• गलवान गतिरोध पर राजनाथ बोले, हम चाहते हैं शांति लेकिन किसी भी घटना के लिए तैयार

अंकित सिंह Jun 25, 2021 11:20

राजनाथ ने आगे कहा कि अगले साल स्वदेशी विमान वाहक(IAC) की कमीशनिंग भारत की आज़ादी के 75 साल के लिए एक उचित श्रद्धांजलि होगी। IAC में डिजाइन से लेकर निर्माण में इस्तेमाल होने वाले स्टील से लेकर प्रमुख हथियारों और सेंसर तक लगभग 75% स्वदेशी सामग्री है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कोच्चि में दक्षिणी नौसेना कमान का दौरा किया। इसके साथ ही राजनाथ सिंह स्वदेशी विमान वाहक (आईएसी) पर अपनी यात्रा के लिए पहुंचे, जो भारतीय नौसेना द्वारा निर्माण के उन्नत चरणों में है। इस अवसर पर राजनाथ ने कहा कि स्वदेशी विमान वाहक(IAC) पर किए गए काम का प्रत्यक्ष रूप से जायज़ा लेना खुशी की बात है, ये भारत का गर्व और आत्मनिर्भर भारत का एक चमकता हुआ उदाहरण है। इस प्रोजेक्ट को NDA सरकार ने अनुमति दी थी और हाल में कोरोना के बावजूद इसमें काफी प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि  भारत का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत अगले साल नौसेना के बेड़े में शामिल किया जाएगा। 

राजनाथ ने आगे कहा कि अगले साल स्वदेशी विमान वाहक(IAC) की कमीशनिंग भारत की आज़ादी के 75 साल के लिए एक उचित श्रद्धांजलि होगी। IAC में डिजाइन से लेकर निर्माण में इस्तेमाल होने वाले स्टील से लेकर प्रमुख हथियारों और सेंसर तक लगभग 75% स्वदेशी सामग्री है। उन्होंने कहा कि गलवान गतिरोध के दौरान नौसेना की सक्रिय अग्रिम तैनाती ने हमारे इरादे का संकेत दिया कि हम शांति चाहते हैं लेकिन किसी भी घटना के लिए तैयार हैं। अगले साल स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर की कमीशनिंग भारत की आजादी के 75 साल पूरे होंगे। विमानवाहक पोत की लड़ाकू पहुंच देश की रक्षा में जबरदस्त क्षमताएं जोड़ेगी और समुद्री क्षेत्र में भारत के हित को सुरक्षित करने में मदद करेगी।