकी सरकार किसी भी तरह की रंगदारी या गिरोह संबंधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगी। अधिकारी ने पुरुलिया में एक पेयजल परियोजना का उद्घाटन करने के बाद एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इस कदम से इस क्षेत्र को विनियमित करने, सरकारी राजस्व बढ़ाने और उपभोक्ताओं के लिए बालू की कीमतें कम करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘हम बालू के सभी घाटों को वैध बनाएंगे। वहां कोई रंगदारी, कोई गिरोह और कोई ‘कट मनी’ नहीं होगी।’’ मुख्यमंत्री ने बालू की बढ़ती कीमतों पर चिंताओं को स्वीकार करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं के तहत घर बनाने वाले लाभार्थियों को बालू के लिए 1,200 रुपये मिलेंगे। उन्होंने जनसभा में कहा, ‘‘मैं इस बात से अवगत हूं बालू की कीमत थोड़ी बढ़ गई है।
यह सच में एक समस्या है। जब आप पीएम आवास योजना या पश्चिम बंगाल आवास योजना के तहत घर बनाएंगे तो आपको बालू के लिए 1,200 रुपये मिलेंगे।’’ उन्होंने कहा कि सरकार अपनी आवास योजनाओं के तहत 30 लाख मकान मुहैया कराएगी और उनके क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार के खिलाफ चेतावनी दी। अधिकारी ने कहा, ‘‘अगर कोई आपसे एक रुपया भी मांगे तो मुझे सूचित करें।’’ उन्होंने यह भी घोषणा की कि कोलकाता की तर्ज पर पुरुलिया के सभी सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी इस्कॉन को सौंपी जाएगी।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि मध्याह्न भोजन बनाने में लगे मौजूदा रसोइयों की नौकरी बरकरार रहेगी।
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