क्या स्वीकार हो जाएगा सिद्धू का इस्तीफा ? मुलाकात से पहले पंजाब कांग्रेस प्रमुख ने समझौता नहीं करने की बात कही

क्या स्वीकार हो जाएगा सिद्धू का इस्तीफा ? मुलाकात से पहले पंजाब कांग्रेस प्रमुख ने समझौता नहीं करने की बात कही

सिद्धू और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच आखिरी 28 सितंबर को बैठक हुई थी। इसके बाद गुरुवार को सिद्धू संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से मिलने वाले हैं। इस दौरान पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत से भी मिलने की संभावना है।

चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में जारी अंतर्कलह समाप्त होने का नाम ही नहीं ले रही है। इसी बीच पंजाब कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू गुरुवार को पार्टी आलाकमान से मुलाकात करने वाले हैं। हालांकि उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वो कभी भी समझौता नहीं करेंगे। सिद्धू ने कहा कि जो लोग पंजाब के लिए उनके प्यार को समझते हैं वे कभी उन पर कोई आरोप नहीं लगाएंगे। 

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आपको बता दें कि सिद्धू और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच आखिरी 28 सितंबर को बैठक हुई थी। इसके बाद गुरुवार को सिद्धू संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से मिलने वाले हैं। इस दौरान पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत से भी मिलने की संभावना है।

क्या सिद्धू के सामने घुटने टेक देगी कांग्रेस ?

मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी सहित सहयोगियों के साथ अपने निरंतर मतभेदों के मद्देनजर पंजाब कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू ने पद से इस्तीफा दे दिया था जिसे अभी तक स्वीकार नहीं किया गया था लेकिन माना जा रहा है कि कांग्रेस अब जल्द ही उनका इस्तीफा स्वीकार कर सकती है।  

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सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कांग्रेस ने संभावित उम्मीदवार की तलाश शुरू कर दी है। कांग्रेस अगर सिद्धू के इस्तीफे को स्वीकार कर लेती है तो पिछले कुछ वक्त से चल रहे सियासी उठापटक के बीच में यह नया मोड़ होगा।

मुलाकात से पहले सिद्धू ने कहा कि मुझे पंजाब से इश्क है और जो इसे समझते हैं वो कभी मुझ पर कोई आरोप नहीं लगाएंगे। हर जगह मेरी प्रतिभा को नजरअंदाज किया गया। राजनीति में 5 को 50 बनाया जा सकता है और 50 को शून्य में बदला जा सकता है। 

भले ही सिद्धू खुद को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते रहे लेकिन उन्हीं के साथ मचे विवाद के बाद ही कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया और फिर एक दलित नेता को प्रदेश की कमान सौंपी गई। लेकिन कुछ वक्त बाद सिद्धू को चरणजीत सिंह चन्नी से भी दिक्कतें होने लगीं और उन्होंने उनके लिए अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल किया। जिसका वीडियो सामने आने पर अकाली दल ने निशाना भी साधा। 





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