केंद्रीय मंत्री और सांसद कब हो सकते हैं गिरफ्तार? जानिए क्या कहते हैं नियम

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अंकित सिंह । Aug 25, 2021 3:12PM
दिवंगत मुरासोली मारन और टीआर बालू को जून 2001 में एक नाटकीय घटनाक्रम में चेन्नई पुलिस ने आधी रात को गिरफ्तार किया था।

केंद्रीय मंत्री नारायण राणे की गिरफ्तारी के बाद से इस बात की चर्चा खूब है कि क्या इस तरह से किसी मंत्री को गिरफ्तार किया जा सकता है? इसी को लेकर लोकसभा के पूर्व महासचिव पीडीटी आचार्य ने अपना बयान दिया है। पीडीटी आचार्य ने कहा है कि एक केंद्रीय मंत्री को आपराधिक मामलों में गिरफ्तारी से कोई छूट नहीं होती है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सिविल मामलों में उन्हें गिरफ्तारी से छूट रहती है और संसद सत्र के 40 दिन पहले और उसके दौरान और 40 दिन बाद उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है। वहीं, दूसरी ओर नियम पुस्तिका में ऐसा कुछ भी नहीं है जो यह बतलाता है कि आपराधिक मामलों में मंत्री को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता।

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उन्होंने यह भी कहा कि सदन का नियम तो यह है कि गिरफ्तार व्यक्ति जिस सदन का सदस्य हो उसकी गिरफ्तारी को लेकर पीठासीन अधिकारी को सूचित किया जाना चाहिए। यह जानकारी तब संसद के बुलेटिन में अधिसूचित की जाती है अगर संसद ना चल रहा हो। लेकिन अगर संसद चल रहा है तो इसे सदन को सूचित किया जाता है। उन्होंने कहा कि नियम का एकमात्र अपवाद यह है कि जब किसी सदस्य या मंत्री को संसद परिसर से गिरफ्तार किया जाता है, तो उस स्थिति में कुर्सी की अनुमति लेनी होगी। 

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उन्होंने यह भी कहा कि संविधान के तहत दीवानी और फौजदारी दोनों ही मामलों में गिरफ्तारी से छूट केवल राष्ट्रपति और राज्यपालों को मिलती है जिन्हें पद पर रहते हुए अपराधिक मामलों में गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। कोई भी कार्रवाई यहां तक कि आपराधिक मामलों में भी उनके पद छोड़ने के बाद ही शुरू की जा सकती है। आपको बता दें कि नारायण राणे पिछले 20 वर्षों में किसी राज्य की पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने वाले पहले कैबिनेट मंत्री हैं। अब तक के इतिहास में देखें तो नारायण राणे से पहले दो और केंद्रीय मंत्री को गिरफ्तार किया गया है। दिवंगत मुरासोली मारन और टीआर बालू को जून 2001 में एक नाटकीय घटनाक्रम में चेन्नई पुलिस ने आधी रात को गिरफ्तार किया था। 

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