चन्नी मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने पर जब बलबीर और गुरप्रीत ने भावुक होकर आलाकमान से पूछा, हमारा क्या कसूर था ?

चन्नी मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने पर जब बलबीर और गुरप्रीत ने भावुक होकर आलाकमान से पूछा, हमारा क्या कसूर था ?

भावुक होकर बलबीर सिंह ने कहा कि कोरोना काल में मैंने दिन रात मेहनत की, मैं आज आलाकमान से सिर्फ एक ही बात पूछना चाहता हूं कि आखिरी मेरा क्या कुसूर था ? जो मुझे मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया गया।

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के मंत्रिमंडल का पहला विस्तार हो चुका है। इस मंत्रिमंडल में कुल 15 कैबिनेट मंत्रियों को शामिल किया है। जिसमें 7 नए चेहरों को स्थान मिला हैं। वहीं कुछ पुराने मंत्रियों की छुट्टी कर ​दी गई है। इसको लेकर कुछ नेताओं ने अपनी नाराजगी व्यक्त की है। कैप्टन अमरिंदर सिंह के वफादार नेताओं में शामिल बलबीर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना दर्द बयां किया। 

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भावुक हो गए बलवीर सिंह

भावुक होकर बलबीर सिंह ने कहा कि कोरोना काल में मैंने दिन रात मेहनत की, मैं आज आलाकमान से सिर्फ एक ही बात पूछना चाहता हूं कि आखिरी मेरा क्या कुसूर था ? जो मुझे मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया गया। दरअसल, मंत्रिमंडल विस्तार से कुछ वक्त पहले बलबीर सिंह और गुरप्रीत सिंह कांगड़ ने एकसाथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए आलाकमान पर सवाल खड़े कर दिए।

जहां बलबीर सिंह ने आलाकमान से पूछा कि मेरा क्या कसूर है ? वहीं कांगड़ ने भी यही सवाल किया। कांग्रेस के पंजाब प्रभारी हरीश रावत ने कहा कि जिन्हें मंत्रिपरिषद में जगह नहीं मिली है उन्हें सरकारी संस्थाओं और संगठन में स्थान दिया जाएगा। 

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 कांगड़ ने कहा कि मैंने बिजली के क्षेत्र में दिन रात काम किया है और खस्ताहाल हो चुकी चीजों को दुरुस्त किया। इसके बावजूद मेरा साथ अन्याय हुआ है। आपको बता दें कि कैप्टन अमरिंदर के मंत्रिमंडल में बलवीर सिंह को स्वास्थ्य विभाग और कांगड़ को बिजली विभाग का जिम्मा था।





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